Wednesday, December 1, 2021
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Fatehpur News: Fatehpur News: नटों के आतंक से परेशान करीब आधे गांव की आबादी ने किया पलायन, पुलिस ने बढ़ाई गश्त – after the intervention of the administration the lekhpal started the measurement in the village


डॉ. रामू सिंह परिहार, फतेहपुर
यूपी के फतेहपुर में एक गांव जजरहा है। अक्सर विवादों में रहने वाला यह गांव ललौली थाने के अंतर्गत आता है। गांव के उत्तर और पूर्व में कुछ दूर से गाजीपुर थाने की सीमा लग जाती है। गांव में ब्राह्मण, श्रीवास्तव, पाल, भुर्जी, प्रजापति, शाहू, यादव, जमादार और नट बिरादरी के लोग रहते हैं। पिछले 15 दिनों से यह गांव फिर सुर्खियों में आ गया है। सुर्खियों में आने का कारण मुस्लिमों द्वारा हिन्दुओं के घर में जबरन झंडा लगाना और एक पाल बिरादरी के बुजुर्ग के गले में पहन रखी मोती की माला को तोड़ देने से विवाद गहरा गया।

ऐसे शुरू हुआ विवाद
बरावफात को लेकर एक विशेष समुदाय की ओर से देवगांव में सभी के घरों में नौमी तिथि को झंडे लगाए जा रहे थे। प्रजापति बिरादरी के लड़कों ने अपने घरों में झंडे लगाने का विरोध किया था। इसको लेकर दोनों समुदायों में बहस हुई। प्रजापतियों के लड़कों ने झंडे हटाकर फेंक दिया था। इस विवाद में पूर्व प्रधानपति हरिश्चन्द्र भी शामिल हो गए थे। झंडे हटाने से मुस्लिम समुदाय उग्र हो गया। दोनों समुदायों ने एक-दूसरे को गाली-गलौज दी। देवगांव के इस विवाद में झंडा लगाने वालों में जजरहा के नट बिरादरी के लोग भी शामिल थे। गांव के कुछ लोगों द्वारा विवाद शांत कराया गया।

17 अक्टूबर को दोपहर में देवगांव के पूर्व प्रधानपति परिवार सहित जजरहा में अपने खेत में काम कर रहे थे। वहीं, हरिश्चन्द्र के पिता जगजीत भी काम कर रहे थे। हरिश्चन्द्र का आरोप है कि काम के दौरान जजरहा के नट बिरादरी के लोग उनके खेतों में जानवर छोड़ दिया। मना करने पर पिता जगजीत के साथ मारपीट की और गले में पहनी मोती की माला तोड़ दी। जब हम लोग नजदीक पहुंचे तो हमें भी घायल कर दिया। इस विवाद में हरीश्चन्द्र की पत्नी का हाथ टूट गया। विवाद में आठ लोग घायल हुए।

नटों के उत्पात से परेशान पांच गांव के लोग पहुंचे डीएम ऑफिस
पाल बिरादरी के लोगों से मारपीट के बाद पांच गांव के लोग नटों के खिलाफ डीएम ऑफिस का घेराव किया। इन गावों में बड़ागांव, देवगांव, घघौरा, जजरहा और मुत्तौर के लोग शामिल थे। डीएम अपूर्वा दुबे और एसडीएम सदर प्रमोद कुमार झा ने लोगों को आश्वासन दिया कि जल्द ही मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

सक्रिय हुआ प्रशासन, पुलिस की बढ़ी गश्त
अधिकारियों के आश्वासन के बाद तीसरे दिन लेखपाल रामप्रकाश ने जजरहा में जाकर पैमाइश शुरू की। लेखपाल के अनुसार पैमाइश में एक नया मोड़ सामने आ गया है। नट बिरादरी के जो मकान बने हैं, वह अवैध जमीन पर हैं। जहां मकान बने हैं, वह जमीन गौचारागाह, प्राथमिक पाठशाला, कब्रिस्तान और तालाबी रकबा है। इसी के साथ पुलिस ने मामले का गंभीरता से लेते हुए जजरहा में अपनी गश्त बढ़ा दी है।

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पलायन को मजबूर ग्रामीण
गांव के राजेन्द्र प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि पहले जजरहा में नटों का इतना उत्पात नहीं था, लेकिन इधर आठ दस साल से लोगों का रहना मुश्किल कर दिया है। सुरेश कुमार बताते हैं कि पहले ब्राह्मण, श्रीवास्तव, पाल, भुर्जी, प्रजापति, तेली, यादव और जमादारों के काफी घर थे। नटों के उत्पीड़न से परेशान होकर धीरे-धीरे लोग गांव छोड़कर बाहर चले गए। वहीं, तीन दशक पहले नट बिरादरी का एक था, लेकिन अब यहां नटों के करीब सौ घर हो गए हैं।

अवैध तरीके से रहने वालों पर होगी कार्रवाई: उपजिलाधिकारी
बातचीत के दौरान उपजिलाधिकारी अवधेश निगम ने बताया कि इस मामले में संबंधित कर्मचारियों को लगा दिया गया है, जो लोग सरकारी जमीन पर कब्जा किए हुए हैं, उन पर विभागीय कार्रवाई की जा रही है। तहसीलदार को भी सूचित कर दिया गया है। विगत दिनों जो वहां पर विवाद हुआ है, उसको लेकर संबंधित थाने की पुलिस कार्रवाई कर रही है।



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