Monday, April 15, 2024
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देश की स्वतंत्रता में आदिवासी समाज का योगदान अतुलनीय- हरीश दुआ

-ग्राम पावटी में मनाया आदिवासी दिवस
नीमच। भारत देश की स्वतंत्रता में आदिवासी समाज का योगदान अतुलनीय है। आदिवासी क्रांतिकारी भगवान बिरसा मुंडा, टाट्या मामा आदि  का आजादी की लड़ाई में समर्पण और बलिदान युगो-युगो तक याद रखा जाएगा।
यह बात कांग्रेस नेता हरीश दुआ ने बुधवार को ग्राम पावटी में विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि 9 अगस्त का दिन पूरे विश्व में आदिवासी दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भारत देश में इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि 9 अगस्त का दिन भारत के इतिहास में अगस्त क्रांति के रूप में भी जाना जाता है।   उन्होंने कहा कि आज से ठीक 81 साल पहले, 9 अगस्त 1942 को भारत में अंग्रेजी हुकूमत के खात्मे का काउंटडाउन शुरु हुआ था । एक दिन पहले यानी 8 अगस्त को महात्मा गांधी ने अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा दिया। इस नारे ने देश में क्रांति की आवाज बुलंद कर दी । इसके साथ ही महात्मा गांधी ने देशवासियों से करो या मरो की अपील की । आज स्पॉटलाइट में जानेंगे कैसे क्विट इंडिया मूवमेंट के जरिए देश में आजादी का बिगुल बजा था। कार्यक्रम के दौरान राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिला संयोजक रमेश राजोरा और कांग्रेस के कार्यवाह जिलाध्यक्ष संजीव पगारिया ने भी अपनी बात रखते हुए आजादी की लड़ाई में आदिवासी क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों को याद किया।
आदिवासी समाजजनों का किया सम्मान-
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता हरीश दुआ आदि ने आदिवासी समाजजनों का पुष्प मालाओं से सम्मान किया और बच्चों तथा महिलाओं का मिठाई का वितरण कर आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में आदिवासी समाजजन मौजूद थे।

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