Wednesday, February 28, 2024
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प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित- सुब्रत कुमार सेन, जिलाधिकारी

ध्रुव कुमार सिंह, मुज़फ्फरपुर, बिहार, 

जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में मुजफ्फरपुर समाहरणालय में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना को लेकर संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक किया गया। बैठक में श्री सेन ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है। इस योजना के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय और वित्तीय सेवा विभाग, वित्त मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संयुक्त रूप से लागू किया गया है। वैसे कारीगरों एवं शिल्पकारों को लाभ प्रदान करता है, जो या तो स्वःनियोजित है या अपने स्वयं के लधु उद्यम स्थापित करने की इच्छा रखते हैं। योजना का चरणबद्ध तरीके से ग्रामीण और शहीर क्षेत्र में लागु किया जाना है। मुख्य रूप से महिलाओं और अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जन जातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग, विशेष रूप से सक्षम, ट्रांसजेण्डर संबंधित लोगों को बढ़ावा देना है। बीमा, पेंशन और स्वास्थ्य का लाभ उठाने के लिए जागरूकता को बढ़ावा दिया जायेगा। परम्परागत तरीके से काम कर रहे कारीगारों और शिल्पकारों को योजना के तहत लकड़ी अधारित, लोहा और धातु आधारित, सोना/चाॅदी आधारित, मिट्टी आधारित, स्टोन आधारित, चमड़ा आधारित निर्माण एवं अन्य शामिल किया गया है। योजना के लिए पंजीकरण करते समय उम्र कम से कम 18 वर्ष हो। एक परिवार में केवल एक व्यक्ति ही योजना का लाभ उठा सकते हैं। कोई भी व्यक्ति PMEGP, PM मुद्रा योजना, पीएम स्व निधि योजना आदि जैसे का लाभ पिछले 05 वर्षो में नहीं लिया है, वें प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में आवेदन कर सकते हैं। जो लाभार्थी योजना के तहत अपना श्रण स्वीकृति पूरी तरह से चुकता कर दिया हो और उनके परिवार का कोई भी व्यक्ति सरकारी सेवा में नहीं हो वे प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का लाभ ले सकते हैं। पंजीकरण के लिए आधार, मोबाईल नम्बर, बैंक विवरण और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। लाभार्थियों को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और पहचान पत्र डिजिटल के साथ भौतिक रूप से भी प्रदान किये जायेंगे। लाभार्थियों को बुनियादी प्रशिक्षण दिया जायेगा। चयनित लाभार्थियों को 15 दिन या उससे अधिक प्रशिक्षण दिया जायेगा। उम्मीदवारों को NSQF (National Qualification Framework) प्रमाणन प्रदान किया जायेगा और मजदूरी मुआवजा के रूप में 500 रुपए प्रतिदिन प्रदान की जाएगी। टूलकिट खरीदने के लिए लाभार्थी को 15000 रुपए प्रदान किये जायेंगे। लाभार्थियों को Collateral free  उद्यम विकास ऋण रूप में पहली किस्त 18 महीने में दूसरी किस्त 30 महीने में सहायता प्रदान की जाएगी। लाभार्थियों को ब्याज रियायती दर पर होगा। योजना के तहत प्रति डिजिटल लेन-देन पर इंसेंटिव प्रदान किया जायेगा, जो डीबीटी के माध्यम से लाभुक के खाता में जमा किया जायेगा। जिला जनसम्पर्क अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि पंजीकरण सामान्य सेवा केन्द्रों के माध्यम से आवेदन मांग कर या आधार आधारित बायो मैट्रिक प्रमाणित प्रधानमंत्री विश्वकर्मा पोर्टल के माध्यम से आॅनलाईन आवेदन किया जायेगा। आवेदक लिंक www.pmvishwakarma.gov.in  पर पंजीकरण करा सकते हैं। लाभार्थियों को पंजीकरण के लिए सत्यापन ग्रामीण स्तर पर मुखिया एवं नगर निकाय के लिए कार्यपालक पदाधिकारी जिला को आवेदन की उचित जांच और सिफारीश सुनिश्चित करेगी। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लिए जिले में अब तक 19297 आवेदन प्राप्त हुए है। अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नम्बर 18002677777/180003456214 पर सम्पर्क करें।

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