Thursday, June 30, 2022
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demolition action in uttar pradesh: up government told to supreme court that demolition action was done under legal process not punishment after riots दंगे के बाद सजा नहीं बल्कि कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई डेमोलेशन कार्रवाई, यूपी सरकार ने SC को दी जानकारी


लखनऊ/नई दिल्‍ली: उत्‍तर प्रदेश में हुई डेमोलेशन कार्रवाई पर यूपी सरकार ने कहा है कि दंगे के बाद सजा के तौर पर उसने कोई कार्रवाई नहीं की है बल्कि कानूनी प्रक्रिया के तहत डेमोलेशन की कार्रवाई हुई है। यूपी सरकार ने कहा है कि प्रयागराज और कानपुर की संबंधित अथॉरिटी ने डेमोलेशन की कार्रवाई तय प्रक्रिया के तहत की है और वह बॉडी स्वतंत्र है। अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ रूटीन कार्रवाई हुई है और यह कार्रवाई यूपी अर्बरन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट के तहत हुई है।

सुप्रीम कोर्ट ने 16 जून को कहा था कि डेमोलेशन बिना नोटिस दिए नहीं हो सकता है। अथॉरिटी को इसके लिए तय कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा। सबकुछ फेयर तरीके से होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि साफ किया था कि वह डेमोलेशन पर रोक नहीं लगा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार और संबंधित अथॉरिटी को मामले में दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान तीन दिनों में जवाब दाखिल करने को कहा था। याचिका में कहा गया कि पिछले हफ्ते हिंसा के बाद आरोपियों के घर तोड़े गए है और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया गया है।

यूपी सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया है कि हाल में प्रयागराज और कानपुर में जो भी डेमोलेशन कार्रवाई हुई है और यह स्थानीय अथॉरिटी की तरफ से यूपी अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट के तहत ही हुई है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि प्रदर्शन और दंगे के बाद डेमोलेशन कार्रवाई हुई है और वह कार्रवाई अल्पसंख्यक समुदाय को टारगेट करने के लिए किया गया है। राज्य ने कहा कि याचिकाकर्ता का दावा बिल्कुल गलत है और निराधार है। उसने दो केसों को मनमाने तरीके से चुना है। जो भी डेमोलेशन कार्रवाई हो रही है वह यूपी में प्रदर्शन के पहले से एक्शन जारी है। यूपी में प्रदर्शन और फसाद के काफी पहले यह डेमोलेशन कार्रवाई शुरू हुई थी और कारण बताओ नोटिस पहले से जारी था। अवैध कंस्ट्रक्शन और अतिक्रमण को डोमेलेशन किया गया है। राज्य ने कहा कि याचिकाकर्ता ने गलत तरीके से सुप्रीम कोर्ट में मामले को रखा गया है।



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