Thursday, November 26, 2020
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सीबीएसई यूपी बोर्ड परीक्षा 2021: वार्षिक परीक्षा की घंटी बजते ही छात्रों में तनाव बढ़ गया


सीबीएसई, यूपी बोर्ड परीक्षा 2021: सीबीएसई और यूपी बोर्ड ने वार्षिक परीक्षाओं की घंटी बजते ही दोनों बोर्ड से जुड़ी 10 वीं और 12 वीं कक्षाओं के परीक्षार्थियों का तनाव बढ़ने लगा है। 30 प्रति कोर्स भए जाने के बाद भी सीबीएसई बोर्ड के परीक्षार्थी समुचित तैयारी न हो पाने के कारण तनाव में हैं। सीबीएसई बोर्ड के वार्षिक परीक्षा के लिए मॉडल पेपर जारी होने से छात्रों की टेंशन बढ़ गई है।

इस साल बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र काफी मुश्किल में हैं। कहीं भी तो कहीं पूर्वी कक्षाएं चल रही हैं। कुल मिलाकर पढ़ाई की स्थिति डगमग है। यूपी बोर्ड के परीक्षार्थी तो सही ढंग से न तो ऑफलाइन क्लास का लाभ ले पा रहे हैं और न ही उनके स्कूलों की पढ़ाई वार्षिक परीक्षा के मुताबिक हो रही है।

वहीं, इन परीक्षार्थियों के अभिभावक यह सोचकर परेशान हैं कि उनकी संतानें परीक्षाओं की तैयारी में कहीं पिछड़ न जायं। मनोविज्ञानियों के दृष्टिकोण में छात्र और उनके अभिभावक-दोनों ही िंग फ्लोटिंग डिस्ट्रेस ’की मनोदशा से जूझते दिख रहे हैं।

इस स्थिति की वजह भी है। सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने शुक्रवार को स्पष्ट कर दिया कि बोर्ड की परीक्षाएं समय पर होंगी। कुछ दिन पहले बोर्ड ने मॉडल पेपर जारी कर छात्रों को तैयारी में जुट जाने का भी संकेत दे दिया है। यूपी बोर्ड ने 10 वीं और 12 वीं के प्रैक्टिकल पूरा करने का निर्देश जारी कर दिया है। सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों में परीक्षाएं हो गई हैं। परीक्षा परीक्षा से ही बच्चों की तैयारी क्षमता आंकी जाती है। वहीं यूपी बोर्ड के स्कूलों में अभी टाइम-टेबुल बन रहा है।

मनोविज्ञानियों के शरण में
एग्जाम-प्रेशर के कारण तनाव में आए बच्चे व उनके अभिभावक मनोविज्ञानियों की सलाह ले रहे हैं। मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र की मनोवैज्ञानिक बनानी घोष ने बताया कि कई बच्चे और उनके अभिभावक अपनी समस्या लेकर आए थे। इसमें कुछ बच्चों के पास ऑफ़लाइन अध्ययन की सुविधा नहीं थी। उन्हें बताया कि छूटी हुई पढ़ाई की वे कैसे भरपाई कर सकते हैं।

बच्चा भी अनियंत्रित हो गया
शिक्षकों का मानना ​​है कि स्कूलों की बंदी से बच्चे लापरवाह हो गए हैं। जहाँ ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है, वहाँ भी सभी बच्चे प्रतिबद्ध नहीं हैं। उन्होंने प्रारंभिक अध्ययन को गंभीरता से नहीं लिया है। कुछ स्कूलों की परीक्षा के परिणाम से इस तथ्य की पुष्टि भी हुई है। ऐसे छात्र अब परेशान हैं। उनका तनाव बढ़ा हुआ है।

संकट -1
कोरोना के चलते स्कूल बंद होना

स्कूलों का नया सत्र अप्रैल से आरंभ हो गया था लेकिन स्कूल लंबे समय तक बंद रहा। पिछले महीने कक्षा 9 से 12 श्रेणियों के स्कूल के कुछ शर्तों के साथ खोले गए। लेकिन विभिन्न कारणों से बच्चों की उपस्थिति 50 प्रतिशत से बहुत कम है। आगे स्कूल पूरी तरह से खुल जाएगा या नहीं, इसके बारे में भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

संकट -2
डिजिटल डिवाइड का असर

सरकारी और निजी स्कूलों का दावा है कि ऑफ़लाइन अध्ययन से बच्चों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जबकि वास्तविकता अलग हैं। विभिन्न डेवलपर बताते हैं कि ऑफ़लाइन अध्ययन की सुविधा हर बच्चे तक नहीं पहुंच पा रही है। लोगों की समस्या है। कई अभिभावकों के पास संसाधन नहीं हैं।

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क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
जो बच्चे पढ़ाई के प्रति गंभीर हैं, वे स्नातक या ऑफलाइन तरीके से पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल बंद रहने से औसत बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। स्कूल में ऐसे बच्चों को टोका जाता है तो वे भी ध्यान देने लगते हैं। बार बार ऐसा नहीं हो पा रहा है। इसलिए चिंता बढ़ गई है। -डॉ। प्रतिभा यादव, प्रधानाचार्य, आर्य महिला इंटर कालेज (फोटो)

अभी जो स्थिति है, उसमें बोर्ड परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो रही है। शिक्षण कक्षाओं में छात्रों की उपस्थिति बहुत कम है। मेरा मानना ​​है कि ऑफ़लाइन अध्ययन में बच्चों की शंकाओं और समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। -मनराज, प्रवक्ता, भौतिकी, आदर्श इंटर कालेज (फोटो)

छात्रों की योग्यता-

लंबी और ऑफलाइन श्रेणियों के चक्कर में उलझ गए हैं। तैयारी
हो रहा है। पढ़ाई को केवल रूढ़ कर दिया जाता है
होता है।-अनोखी जायसवाल-कक्षा १०

मुझे कक्षा कक्षा में ज्यादा समझ में आता है। ऑफ़लाइन में नेटवर्क की समस्या और वीडियो के रूक जाने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। -अंशिका सिंह पटेल-कक्षा १०

बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से मुझे स्नातक कक्षा ही अधिक ठीक महसूस हो रही है। कक्षा कक्षा को नियमित कर देना चाहिए।- श्रेया सिंह-कक्षा 10

अभिभावक प्रज्ञा ठाकुर ने कहा, 'मेरी बेटी सीबीएसई स्कूल में 10 वीं में पढ़ती है। जब तक स्कूल नहीं खुला था, तब तक क्लास क्लास ठीक ढंग से चल रही थी। स्कूल खुलते ही उसमें कटौती हो गई। मैं अभी बेटी को स्कूल भेजना नहीं चाहता। इसलिए उसकी तैयारी प्रभावित हो रही है। मेरा भी तनाव बढ़ रहा है। '



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