Home Pradesh Uttar Pradesh सरदार पटेल ने महत्वपूर्ण योगदान दिया- मुख्यमंत्री

सरदार पटेल ने महत्वपूर्ण योगदान दिया- मुख्यमंत्री

0
सरदार पटेल ने महत्वपूर्ण योगदान दिया- मुख्यमंत्री
रक्षा मंत्री, भारत सरकार एवं मुख्यमंत्री ने भारत रत्न
सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयन्ती पर
उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की
 
मुख्यमंत्री ने लोगों को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ की शपथ
दिलायी, रक्षा मंत्री ने ‘रन फाॅर यूनिटी’ का फ्लैग आॅफ किया
 
स्वतंत्र भारत में अलग-अलग रियासतों को भारत का
हिस्सा बनाने में सरदार पटेल ने महत्वपूर्ण योगदान दिया- मुख्यमंत्री
 
प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल के प्रति श्रद्धा व सम्मान का भाव व्यक्त करने के लिए
31 अक्टूबर की तिथि को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में आयोजित करना प्रारम्भ किया
 
‘रन फाॅर यूनिटी’ प्रधानमंत्री जी के नेशन फस्र्ट का ही एक अभियान
 
हमें उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों व नेताओं का स्मरण करना चाहिए,
जिन्होंने भारत को आजाद कराने व स्वतंत्र भारत के निर्माण में
अपनी भूमिका का निर्वहन किया: रक्षा मंत्री, भारत सरकार
 
रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम प्रतिवर्ष इसलिए आयोजित किया जाता है,
ताकि देश की युवा पीढ़ी सरदार पटेल के योगदान के महत्व को समझ सके
लखनऊ: 
रक्षा मंत्री, भारत सरकार   राजनाथ सिंह एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   ने  जी0पी0ओ0 स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयन्ती ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर केन्द्रीय रक्षा मंत्री ने ‘रन फाॅर यूनिटी’ एकता दौड़ का फ्लैग आॅफ किया। मुख्यमंत्री   ने उपस्थित लोगों को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ की शपथ दिलायी।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि आज हम सभी देश के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयन्ती पर ‘रन फाॅर यूनिटी’ कार्यक्रम के लिए उपस्थित हुए हैं। देश भर में सरदार पटेल की जयन्ती ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनायी जाती है। आज हम सरदार पटेल को याद कर रहे हैं तथा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। इसके साथ ही, हमें उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों व नेताओं का स्मरण करना चाहिए, जिन्होंने भारत को आजाद कराने व स्वतंत्र भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है।
15 अगस्त, 1947 को जब देश आजाद हुआ, उस समय देश 562 रियासतों में बटा हुआ था। अंग्रेजों ने जानबूझकर इन रियासतों को भारत में विलय करने या अलग रहने के निर्णय करने का मौका दिया। ऐसे में देश के गृहमंत्री के रूप में सरदार पटेल ने देशी रियासतों को देश में मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। सरदार पटेल की दूरदर्शिता, उनकी कूटनीतिक एवं राजनीतिक क्षमता का ही परिणाम था कि भारत की एकता व अखंडता सुनिश्चित की जा सकी।
केन्द्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि जूनागढ़ एवं निजामशाही रियासतों को भी सरदार पटेल ने भारत में विलय कराया। जम्मू-कश्मीर के विलय का कार्य यदि सरदार पटेल को सौंपा गया होता, तो संविधान की धारा-370 की समस्या किसी भी सूरत में सामने नहीं आती। यदि सरदार पटेल ने उस समय सूझबूझ व दृढ़ता का परिचय नहीं दिया होता, तो आज भारतवासियों को जूनागढ़ व हैदराबाद जाने के लिए वीज़ा व पासपोर्ट लेने की जरूरत पड़ती।
केन्द्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि स्वतंत्र भारत में भारत को एक बनाने में सरदार पटेल की जो महत्वपूर्ण भूमिका रही है, उसको प्रमुखता से देश की जनता के सामने नहीं आने दिया गया। विगत 10 वर्षों से सरदार पटेल को वह सम्मान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके वह सच्चे हकदार रहे हैं। सरदार पटेल ने सिविल सर्विसेज जैसे स्टील फ्रेम का भी निर्माण किया था।
केन्द्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि आज वह लखनऊ में रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखा रहे हैं। यह रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम प्रतिवर्ष इसलिए आयोजित किया जाता है, ताकि देश की युवा पीढ़ी सरदार पटेल के योगदान के महत्व को समझ सके। उनसे प्रेरणा लेकर भारत की एकता व अखण्डता का संदेश जनता के बीच पहुंचा सके।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने गुजरात के केवड़िया में सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा को स्थापित कराया है। इसका नाम स्टैच्यू ऑफ यूनिटी रखा गया है। यह प्रतिमा न्यूयॉर्क के स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से ऊंची है। केवड़िया एक प्रेरणादायक पर्यटन स्थल भी है। सरदार पटेल की जयन्ती एकजुटता के संकल्प का दिन है। एकता के संकल्प का दिन है। अखंडता बनाए रखने का संकल्प लेने का भी दिन है।
केन्द्रीय रक्षा मंत्री ने सभी से एकता का संकल्प लेने का आग्रह करते हुए कहा कि इसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी देश के नौजवानों पर है। प्रधानमंत्री जी चाहते हैं कि देश का युवा आगे आए और दृढ़ संकल्प के साथ नए भारत के निर्माण में अपना योगदान दे। प्रधानमंत्री जी आज युवाओं को एक मंच पर लाने के लिए ‘मेरा युवा भारत’ अभियान भी लॉन्च करने जा रहे हैं। इस अभियान के अंतर्गत युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जुड़ने का एक अवसर और मंच मिलेगा। आज लॉन्च हो रहे इस अभियान से बड़ी संख्या से लोग जुड़ें। यह कदम सरदार पटेल के स्वप्न ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में एक बड़ी छलांग सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता के आधार स्तम्भ, भारत माता के महान सपूत लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की आज पावन जयन्ती है। वर्ष 1947 में जब देश आजाद हुआ था, तब स्वतंत्र भारत में अलग-अलग रियासतों को भारत का हिस्सा बनाने में सरदार पटेल ने महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनके योगदान के लिए उनके कार्यकाल के दौरान तात्कालिक सरकार यथोचित सम्मान नहीं दे पाई थी। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री जी ने सरदार पटेल के प्रति श्रद्धा व सम्मान का भाव व्यक्त करते हुए 31 अक्टूबर की तिथि को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में आयोजित करना प्रारम्भ किया।
मुख्यमंत्री   ने कहा कि रन फॉर यूनिटी के माध्यम से देश के नागरिक जाति, मत, मजहब, क्षेत्र, भाषा को भूलकर राष्ट्रीय एकता के लिए सरदार पटेल के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए इस एकता दौड़ में शामिल हो रहे हैं। रन फाॅर यूनिटी का आयोजन सरदार वल्लभ भाई पटेल स्मारक से प्रारम्भ होकर के0डी0 सिंह बाबू स्टेडियम तक किया गया है। भारत की एकता व अखंडता को सुदृढ़ बनाने के लिए लोग इस एकता दौड़ में उपस्थित हुए हैं। केन्द्रीय रक्षा मंत्री जी स्वयं मुख्य अतिथि के रूप में इस एकता दौड़ में शामिल होने के लिए आए हैं। यह ‘रन फाॅर यूनिटी’ प्रधानमंत्री जी के नेशन फस्र्ट का ही एक अभियान है।
इस अवसर पर केन्द्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री श्री कौशल किशोर, उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य एवं श्री ब्रजेश पाठक, वित्त मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री राकेश सचान, प्राविधिक शिक्षा मंत्री श्री आशीष पटेल, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अरुण कुमार सक्सेना, लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्र, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना श्री संजय प्रसाद, निदेशक सूचना श्री शिशिर एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here