Wednesday, April 14, 2021
Home Desh सुप्रीम कोर्ट महाराष्ट्र सरकार और अनिल देशमुख की अर्जी पर आज सुनवाई...

सुप्रीम कोर्ट महाराष्ट्र सरकार और अनिल देशमुख की अर्जी पर आज सुनवाई करेगा: सुप्रीम कोर्ट आज महाराष्ट्र सरकार और अनिल देशमुख की याचिका पर सुनवाई करेगा


महाराष्ट्र सरकार और उसके पूर्व गृह मंत्री देशमुख ने पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने के बिलास हाईकोर्ट के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।

अनिल देशमुख

अनिल देशमुख (फोटो साभार: फाइल)

हाइलाइट

  • अनिल देशमुख की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
  • हाईकोर्ट के बाद गृह मंत्री अनिल देशमुख ने दिया था
  • पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह ने देशमुख पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए

नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की। दरअसल, महाराष्ट्र सरकार और उसके पूर्व गृह मंत्री देशमुख ने पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने के बिलास हाईकोर्ट के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है। हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली इन याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को सुनवाई करेगा। न्यायाधीश संजय किशन कौल और हेमंत गुप्ता की एक पीठ याचिका पर सुनवाई करेंगे।

मालूम हो कि बगत हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी। एस। कुलकर्णी की खंडपीठ ने सोमवार को सीबीआई से कहा था कि वह पिछले महीने पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त की ओर से जारी ‘लेटर बम’ में उठाए गए मुद्दों पर 15 दिनों के भीतर अपनी प्राथमिक जांच पूरी करे। फैसले के कुछ ही घंटों बाद देशमुख ने अपना पद छोड़ दिया था।

बिलास हाईकोर्ट ने कहा था कि मामले में स्वतंत्र एजेंसी की जांच नागरिकों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा और लोगों में यकीन पैदा करने के लिए जरूरी है। इसके साथ ही अदालत ने भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई से जांच कराने का आदेश दे दिया था। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद विदर्भ के अनुभवी नेता देशमुख ने राज्य सरकार से इस्तीफा दे दिया था और इसके बाद इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

हालांकि, हाईकोर्ट ने कहा था कि सीबीआई को तुरंत प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले की जांच के लिए पहले ही एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। मुख्य न्यायाधीश दत्ता ने कहा, “एक उच्चस्तरीय समिति के लिए राज्य सरकार लाया गया सरकारी प्रस्ताव हमें विश्वास दिलाता है कि इसमें कोई हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।”

बता दें कि पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह ने 25 मार्च को बिलास हाईकोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की थी। परम बीर सिंह ने दावा किया था कि देशमुख ने निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे सहित अन्य अधिकारियों से विभिन्न बार और रेस्तरां से 100 करोड़ रुपये की वसूली करने को कहा था। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने कहा था कि यह असाधारण मामला है, जिसमें स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जरूरत है।



संबंधित लेख

पहली प्रकाशित: 08 अप्रैल 2021, 06:00:00 पूर्वाह्न

सभी के लिए नवीनतम भारत समाचार, न्यूज नेशन डाउनलोड करें एंड्रॉयड तथा आईओएस मोबाइल क्षुधा।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

मार्च की तिमाही में इन्फोसिस का मुनाफा 17.5 प्रतिशत बढ़ा

सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इन्फोसिस ने बुधवार को कहा कि मार्च 2021 में चौथी तिमाही के दौरान उसका शुद्ध लाभ 17.5...

कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद इस एक्टर की रिपोर्ट आई पॉजिटिव

डिजिटल डेस्क, मुंबई। देशभर में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र में स्थिति बहुत खराब हो गई है।...

Recent Comments