Sunday, October 2, 2022
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Auroville: भारत के इस खूबसूरत शहर में पुलिस-कोर्ट का चक्कर नहीं, इस तरह मैनेज होती है पूरी व्यवस्था


Image Source : INDIA TV
Auroville

Highlights

  • ऑरोविले में रहने वाले लोग लगभग 50 देशों से आते हैं
  • । शहर की स्थापना 1968 में मीरा अल्फाजोस के द्वारा किया गया था
  • चेन्नई शहर से महज 150 किमी की दूरी पर बसा है

Auroville: भारत एक ऐसा देश है, जहां आपको हर धर्म के मानने वाले लोग हैं सरकार के बनाए गए कई कानून नजर आएंगे। इसी देश में एक ऐसा शहर भी है, जहां न धर्म है, न पैसा है, न सरकार है। आप सोच रहे होंगे कि भारत का ऐसा कौन सा शहर है। अब आपके मन कई सवाल पैदा हो रहे होंगे तो चलिए आपको बता दें कि यह स्थान चेन्नई शहर से महज 150 किमी की दूरी पर बसा है। इस शहर का नाम ऑरोविले नाम है। शहर की स्थापना 1968 में मीरा अल्फाजोस के द्वारा किया गया था। इस जगह को भोर का शहर भी कहा जाता है। आपको जानकर थोड़ी हैरानी होगी कि इस शहर को बसाने का सिर्फ एक ही लक्ष्य था कि यहां लोगों को जाति-धर्म, ऊंच-नीच और भेदभाव जैसी चीजों को त्याग करना होगा यानी सभी एक बराबर हो। यहां कोई भी आकर रह सकता है, लेकिन इससे जुड़ी कुछ बातें हैं,जिनके बारे में जानकार आपको हैरानी होगी। यहां आने वाले लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है जिन्हें जानना बेहद जरूरी है। 

बिना धर्म वाला है यहां मंदिर 

यहां आने वाले सभी लोगों के लिए एक ही नियम है कि उन्हें यहां नौकर बनकर रहना है। यह तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले में स्थित एक अद्वितीय पायलट टाउनशिप है। इस शहर को शुरू करने वाली मीरा अल्फाजोस 29 मार्च 1914 को श्री अरबिंदो स्पिरिचुअल रिट्रीट में पुडुचेरी आई थीं। ये शहर धार्मिक विश्वास से परे सत्य के मार्ग पर चलने में विश्वास रखता है। इस जगह के बीच में एक मंदिर है, जिसे “मातृमंदिर” कहा जाता है। यह उन लोगों के लिए आध्यात्मिक में रूची रखते हैं, जो एकांत में योग का अभ्यास करते हैं। ये मंदिर किसी विशेष धर्म या संप्रदाय से संबंधित नहीं हैं। ऑरोविले में रहने वाले लोग लगभग 50 देशों से आते हैं, जो सभी प्रकार के आयु समूहों, सामाजिक वर्गों, संस्कृतियों आदि से संबंधित हैं। यहां की वर्तमान जनसंख्या 2,400 लोगों की है। 

क्या ये शहर बिना सरकार का चलता है?

आपको यह जानकर आश्चर्य हो सकता है, लेकिन ऑरोविल बिना सरकार के चलता है। यह वयस्कों में से प्रत्येक से मिलकर एक विधानसभा द्वारा शासित होता है। कल्पना कीजिए कि यह जगह 900 सदस्यों की एक सभा द्वारा चलाई जा रही है, जो विभिन्न संस्कृतियों से हैं, जो कभी-कभी एक-दूसरे को समझ भी नहीं पाते हैं। फिर भी लोग यहां काफी अच्छे से रहते हैं। ऑरोविले में मुद्रा का आदान-प्रदान नहीं होता है। यहां के लोग बाहरी दुनिया के लोगों के साथ पैसों का लेन-देन कर सकते हैं। ऑरोविले का अपना आर्किटेक्चर और टाउन प्लानिंग ब्यूरो है। इसमें अभिलेखीय सुविधाएं, अनुसंधान संस्थान, एक सभागार, 40 विषम उद्योग, रेस्तरां, फार्म, गेस्टहाउस आदि हैं। इतना ही नहीं, निवासियों के लिए एक कंप्यूटर, एक ई-मेल नेटवर्क (ऑरोनेट) भी है

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