Monday, April 15, 2024
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मुख्यमंत्री ने   उ0प्र0 कैडर के प्रशिक्षु अधिकारियों से संवाद किया

 
प्रशिक्षु अधिकारियों को सफल कैरियर के लिए संवाद,
समन्वय और सकारात्मकता का मंत्र दिया
 
उ0प्र0 जैसे बड़े राज्य के प्रशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनना,
चुनौतियों से भरा, यह चुनौतियां ही अधिकारियों के व्यक्तित्व को निखारेंगी
 
अधिकारियों के मन में जनहित का भाव होना चाहिए, फील्ड में तैनाती के दौरान जनता से जितना बेहतर कनेक्ट रखेंगे तथा मेरिट के आधार पर निर्णय लेने की जितनी अच्छी क्षमता होगी, उतना ही लोग अधिकारियों को याद रखेंगे
 
यदि ठीक से संवाद हो तो हर समस्या का समाधान हो जाता है
 
उ0प्र0 जैसे विशाल राज्य के हर जनपद की अपनी चुनौतियां, प्रशासनिक अधिकारी
के रूप में इन्हें समझना और इनका सामना करना अधिकारियों का दायित्व

लखनऊ:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने अपने सरकारी आवास पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आई0ए0एस0) के वर्ष 2021 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के प्रशिक्षु अधिकारियों से संवाद किया। उन्होंने आई0ए0एस0 में शामिल हुए युवा अधिकारियों को सफल कैरियर के लिए संवाद, समन्वय और सकारात्मकता का मंत्र देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के प्रशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनना, चुनौतियों से भरा है। यह चुनौतियां ही आपके व्यक्तित्व को निखारेंगी।
आई0ए0एस0 अधिकारी के रूप में आप सभी को ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट से लेकर शासन के शीर्ष पदों पर काम करने तथा नीतियां बनाने का दायित्व मिलेगा। ऐसे में आपके मन में जनहित का भाव होना चाहिए। सेवा के शुरुआती 05-06 वर्ष में आपके काम करने की दिशा आने वाले 30-35 वर्षों के लिए आपके कॅरियर की राह तय करने वाली होगी। फील्ड में तैनाती के दौरान जनता से जितना बेहतर कनेक्ट रखेंगे तथा मेरिट के आधार पर निर्णय लेने की जितनी अच्छी क्षमता होगी, उतना ही लोग आपको याद रखेंगे। इसलिए अपनी मेधा और प्रतिभा का बेहतर इस्तेमाल कीजिए। सकारात्मक भाव के साथ काम करें और जनविश्वास अर्जित करें। उन्होंने कहा कि स्थानान्तरण के समय यदि लोग आपके जाने से दुःखी होते हैं तो समझ लीजिए आप सही दिशा में हैं।
प्रदेश के अनेक घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ट्रेनिंग के बाद जब आप ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट के रूप में पहली तैनाती पाएंगे तो वहां राजस्व के मामले भी आएंगे और कानून-व्यवस्था भी संभालने का अवसर होगा। आज राजस्व के लाखों मामले लंबित हैं, लोगों को त्वरित न्याय का इंतज़ार है। आप उनकी अपेक्षा पूरी कर सकते हैं। कानून-व्यवस्था के मामलों में संवाद की महत्ता बताते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बड़ी से बड़ी भीड़, कितनी भी आक्रोशित क्यों न हो, यदि ठीक से संवाद हो तो हर समस्या का समाधान हो जाता है।
अयोध्या, कानपुर, हरदोई, रायबरेली, मुरादाबाद, आगरा, सहारनपुर, आमजमगढ़, झांसी, मथुरा गोरखपुर, वाराणसी आदि जिलों में बी0डी0ओ0, उपजिलाधिकारी, सी0डी0पी0ओ0 जैसे पदों पर तैनाती के साथ फील्ड का अनुभव लेकर आई0ए0एस0 के फेज-दो के प्रशिक्षण के लिए तैयार अधिकारियों ने संवाद के दौरान अपने अनुभव भी साझा किए। युवा अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों की चुनौतियों के बारे में मुख्यमंत्री जी को बताया, साथ ही, अपने द्वारा किए गए नवाचारों से भी अवगत कराया।
मुख्यमंत्री जी ने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों के अनुभवों को आगे के कार्यकाल के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि 25 करोड़ की आबादी, 18 मण्डलों और 75 जनपदों वाले इस विशाल राज्य के हर जनपद की अपनी चुनौतियां हैं। प्रशासनिक अधिकारी के रूप में इन्हें समझना और इनका सामना करना आपका दायित्व है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आई0ए0एस0 अधिकारी के रूप में आपके पास आमजन के जीवन में बदलाव लाने का एक अच्छा मौका है, इसका सदुपयोग करना चाहिए।
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