Wednesday, April 14, 2021
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अवैध कार्यों का अड्डा बना कांशीराम आवास कालोनी

कालोनी वासियों की नहीं कोई सुनने वाला, चाहे नेता हो या अधिकारी

बनवारीलाल कुशवाह,शिकोहाबाद। जनपद के शिकोहाबाद में प्रदेश एवं केन्द्र सरकार की अनेकों योजनाएं चल रही है। मगर उन योजनाओं के क्रियान्वयन एवं देखरेख शासन के विश्वनीय अधिकारी उन योजनाओं का बन्टाधार करने में अपनी कोई कसर नहीं छोड रहे है। आज वर्तमान समय में ये स्थिति बन गई है कि प्रदेश सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना कांशीराम आवास जो कि आज अपराधियों और अवैध करोबारियों की शरण स्थली बनकर रह गई है और यहां हर वह अवांछनीय कार्य हो रहा है जो समाज कतई स्वीकार नहीं करता। इन कार्यों में अवैध नशीले पदार्थ का धंधा, जुएं का धंधा जैसे अनेक कार्य निरंकुशता के साथ हो रहे है और इन पर कोई लगाम लगाने वाला नहीं दिखाई पडता। वहीं इस कालोनी में रहने वाले परिवारों की दशा यह है कि ये अपनी सुरक्षा को लेकर काफी चिंता में है और इसके लिए उन्होंने कई बार जिले के अधिकारियों एवं प्रशासन को अवगत कराया। मगर उनकी यहां सुनने वाला कोई नहीं है। शासन ने गरीबों के लिए रहने को एक छत दी। मगर उस छत को असुरक्षित करने में अधिकारियों का बडा हाथ है और उनका सोचना है कि नगर के इन कूडों का शहर से दूर कर दिया गया है और इनका उत्पीडन होना स्वाभाविक है।
वहीं इस कालोनी में कुल 484 आवासों में कई आवासों में तो आंवटी रहते ही नही है वही कुछ लोगो ने खाली आवासों पर कब्जा कर रखा है। यहाॅ तक कि लोगो को अधिकारियों ने वायदा किया था कि यहाॅ पुलिस चैकी का निर्माण होगा मगर वह भी नहीं बन सकी। यह कालोनी तो असुरक्षित है मगर इसका उदाहरण कुछ माह पूर्व भी कई बारदाते हुई है और अक्सर होती रहती है। इससे साफतौर पर जाहिर है कि जब चैकी से डेढ किमी दूर स्थित कालोनी के लोग कितने सुरक्षित है।
गौरतलब हो कि यह कालोनी पूर्व में रही बसपा शासन में जो कि गरीबों के रहने के लिए बनाई गई। मगर वर्तमान समय में इस कालोनी की स्थिति यह है कि यह एक अवैध कार्यों का गढ बन चुका है। इन कालोनियों में नशीले पदार्थों, जुएं का अड्डा के अलावा अन्य कार्य का अडडा बन गया है। जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण विगत कई माह में इन कालोनियों में हुई वारदातें इसकी गवाही दे रहा है। मगर इन असहाय कालोनी वासियों की मदद करने वाला कोई नहीं है। इन कालोनी में कई बार लडके-लडकियों को रंगरलियाँ मनाते हुए व गाय काटते हुये पकडे गये। इसके अलावा बाहर के लोग भी यहाॅ पर अपराध करने के बाद पनाह लेते है। कई बार शिकायत करने पर केवल हर बार खानापूर्ति कर दी जाती है।
वहीं इस कालोनी की एक खास बात यह है कि यहां पर आवंटित आवासों में रह रहे लोगों में धन कमाने चक्कर में आवासों को किराये पर दे रखा है। कुछ माह पूर्व अधिकारियों ने कुछ आवासों को चैक भी किया था मगर बाद में टाॅय-टाॅय फिस्स हो गया। लोगो की शिकायतों के बावजूद आज तक कोई औचक निरीक्षण या कार्यवाही नहीं की गयी। ये असहाय लोग केवल अब मुख्यमंत्री की ओर बढे आशा देख रहे है कि अब उन्हें केवल वही इन समस्याओं से निदान दिला सकते है। अब देखना होगा कि अधिकारी इस ओर ध्यान देते है या नहीं। यह तो आगे आने वाला समय ही बतायेगा।

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