Thursday, October 22, 2020
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UP: साढ़े 3 साल की योगी सरकार में अब तक 6 IAS और 14 IPS अफसर हुए निलंबित | lucknow – समाचार हिंदी में


लखनऊ। वैसे तो राज्य सरकार के कर्मचारियों का निलंबन अकसर सुनने को मिलता है, लेकिन जब कोई आईएएस और आईपीएस अफसर (आईएएस और आईपीएस अधिकारी) को निलंबित किया जाता है तो इस बात की चर्चा लम्बे समय तक होती रहती है। सरकारें अमूमन ऐसे ऐसे अफसरों को निलंबित (निलंबित) करने में उतनी सहज नहीं होती हैं। लेकिन, योगी सरकार की बात जुदा है। मार्च 2017 में यूपी की सत्ता संभालने वाली योगी सरकार (योगी सरकार) ने इस मामले में जमकर एक्शन लिया है।

यही कारण है कि बड़ी धुंध पाई जाने पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई की जाती है। मिली जानकारी के मुताबिक, अभी तक के योगी सरकार के कार्यकाल में 6 IAS, जबकि 14 IPS अफसरों को निलंबित किया जा चुका है।

निलंबित 4 डीएम

सबसे पहले बात करते हैं IAS अफसरों की। पिछले साढ़े साल में अभी तक 6 IAS अफसरों को योगी सरकार ने निलंबित कर दिया है। इनमें से 4 तो डीएम के पद पर तैनात थे।1. जितेन्द्र बहादुर सिंह- डीएम गोण्डा के पद पर रहते हुए उन्हें जून 2018 में निलंबित कर दिया गया था। जिले में सरकारी अनाज की बंटरबाट का इनपर चार्ज लगाया गया था। 2005 सलाखों के IAS जितेन्द्र बहादुर वर्तमान में PWD में विशेष सचिव हैं।
2. कुमार प्रशांत – डीएम फतेहपुर ने उन्हें जून 2018 को निलंबित कर दिया था। इन सरकारी सरकारी खरीद में धांधली का आरोप था। 2010 सलाखों के आईएएस कुमार प्रशांत वर्तमान में बदायूं के डीएम हैं।
3. देवेन्द्र कुमार पांडेय – उन्नाव में डीएम बने देवेन्द्र कुमार को इसी साल फरवरी में सस्पेंड किया गया था। 2011 सलाखों के IAS देवेन्द्र कुमार पर बेसिक शिक्षा विभाग में हुई खरीद में वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे थे। वर्तमान में निलम्बित ही चल रहे हैं और राजस्व परिषद से अटैच हैं।
4. अमरनाथ उपाध्याय – डीएम महाराजगंज ने उन्हें निलंबित कर दिया था। 2011 सलाखों के IAS अमरनाथ पर डीएम रहते गौ संरक्षण केंद्रों के बजट में धांधली के आरोप लगे थे। वर्तमान में स्वतंत्रता सेनानी बोर्ड में विशेष सचिव हैं।
5. अमरनाथ सिंह – 2012 में पीसीएस से आईएएस बने केदारनाथ सिंह को योगी सरकार ने पिछले साल मई में सस्पेंड किया था। तब वे पर्यटन विभाग में विशेष सचिव थे। वर्तमान में सस्पेंड चल रहे हैं और राजस्व परिषद से अटैच हैं।
6. शारदा सिंह – चंबनदी आकृत किए गए इस IAS को योगी सरकार ने सस्पेंड किया था। आरोप ये था कि होने वाली भर्ती में इन्होंने ओबीसी कोटे से किसी की भर्ती नहीं की थी। अब रिटेनर।

लंबे समय बाद भी तैनाती न मिल सकी

अब बारी आईपीएस अफसरों के निलम्बन की। कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोपों में अभी तक 14 आईपीएस अफसरों को निलंबित किया जा चुका है। विशेष बात तो ये है कि इनमें से कई निलम्बन के लम्बे समय के बाद भी तैनाती पाने में सफल नहीं हो पाए हैं।

1. जसवीर सिंह – 1992 सलाखों के इस सीनियर IPS को सरकार ने पिछले साल निलंबित कर दिया था। सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने के कारण इनपर कार्रवाई की गयी थी। निलम्बन के समय जसवीर सिंह एडीजी के पद पर तैनात थे। निलम्बन अभी तक वापस नहीं हो गया है।
2. दिनेश चन्द्र दुबे – 2003 सलाखों के IPS दुबे डीआईजी श्रेणी के हैं। पशुपालन कार्यक्रमों में नाम आने पर निलंबन। अभी तक तैनाती नहीं मिली है।
3. अरविंद सेन – 2003 सलाखों के इस आईपीएस को भी पशुपालन संस्थाओं में नाम आने पर सरकार ने निलंबित कर दिया था। डीआईजी रैंकिंग के ये अफसर तैनाती के लिए अभी भी तरस रहे हैं।
4. वैभव कृष्ण – नोएडा के एसएसपी ने उन्हें सस्पेंड किया था। एक महिला के साथ आपत्तिजनक वीडियो में पकड़े गए थे। 2010 बाड़ के वैभव को अभी तक तैनाती नहीं मिली है।
5. अपर्णा गुप्ता – 2015 सलाखों की इस IPS को सरकार ने तब निलंबित कर दिया था जब कानपुर के संजीत यादव अपहरण कांड में इनका नाम सामने आया था। सस्पेंशन अभी भी जारी
6. अभिषेक दीक्षित – 2006 के दौरान इस IPS को SSP प्रयागराज में निलंबित कर दिया गया था। कानून व्यवस्था न संभाल पाने के कारण इनपर गाज गिरी थी। अभी तक तैनाती का इंतजार है। स्नातकडू कैडर के अभिषेक प्रतिनियुक्ति पर यूपी आये हैं।
7. मानिकलाल पीटीदार – 2014 सलाखों के इस आईपीएस अफसर को सरकार ने एसपी महोबा को हाल ही में निलंबित कर दिया। मामला भ्रष्टाचार का है। जल्द ही मिलनी मुश्किल है।
8. सुभाष चन्द्र दुबे – 2017 में सहारनपुर में हुई बवाल के बाद 2005 सलाखों के इस आईपीएस को सस्पेंड कर दिया गया था। वर्तमान में आजमगढ़ के डीआईजी हैं।
9. डॉ। सतीश कुमार – बाराबंकी में एसपी रहते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया था। 2013 सलाखों के इस आईपीएस अफसर पर आरोप्वतखोरी के आरोप लगे थे। वर्तमान में एसपी, एसडीआरएफ हैं।
10. एन कोलंची – बुलंदशहर में एसएसपी ने उन्हें 2019 में निलंबित कर दिया था। कोलंची पर थानाध्यक्षों के तबादले में अनियमितता के आरोप लगे थे। 2008 सलाखों के ये आईपीएस वर्तमान में पीएसी में एसपी हैं।
11. अतुल शर्मा – प्रयागराज के एसएसपी ने उन्हें निलंबित कर दिया था। कानून व्यवस्था के मोर्चे पर नाकामी और भ्रष्टाचार के आरोप थे। 2009 सलाखों के आईपीएस अतुल वर्तमान में पीएसी में एसपी हैं।
12. आरएम भारद्वाज – 2018 में संभल में सपा बने इस IPS को तब निलंबित किया गया जब एक महिला को गैंगरैप के बाद जलाकर मार डाला गया था। 2005 सलाखों के इस आईपीएस की पुलिस मुख्यालय में डीआईजी के पद पर तैनाती है।
13. संतोष कुमार सिंह – 2009 सलाखों के इस आईपीएस को प्रतापगढ़ में एसपी रहते सस्पेंड किया गया था। कानून व्यवस्था के मोर्चे पर नाकामी के आरोप थे। वर्तमान में एसपी बुलंदशहर हैं।
14. हिमांशु कुमार – ये पहले आईपीएस हैं जिन्हें योगी सरकार ने निलंबित कर दिया था। एक ट्वीट के कारण उन्हें मार्च 2017 में सस्पेंड किया गया था। 2010 सलाखों के आईपीएस हिमांशु इन दिनों पीएसी में एसपी हैं।
इनमें से कई अफसरों के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। यहां तक ​​कि योगी सरकार ने इनमें से कई मामलों की संपत्ति की जांच के भी आदेश दिए हैं।



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