Thursday, August 18, 2022
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cyber crime cases: Ghaziabad News: ठग ही नहीं अपने भी लगा रहे हैं बैंक खातों में सेंध, लगातार बढ़ रहे साइबर ठगी के मामलों में हैरान करने वाला खुलासा – cyber crime case increased in ghaziabad ncr family members involved in fraud


गाजियाबाद
साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। आलम यह है कि हर दिन साइबर सेल में ठगी के 18-20 मामले पहुंच रहे हैं। पर इन मामलों की जांच के दौरान हैरान करने वाली बातें भी सामने आ रहीं हैं। दरअसल सिर्फ जालसाज ही नहीं, बल्कि घर के अपने भी फैमिली के दूसरे सदस्यों के खातों में सेंध लगा रहे हैं।

साइबर सेल ने इस तरह के कई मामलों का खुलासा किया है। ऐसे ही एक केस में एक बेटे द्वारा अपने रिटायर्ड पिता के बैंक खाते से 10 लाख रुपये ट्रांसफर करने का मामला सामने आया है। मधुबन बापूधाम में रहने वाले पिता को जब खाते से पैसे निकलने का पता चला तो बेटे ने कहा कि साइबर ठगों ने आपके खाते में सेंध लगाई है। आप फौरन साइबर सेल में इसकी शिकायत कर दो। पीड़ित ने साइबर सेल में इसकी शिकायत की।

साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि मामले की जांच में सामने आया कि पीड़ित के बेटे ने ही रुपये निकालकर उन्हें गलत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के कई मामले हमारे सामने आते हैं, जिनमें बच्चे अपने दादा-दादी के अकाउंट से, बेटे पिता के खाते से व भाई दूसरे भाई के खाते से रुपये निकाल लेते हैं और उसे ठगी का मामला बता देते हैं।

पोल खुली तो बेटे ने पुलिस को बताया झूठा
जानकारी के अनुसार, मधुबन बापूधाम के इस मामले में जांच के बाद जब पुलिस ने पीड़ित को बेटे द्वारा पैसे निकालने की जानकारी दी और पिता ने अपने बेटे से ये कहा तो उसने पिता से कहा कि पुलिस झूठ बोलती है। उन्हें केस में कोई नहीं मिला तो मुझ पर ही झूठा आरोप लगा दिया है। वहीं साइबर सेल प्रभारी ने बताया कि जब से रुपये ट्रांसफर हुए, तब से ही इनका बेटा घर से फरार है। वह सिर्फ फोन पर बात करता है।

गेम के लिए दादा के खाते से उड़ाए 90 हजार रुपये
साइबर सेल के अनुसार, घंटाघर कोतवाली में ऐसा ही एक मामला सामने आया था। यहां 8वीं क्लास में पढ़ने वाले 14 साल के एक बच्चे ने अपने दादा के अकाउंट से 90 हजार रुपये उड़ा दिए। उसने ये पैसे बीजीएमआई(बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया) खेलने के बाद प्लेयर को अपग्रेड करने और नए-नए मर्चेंटाइज लेने में खर्च कर दिए। जब दादा ने बैंक पास बुक में एंट्री करवाई तो पता चला कि किसी गेमिंग वेबसाइट पर रुपये डाले गए हैं। उन्होंने मामले की शिकायत साइबर सेल में की। जांच में पता चला कि बच्चे ने गेम खेलने के दौरान दादा के कार्ड से ये रुपये निकाले थे। बाद में बच्चे को समझाकर आगे ऐसा नहीं करने के लिए कहा गया।

12 साल के बच्चे ने निकाल लिए 65 हजार रुपये
कविनगर थाना क्षेत्र में भी इसी तरह का एक क्राइम आया था। इसमें एक बुजुर्ग महिला के अकाउंट से कई महीने में करीब 65 हजार रुपये निकल गए थे। इस दौरान उन्हें कोई मेसेज भी नहीं मिलता था। एंट्री करवाने पर रुपये निकलने के बारे में पता चला तो घरवालों ने कार्ड क्लोनिंग की बात कही। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत की।

साइबर सेल ने जांच शुरू की तो पता चला कि रुपये आसपास के एटीएम से निकले हैं। इसके बाद फुटेज को चेक किया गया तो उसमें 12 साल का बच्चा पैसा निकालता दिखा। यह बच्चा उसी घर का था और पीड़िता का पोता था। वह बच्चा रुपये निकालने के बाद ट्रांजेक्शन के मेसेज को डिलीट कर देता था। दरअसल एक बार दादी उसे अपने साथ एटीएम ले गई थी। इस दौरान उसने दादी को पैसे निकालते देखा और उसके बाद कार्ड चुराकर खुद पैसे निकालकर खर्च करने लगा।

कई बच्चे लगा चुके हैं दादा-दादी को चूना
साइबर से मिली जानकारी के अनुसार ऐसे 1-2 नहीं बल्कि कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें नाबालिगों ने अपने ग्रैंड पैरंट्स को चूना लगाया है। इस प्रकार के मामलों में जांच में कई केस में बच्चों के नाम आने के बाद उन्हें समझाकर आगे ऐसा नहीं करने की हिदायत दी गई है। साइबर सेल प्रभारी ने बताया कि इस प्रकार के बच्चों की काउंसलिंग की जाती है और बताया जाता है, यह एक प्रकार का क्राइम है। इसमें सजा भी हो सकती है।

सांकेतिक तस्वीर



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