Sunday, June 26, 2022
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Agnipath Yojana: अग्निपथ योजना के खिलाफ यूपी में प्रदर्शन, लखनऊ की सड़कों पर राजनीतिक दलों का हल्ला बोल – political parties protest against agneepath scheme in lucknow


संदीप तिवारी, लखनऊ: केंद्र की मोदी सरकार की सैन्य बलों में भर्ती की नई योजना अग्निपथ के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में विरोध-प्रदर्शन जारी है। उत्तर प्रदेश में भी सेना की भर्ती में आस लगाए बैठे युवाओं के साथ ही राजनीतिक दल इसका विरोध कर रहे हैं। शनिवार को यूपी की राजधानी लखनऊ में राष्ट्रीय लोकदल ने प्रदर्शन किया है। वहीं, आम आदमी पार्टी ने भी हाथों में गोबर के कंडे लेकर इस योजना के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। इससे पहले बलिया, बुलंदशहर, वाराणसी, अलीगढ़ समेत कई जिलों में आगजनी और पत्थरबाजी हुई थी।

सरकारी संपत्ति को बेचने का किया जा रहा काम- आप
अग्निपथ योजना पर हमला बोलते हुए आप नेता ने कहा कि पीएम मोदी 2014 से लगातार सरकारी संपत्ति को बेचने का काम कर रहे हैं। कोल, सेल, रेल, LIC, एयरपोर्ट बेच दिया। उन्होंने कहा कि पीएम से उनके उद्योगपति मित्र कहते हैं कि सब बेच दिया, लेकिन इसकी रखवाली कौन करेगा तो पीएम मोदी ने अपने मित्रों के लिए सेना के खर्चे पर सिक्योरिटी गार्ड तैनात करेंगे।

260 उपद्रवियों की हो चुकी गिरफ्तारी
अग्निपथ योजना के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ यूपी में अब तक 6 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। फिरोजाबाद, अलीगढ़ और नोएडा कमिश्नरेट में एक-एक, वाराणसी कमिश्नरेट में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। राज्य के छह जिलों में बलिया से 109, मथुरा से 70 अलीगढ़ से 30 आगरा से 9 , वाराणसी कमिश्नरेट से 27 और नोएडा से 15 समेत कुल 260 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। बलिया में युवाओं ने भारत माता की जय और अग्निपथ वापस लो जैसे नारे लगाते हुए एक खाली ट्रेन में आग लगा दी थी। इसके अलावा कुछ अन्य ट्रेनों में तोड़फोड़ की, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया।

अखिलेश यादव ने उठाए थे सवाल
बीते गुरुवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भर्ती की नई योजना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि यह देश और देश के युवाओं के भविष्य के लिए घातक साबित होगी। देश की सुरक्षा कोई अल्पकालिक या अनौपचारिक विषय नहीं है, ये अति गंभीर व दीर्घकालिक नीति की अपेक्षा करती है। सैन्य भर्ती को लेकर जो खानापूर्ति करने वाला लापरवाही भरा रवैया अपनाया जा रहा है, वह देश और देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए घातक साबित होगा। ‘अग्निपथ’ से पथ पर अग्नि न हो।

इसलिए हो रहा विरोध
गौरतलब है कि केंद्र की इस नई योजना के तहत थलसेना, नौसेना और वायुसेना में इस साल करीब 46,000 सैनिक भर्ती किए जाएंगे। चयन के लिए पात्रता आयु साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होगी और इन्हें अग्निवीर नाम दिया जाएगा। चार साल की सेवा के बाद 75 पर्सेंट युवाओं को रिटायर करने का कॉन्सेप्ट किसी के गले नहीं उतर रहा है। युवाओं को चिंता है कि चार साल के बाद वे क्या करेंगे। अभ्यर्थियों का कहना है कि साढ़े 17 साल में अग्निवीर बनने वाले युवा के पास न तो कोई प्रोफेशनल डिग्री होगी और न ही कोई विशेष योग्यता, ऐसे में वह दोयम दर्जे की नौकरियों के लिए बाध्य होगा।



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