Thursday, February 29, 2024
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मुख्यमंत्री ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द के जन्मदिन राष्ट्रीय खेल दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की

मुख्यमंत्री ने  झांसी में 2,009 करोड़ रु0 की लागत की
100 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया
मुख्यमंत्री   ने 9.65 करोड़ रु0 की लागत से राजकीय जिला
पुस्तकालय में नवनिर्मित आधुनिक लाइब्रेरी का उद्घाटन किया
रानी लक्ष्मीबाई पार्क में 19.7 करोड़ रु0 की लागत से 600 वर्ग मीटर में
तैयार मेजर ध्यानचन्द डिजिटल हॉकी संग्रहालय का उद्घाटन किया
मेजर ध्यानचन्द की 25 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया
मुख्यमंत्री द्वारा झांसी पर्यटन विकास हेतु तैयार की गई
पुस्तक ‘‘गांव-गांव की गौरव गाथा’’ का विमोचन किया गया
मुख्यमंत्री ने एकलव्य क्रीड़ा कोष के तहत 125 खिलाड़ियों को फेलोशिप तथा फिटनेस और उपकरण क्रय हेतु 32.50 लाख रु0 की धनराशि उनके खातों में हस्तान्तरित की
प्रधानमंत्री जी ने भारत के सर्वोच्च खेल पुरस्कार को मेजर ध्यानचन्द को समर्पित किया
प्रदेश सरकार राज्य की पहली खेल यूनिवर्सिटी
जनपद मेरठ में मेजर ध्यानचन्द के नाम पर बना रही
बुन्देलखण्ड की झांसी की धरती वीर और वीरांगनाओं की धरती रही,
महारानी लक्ष्मीबाई के नाम से आज सभी गौरवान्वित महसूस करते हैं
स्मार्ट सिटी मिशन के अन्तर्गत झांसी में बनी लाइब्रेरी
मिशन की सफलता को नया आयाम प्रदान करती है
बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सिंचाई की अनेक परियोजनाओं को पूरा किया गया है
बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे आज बुन्देलखण्ड के विकास को नई ऊंचाइयां प्रदान कर रहा
डिफेंस कॉरिडोर तथा बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के साथ ही जब यहां औद्योगिक गलियारा बन जाएगा, तब दुनिया कार्य करने के लिए झांसी और बुन्देलखण्ड में आएगी
बुन्देलखण्ड पहला क्षेत्र होगा, जहां दो-दो एयरपोर्ट होंगे, एक एयरपोर्ट झांसी में और एक एयरपोर्ट चित्रकूट में, जनपद ललितपुर में फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा

लखनऊ:

मुख्यमंत्री ने हॉकी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आज हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द का जन्मदिन है। उनके जन्म दिवस को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत के राष्ट्रीय खेल हॉकी में वर्ष 1928, 1932 तथा 1936 के ओलम्पिक में गोल्ड मेडल दिलाने वाले मेजर ध्यानचन्द एक उत्कृष्ट खिलाड़ी थे। उनके मन में भारत माता के प्रति अपार सम्मान का भाव था। हर भारतीय मेजर ध्यानचन्द का नाम श्रद्धा और सम्मान के साथ लेता है। झांसी की धरती का यह सौभाग्य है कि इस धरती से मेजर ध्यानचन्द का आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने इस धरती के माध्यम से राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति अर्जित की।
मुख्यमंत्री  झांसी में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मेजर ध्यानचन्द स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में 2,009 करोड़ रुपये की लागत की 100 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के उपरान्त अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
इसके पूर्व, मुख्यमंत्री   ने 9.65 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय जिला पुस्तकालय में नवनिर्मित आधुनिक लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। उन्होंने लाइब्रेरी का निरीक्षण करते हुए अध्ययनरत बच्चों से संवाद स्थापित करते हुए उन्हें चॉकलेट और मिठाइयां वितरित कीं। मुख्यमंत्री जी ने रानी लक्ष्मीबाई पार्क में 19.7 करोड़ रुपए की लागत से 600 वर्ग मीटर में तैयार मेजर ध्यानचन्द डिजिटल हॉकी संग्रहालय का भी उद्घाटन किया। उन्होंने हॉकी म्यूजियम में मेजर ध्यानचन्द की स्मृतियों और जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने मेजर ध्यानचन्द की 25 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण भी किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री   द्वारा झांसी पर्यटन विकास हेतु तैयार की गई पुस्तक ‘‘गांव-गांव की गौरव गाथा’’ का विमोचन किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जी को राष्ट्रीय व राज्य स्त्री पुरस्कार से सम्मानित जल सहेली श्रीमती गीता देवी तथा ग्राम प्रधान श्रीमती रजनी आर्य देवी ने राखी बांधी। इस अवसर पर झांसी जिला प्रशासन द्वारा जल संरक्षण कार्यों पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री जी ने हॉकी खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर हॉकी मैच का शुभारम्भ किया।
मुख्यमंत्री  ने पूर्व ओलंपियन खिलाड़ियों श्री गुरु बक्श, श्री अशोक कुमार ध्यानचंद, श्री ओंकार सिंह, श्री विनीत कुमार शर्मा, श्री रोमियो जेम्स, श्री अशोक दीवान, श्री आर0पी0 सिंह, श्री अब्दुल अजीज, श्री वीरेंद्र सिंह, श्री सुबोध खांडेकर, श्री जानेशेर खान, श्री हसरत कुरैशी और श्री परमजीत सिंह को स्मृति चिन्ह और शाल भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने पूर्व खिलाड़ियों को युवाओं के प्रशिक्षण हेतु रखे जाने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री जी ने एकलव्य क्रीड़ा कोष के तहत 125 खिलाड़ियों को फेलोशिप तथा फिटनेस और उपकरण क्रय हेतु 32 लाख 35 हजार रुपये की धनराशि उनके खातों में हस्तान्तरित की।
मुख्यमंत्री   ने भारत माता के महान सपूत तथा हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द की स्मृतियों को नमन करते हुए प्रदेश सरकार तथा प्रदेशवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि जब वर्ष 1936 में भारत ने ओलम्पिक में गोल्ड मेडल जीता, तब जर्मनी के चांसलर ने मेजर ध्यानचन्द को जर्मनी की नागरिकता देने और कर्नल की उपाधि से सम्मानित करने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन हॉकी के जादूगर ने इस प्रस्ताव को ठुकरा कर भारत के प्रति अपने अनुराग को व्यक्त किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत के सर्वोच्च खेल पुरस्कार को मेजर ध्यानचन्द को समर्पित किया है। प्रदेश सरकार राज्य की पहली खेल यूनिवर्सिटी जनपद मेरठ में मेजर ध्यानचन्द के नाम पर बना रही है।
मुख्यमंत्री   ने कहा कि बुन्देलखण्ड की झांसी की धरती वीर और वीरांगनाओं की धरती रही है। महारानी लक्ष्मीबाई के नाम से आज भी सभी गौरवान्वित महसूस करते हैं। आज यहां जनपद झांसी के विकास से जुड़ी करोड़ों रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम भी सम्पन्न हुआ है। यहां के जनप्रतिनिधियों ने समय-समय पर झांसी के विकास के लिए जो मांग की, उन सभी कार्यक्रमों का शिलान्यास और उद्घाटन का कार्यक्रम आज सम्पन्न हुआ है।
मुख्यमंत्री  ने अन्तरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने एकलव्य क्रीडा कोष की स्थापना की है। आज यहां वर्ष 2023-24 के लिए 125 राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को फेलोशिप के रूप में 32 लाख 35 हजार रुपये की धनराशि उनके खाते में डी0बी0टी0 के माध्यम से अन्तरित की गयी है।
मुख्यमंत्री   ने कहा कि आज यहां लोकार्पित और शिलान्यास की जा रही परियोजनाओं में से कुछ परियोजनाओं का उन्होंने निकट से अवलोकन किया है। अभी उन्होंने स्मार्ट सिटी मिशन के अन्तर्गत झांसी में बनी हुई लाइब्रेरी का निरीक्षण किया है। सभी विद्यार्थियों तथा नौजवानों को लाइब्रेरी में एक बार अवश्य जाना चाहिए। स्मार्ट सिटी मिशन प्रधानमंत्री जी का मिशन है। यह लाइब्रेरी स्मार्ट सिटी मिशन की सफलता को एक नया आयाम प्रदान करती है। यहां पर मेजर ध्यानचन्द की स्मृतियों पर आधारित म्यूजियम भी बनाया गया है। यह म्यूजियम मेजर ध्यानचन्द के प्रति समर्पण के भाव का प्रतीक है। सभी युवाओं तथा खिलाड़ियों को इस म्यूजियम को अवश्य देखना चाहिए।
मुख्यमंत्री   ने कहा कि आज बुन्देलखण्ड विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। जब वे पहली बार मुख्यमंत्री बने थे, तो प्रधानमंत्री जी ने उनसे बुन्देलखण्ड की यात्रा करने के लिए कहा था। जब वे बुन्देलखण्ड आये तो यहां के जनप्रतिनिधियों ने उन्हें अवगत कराया कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में कनेक्टिविटी तथा पानी की समस्या है। आज यह प्रसन्नता का विषय है कि जल जीवन मिशन के अन्तर्गत हर घर नल योजना प्रभावी रूप से क्रियान्वित हो रही है। कुछ ही दिनों में हर घर तक आर0ओ0 का पानी पहुंचाने में हम सफल होंगे। इसके साथ ही बुन्देलखण्ड का एक सपना साकार हो जाएगा। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सिंचाई की अनेक परियोजनाओं को पूरा किया गया है।
मुख्यमंत्री   ने कहा कि बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे आज बुन्देलखण्ड के विकास को नई ऊंचाइयां प्रदान कर रहा है। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की यह भूमि आज डिफेंस कॉरिडोर के कार्यों से भी जानी जा रही है। डिफेंस कॉरिडोर के अन्तर्गत झांसी में भारत डायनामिक्स की यूनिट स्थापित हो रही है। डिफेंस कॉरिडोर का एक नोड झांसी में तथा एक नोड चित्रकूट में विकसित हो रहा है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए 38 हजार एकड़ क्षेत्रफल में नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर एक नए कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। यह परियोजना 8,000 करोड़ रुपये लागत की है, जिसके लिए 6,000 करोड रुपये निर्गत किये जा चुके हैं। इसके अन्तर्गत यहां औद्योगिक गलियारा बनाया जाएगा।
डिफेंस कॉरिडोर तथा बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के साथ ही जब यहां औद्योगिक गलियारा बन जाएगा, तब दुनिया कार्य करने के लिए झांसी और बुन्देलखण्ड में आएगी। यह स्थान नौकरी और रोजगार के एक नए हब के रूप में स्थापित होगा। इस क्षेत्र के एक ओर बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे है और दूसरी तरफ कानपुर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग है। इनके मध्य में एक नया एयरपोर्ट भी विकसित किया जाएगा। यह झांसी के विकास को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा। बुन्देलखण्ड पहला क्षेत्र होगा, जहां दो-दो एयरपोर्ट होंगे, एक एयरपोर्ट झांसी में और एक एयरपोर्ट चित्रकूट में। जनपद ललितपुर में फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री   ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की मंशा थी कि बुन्देलखण्ड विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करे। यहां के जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से आज यह संभव हो रहा है। बुन्देलखण्ड की माताओं, बहनों, युवाओं तथा किसानों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजी गई योजनाओं को शासन द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी जाती है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि आज वे बुन्देलखण्ड, महारानी लक्ष्मीबाई और मेजर ध्यानचन्द की पावन धरा को नमन करने के लिए आये हैं। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर अपने सभी खिलाड़ियों का भी अभिनंदन करने के लिए वे यहां आये हैं। इन खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के गौरव को बढ़ाने का कार्य किया है। खेल सचिव श्री सुहास एल0वाई0 एक ओलम्पिक खिलाड़ी हैं। टोक्यो पैरालम्पिक में इन्होंने भारत के लिए रजत पदक जीता था। खेल निदेशक श्री आर0पी0 सिंह भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सभी पूर्व अन्तरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को उत्तर प्रदेश की विभिन्न टीमों में कोच के रूप में हिस्सा बना कर प्रदेश सरकार के साथ जुड़ने तथा नवोदित खिलाड़ियों के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। डबल इंजन की सरकार खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
इस अवसर पर केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री श्री भानु प्रताप सिंह वर्मा, उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति श्री कुँवर मानवेन्द्र सिंह, जलशक्ति मंत्री श्री स्वतंत्रदेव सिंह, श्रम एवं सेवायोजन राज्य मंत्री श्री मनोहर लाल ‘मन्नू कोरी’ सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना श्री संजय प्रसाद, स्पेशल डी0जी0 कानून-व्यवस्था श्री प्रशान्त कुमार सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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