Thursday, August 18, 2022
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adg prashant kumar on lakhimpur violence: adg prashant kumar said that lakhimpur situation could have become uncontrollable if we allowed leaders तनाव भरे थे लखीमपुर के हालात, नेताओं के जाने से स्थिति बेकाबू हो सकती थी- हिंसा पर क्‍या बोले एडीजी प्रशांत कुमार?


हाइलाइट्स

  • एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि लखीमपुर के हालात तनावपूर्ण थे
  • नेताओं को वहां जाने देते तो बेकाबू हो सकती थीं स्थितियां: एडीजी
  • 24 घंटे के भीतर किसानों से बातचीत मामला सुलझा लिया गया

लखनऊ
लखीमपुर हिंसा को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियां योगी आदित्‍यनाथ सरकार पर लगातार प्रहार कर रही हैं। एक अक्‍टूबर की शाम हुई हिंसा के बाद सभी दलों के नेताओं को लखीमपुर जाने से रोक दिया गया था। इस पर यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार का कहना है कि हिंसक झड़प के बाद लखीमपुर खीरी के हालात बहुत तनावपूर्ण थे। अगर राजनेताओं को वहां जाने दिया जाता तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती थी। इसलिए जिला प्रशासन ने प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को जिले में प्रवेश नहीं करने दिया था।

बुधवार को एक न्‍यूज चैनल से बातचीत में पुलिस अधिकारी प्रशांत कुमार ने कहा कि हिंसा के चार दिन बाद अब लखीमपुर में हालात सामान्‍य हो गए हैं। इसलिए सभी पार्टियों के पांच-पांच नेताओं को वहां जाने की अनुमति दे दी गई है। ये नेता हिंसा में मारे गए लोगों के घर वालों से मिलकर अपनी सहानुभूति जता सकते हैं। प्रशांत कुमार ने बताया कि हिंसा की जांच के लिए एक कमिटी बन चुकी है। इस कमिटी में दो एडिशनल एसपी, दो सीओ, एक एसएचओ और तकनीकी स्‍टाफ है। कमिटी उन सबूतों को जुटाएगी जो अदालत में साबित हो सके।

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’24 घंटे के भीतर हमने मामले को सुलझा दिया’
एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) ने बताया कि जैसे ही इस घटना के बारे में यूपी सरकार को जानकारी लगी, तत्‍काल प्रशासन और पुलिस के अफसरों को मौके पर भेजा गया। किसान नेताओं से बातचीत कर उनकी सभी मांगे मानी गईं और 24 घंटे भीतर मामले को सुलझा लिया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्जकर जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर हिंसा से संबंधित कई वीडियो वायरल हुए हैं। पुलिस सबकी जांच कर रही है। सभी तकनीकी पहलू को ध्‍यान में रखकर जांच की जाएगी। हिंसा के सभी आरोपियों पर सख्‍त कार्रवाई की जाएगी। लखीमपुर पुलिस ने भी स्‍थानीय लोगों से इस घटना से जुड़े फोटो और वीडियो मांगे हैं ताकि जांच में आसानी हो सके।

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हिंसा के बाद रात में ही खीरी पहुंच गए थे प्रशांत कुमार
गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। घटना की रात ही एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार लखनऊ से लखीमपुर के लिए रवाना हो गए थे। 2 अक्‍टूबर तड़के उन्‍होंने किसान नेता राकेश टिकैत से वार्ता शुरू कर दी थी। मारे गए किसानों के परिवार वालों को 45-45 लाख का मुआवजा, एक परिजन को सरकारी नौकरी और हिंसा की न्‍यायिक जांच पर सहमति बन गई थी। इसके बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन बंद कर दिया था।

एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार

एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार



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