Friday, January 21, 2022
HomeUttar Pradeshlakhimpur kheri ajay mishra teni: ब्राह्मणों को साधने की कोशिश में अब...

lakhimpur kheri ajay mishra teni: ब्राह्मणों को साधने की कोशिश में अब तक बच रहे अजय मिश्रा टेनी, क्या है हकीकत – Ajay Mishra Teni resignation demand still surviving is bjp trying to cultivate Brahmins know reality


हाइलाइट्स

  • यूपी में ब्राह्मण वोट बैंक को नाराज नहीं करना चाहती है भाजपा
  • यूपी चुनाव को देखते हुए अब तक बचते दिख रहे हैं अजय मिश्रा टेनी
  • मंत्री को हटाने की जगह भाजपा तैयार कर रही अलग रणनीति
  • विपक्षी दलों की मांग पर टेनी के इस्तीफा से डैमेज कंट्रोल की कोशिश

लखीमपुर
दिल्ली बॉर्डर खाली हो गए हैं। किसानों का साल भर से अधिक समय से चल रहा आंदोलन समाप्त हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीनों विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा के बाद किसान भी खेतों की तरफ लौट चले हैं। लेकिन, किसान आंदोलन के क्रम में लखीमपुर खीरी के तिकोनिया में 3 अक्टूबर को जो हिंसा हुई, उसने भाजपा की परेशानी बढ़ा दी है। इस मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी सीधे घिरे हुए हैं।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में अजय मिश्रा टेनी भाजपा के लिए प्रतीक के समान हैं। मोदी कैबिनेट के दूसरे विस्तार में अजय मिश्रा टेनी को ब्राह्मण होने के कारण ही मोदी मंत्रिमंडल में जगह दी गई थी। उनके जरिए प्रदेश की राजनीति में अग्रेसिव भूमिका निभाने वाले ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की कोशिश की गई। इतने आरोप और हमलों के बाद भी उनको केंद्रीय कैबिनेट से बाहर नहीं किए जाने का बड़ा कारण ब्राह्मण वोट बैंक को अधिक नाराज नहीं करना माना जा रहा है।

अलग राजनीति भी हो सकता है कारण
यूपी की राजनीति में अजय मिश्र टेनी को ब्राह्मण वोट बैंक का प्रतीक नहीं माना जाता है। हालांकि, लखीमपुर और आसपास के जिलों में उनका खासा बर्चस्व है। ऐसे में भाजपा का शीर्ष नेतृत्व उनको अपने स्तर से हटाने की बात नहीं कर रहा है। लेकिन, उन पर हो रहे राजनीतिक हमलों का बचाव करने के लिए भी अब तक कोई बड़ा नेता सामने नहीं आया है। एक सभा को छोड़ दें तो यूपी के राजनीतिक मैदान में भी अजय मिश्रा टेनी को नजरअंदाज किया जा रहा है। ऐसे में भाजपा की रणनीति उनके खिलाफ बन रहे माहौल को अधिक बढ़ने देना है, ताकि इस्तीफे पर ब्राह्मणों में नाराजगी जैसी कोई बात नहीं हो।

मांगों को हथियार बनाने की भी कोशिश
कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से होने वाले हमलों को हथियार बनाने की भी कोशिश भाजपा की ओर से हो रही है। कांग्रेस और विपक्षी दलों पर एक ब्राह्मण मंत्री के खिलाफ माहौल बनाए जाने की भी बात कही जा सकती है। आने वाले समय में केंद्रीय मंत्री इन्हीं दलों पर आरोप लगाते हुए इस्तीफा भी दे सकते हैं। भूमिका राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने बना दी है। उन्होंने कहा है कि एसआईटी ने केंद्रीय मंत्री पर किसी साजिश में आरोप नहीं लगाया है। वहीं, विपक्ष की ओर से हो रहे हंगामा और पार्टी की छवि पर प्रधानमंत्री के स्तर पर फैसला लिए जाने की बात कही है।

जितिन प्रसाद की बढ़ेगी भूमिका
लखीमपुर हिंसा से कुछ ही दिन पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था। कांग्रेस से भाजपा में आए बड़े ब्राह्मण चेहरा जितिन प्रसाद को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया था। ब्राह्मण वोट बैंक को साधने के लिए उनकी भूमिका को पार्टी बढ़ा सकती है। ऐसे में अजय मिश्रा टेनी पर अगर कोई कार्रवाई होती है तो भी उसे पाटने के लिए उनके पास एक हथियार होगा। बुधवार को केंद्रीय मंत्री के दिल्ली जाने पर अफवाहों का बाजार गर्म रहा। लेकिन, तत्काल कार्रवाई हो सकती है, ऐसा होता राजनीतिक विश्लेषक नहीं बताते।

टेनी के ही बयान पर घेराबंदी
अजय मिश्रा टेनी के बयान पर ही अब उनको घेरा जा रहा है। तिकोनिया हिंसा के बाद जब आशीष मिश्रा का नाम सामने आया और फिर गिरफ्तारी हुई तो उन्होंने कहा था कि कानून अपना काम कर रहा है। हमारा बेटा निर्दोष है। अगर उसके खिलाफ जांच में कुछ भी गलत पाया गया तो हमसे बात करिएगा। उन्होंने ऐसी स्थिति में पद छोड़ने तक के संकेत दिए थे। अब एसआईटी ने तिकोनिया हिंसा को साजिश करार दिया है। मामले में कोर्ट में अर्जी दायर कर आरोपियों पर धारा बदलने की मांग की गई है। ऐसे में अब सबसे अधिक दबाव उन पर ही है।

अजय मिश्रा टेनी पर लखीमपुर खीरी कांड मामले में कार्रवाई न होने का कारण ब्राह्मण वोट बैंक



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments