Friday, February 23, 2024
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ए टूल फॉर सोशल ट्रांसफॉर्मेशन एंड जस्टिस”  विषय पर व्याख्यान आयोजित

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर,  

रामवृक्ष बेनीपुरी महिला महाविद्यालय में “कान्सटीट्युशनल मोरालिटी: ए टूल फॉर सोशल ट्रांसफॉर्मेशन एंड जस्टिस”  विषय पर व्याख्यान आयोजित

रामवृक्ष बेनीपुरी महिला महाविद्यालय में “कान्सटीट्युशनल मोरालिटी: ए टूल फॉर सोशल ट्रांसफॉर्मेशन एंड जस्टिस विषय पर आयोजित व्याख्यान में असम के तेजपुर यूनिवर्सिटी के विधि विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.प्रिय रंजन ने छात्राओं को भारतीय संविधान की विशेषताएँ बतायी. उन्होंने कैसे समय-समय पर हमारी नैतिकता क़ानून के दायरे में आती है और उस पर क़ानून बनाये जाते हैं, इसकी विस्तृत चर्चा की। महिलाओं को समानता का अधिकार कैसे मिला, मेंटेनेंस पर शाहबानो केस का उदाहरण देकर विस्तार से बताया । उन्होंने कहा की आज देश में लिव इन रिलेशनशिप को मान्यता तो दी पर उसके लिये दायरे भी तय किये गये। समय के साथ क़ानून में संशोधन किए गये जो बदलते वक़्त की ज़रूरत है। बुजुर्ग माँ-बाप का भरण पोषण नैतिकता है, पर जब उसे लोग नकारने लगे तो कानून लाकर इसे आवश्यक बनाया गया। उन्होंने एडल्ट्री पर भी बने नये कानून की व्याख्या करते हुए कहा कि कोई भी अधिकार  ज़िम्मेदारी से बंधा होता है और उसे पाने के लिए कुछ शर्तें, कुछ कर्तव्य करने होते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को बचाने  के लिए भी क़ानून को लाना पड़ा क्योंकि ये अनेक लोगों के जीवन के अधिकार से जुड़ा है। नैतिकता से जुड़े मसले पर कानून बनाना एक इवोल्यूशनरी प्रक्रिया है. इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ.ममता रानी ने कहा कि अधिकार को जानना ज़रूरी है साथ ही अपने दायित्वों को भी जाने।जीवन में नैतिकता के मसले पर चाहे सजा का प्रावधान नहीं हो पर अपने  आत्मा के आगे आप ख़ुद को दोषी मानने लगते हैं।अतः ज़रूरी है कि जीवन में जो परंपरागत  नैतिकता है, उसका पालन करें। राजनीति शास्त्र की विभागाध्यक्ष डॉ.मधु सिंह ने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि जो काम अनैतिक है ,चाहे उसके लिए सजा ना हो पर नैतिकता के आधार पर ऐसे काम ना करें। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रूपम ने किया। कार्यक्रम में डॉ.रामेश्वर राय, डॉ.विदिशा, डॉ.रेनुबला, डॉ.सुनीता, डॉ.रेशमा, डॉ.अभय, डॉ. अनिमा, डॉ.दिव्या, डॉ.विनीता, डॉ.पूजा शेखर, डॉ.मंजुल श्री, डॉ.मीनू आदि उपस्थित दे। व्याख्यान के दौरान छात्राओं से संविधान की प्रस्तावना  और सोशल मीडिया, चैट GTP आदि पर पूछे गए प्रश्नों पर जवाब देने वालों में मुख्य रूप से सौम्या श्री, पलक, प्रशंसा, नाहिदा, दृष्टि और कंचन को  पुरस्कृत किया गया.

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