Thursday, May 26, 2022
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गाजीपुर: सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओपी राजभर (Omprakas Rajbhar) पर गौसलपुर गांव में मंगलवार को हमले के मामले में राजनीति गर्म हो गई है। इस मामले को लेकर सुभासपा अध्यक्ष ओपी राजभर समेत सपा के वरिष्ठ नेताओ ने गाजीपुर में सरजू पांडे पार्क में शुक्रवार को धरना-प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन के प्रतिनिधि को न्यायोचित कार्रवाई के संबंध में ज्ञापन देने के साथ ही राजभर ने अल्टीमेटम भी दिया। राजभर ने कहा कि अगर इस प्रकरण में जल्द कोई कार्रवाई नहीं की गई तो 23 तारीख को वह लखनऊ में इस मसले पर बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।

करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के गौसलपुर गांव में ओपी राजभर पर मंगलवार को कथित हमला हुआ था। राजभर गौसलपुर गांव में अपने एक समर्थक के यहां शोक संवेदना जाहिर करने गए थे, लेकिन पुलिस ने विधायक ओपी राजभर पर हमले की थ्योरी को खारिज करते हुए दो पक्षों के बीच छिटपुट विवाद बताया था। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर क्रॉस एफआईआर करते हुए ओपी राजभर समेत दोनों पक्षों के 32 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। फिलहाल सुभासपा अध्यक्ष ने इस मसले को विधानसभा में उठाने का ऐलान किया है। शुक्रवार के धरना-प्रदर्शन में एसपी के राम गोविंद चौधरी, अम्बिका चौधरी, नारद राय आदि नेता मौजूद रहे, जबकि गाजीपुर से एसपी एमएलए ओमप्रकाश सिंह, वीरेंद्र यादव, जयकिशुन साहू, मन्नू अंसारी, अंकित भारती धरने में शामिल रहे। इस दौरान सुभासपा और सपा नेताओं ने ओपी राजभर पर दर्ज केस वापस लेने और हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग उठाई।

23 तारीख को बड़े स्तर पर किया जाएगा आंदोलन- राजभर
मीडिया से बात करते हुए ओपी राजभर ने कहा कि घटना वाले दिन उन्होंने घटनास्थल से ही पुलिस अधीक्षक के सीयूजी नंबर पर फोन किया। सीयूजी नंबर पर फोन करने पर कॉल एसपी के पीआरओ ने फोन उठाई और पीआरओ की सूचना पर एसओ करीमुद्दीनपुर घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन वह खुद अपनी जान बचाने के लिए जद्दोजहद करने लगे। एक सवाल के जवाब में राजभर ने कहा कि वह घटना वाले दिन 45 मिनट तक घटनास्थल पर रुके थे। 45 मिनट बाद एसओ करीमुद्दीनपुर मौके पर पहुंचे। घटना होने के करीब डेढ़ घंटे बाद सीओ मुहम्मदाबाद घटनास्थल पर पहुंचे थे। वीडियो वायरल करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भड़काने के नीयत से नहीं, बल्कि अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को यह बताने के लिए वीडियो वायरल किया था कि वह असुरक्षित हैं और लोग उन्हें लाठी-डंडा लेकर घेरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा गया है, अगर कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आया तो 23 तारीख को इस आंदोलन को लखनऊ में वृहद रूप दिया जाएगा। संसद से सड़क तक वह अपने सम्मान की लड़ाई लड़ेंगे।



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