Monday, April 15, 2024
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श्री महालक्ष्मी पूजा शुभ मुहूर्त

संवत् 2080 कार्तिक कृष्ण 14 रविवार दि. 12 नवम्बर 2023 आयुष्मान योग एवं स्वाति नक्षत्र से समन्वित दीपोत्सव के पावन अवसर पर सर्वे भवन्तु सुखिनः….. की अग्रिम शुभकामनाये प्रेषित करते कर्मकाण्डीय विप्र परिषद नीमच की ओर से अध्यक्ष पं. राधेश्याम उपाध्याय, प्रतिष्ठाचार्य व आद्य पुजारी स्वयंसिद्ध विनायक गणेश मंदिर नीमच केन्ट ने बताया कि इस बार दीपावली पर्व सप्ताह पर्यन्त मनाया जायेगा। ता. 9 को गौवत्स द्वादषी (बछ बारस), 10 को धनतेरस, 11 को मासशिवरात्रि एवं छोटी दीपावली, 12 को नरक चतुर्दशी व दीपावली, 13 को सोमवती अमावस्या, 14 को गोवर्धन पूजा व अन्नकूट एवं ता. 15 को भाईदूज का पर्व मनाया जावेगा।
सम्पन्नता, ऐष्वर्य व लाभ शुभ हेतु श्री महालक्ष्मीजी अपनी योग्य पुरूषार्थी संतानों पर कृपावन्त रहती हैं। तदैव लग्नं….. के अनुसार भी महालक्ष्मी पूजन सर्वदा शुभ फलकारक मान्य है, फिर भी प्रसंगवश परम्परानुसार जनहित में नीमच के अक्षांश – रेखांश के आधार पर परिषद द्वारा सर्वसम्मत शोधन निर्णय उपरान्त लक्ष्मी पूजा हेतु शुभ मुहूर्त्त प्रकाशित हैं जो मंदसौर, चित्तौड व समीपवर्ती क्षेत्रों में बिना किसी विशेष अंतर के सर्वत्र मान्य होंगे। यथा –
(1) प्रातः 7.10 से 9.26 वृश्चिक लग्न
(2) प्रातः 7.38 से 8.33 शुक्र होरा
(3) प्रातः 8.10 से 9.31 चंचल का चौघडिया
(4) प्रातः 8.33 से 9.28 बुध होरा
(5) प्रातः 9.28 से 10.33 चन्द्र होरा
(6) प्रातः 9.31 से 10.53 लाभ का चौघडिया
(7) प्रातः 10.53 से 12.15 अमृत का चौघडिया
(8) प्रातः 11.18 से 12.13 गुरू की होरा
(9) दोप. 11.53 से 12.36 अभिजीत मुहूर्त
(10) दोप. 1.15 से 2.47 कुंभ लग्न
(11) दोप. 1.36 से 2.58 शुभ का चौघडिया
(12) दोप. 2.04 से 2.47 विजय मुहूर्त
(13) दोप. 2.58 से 3.52 बुध की होरा
(14) दोप. 3.52 से 4.47 चन्द्र की होरा
(15) सायं 4.41 से 6.41 गोधूलि वेला
(16) सायं 5.41 से 8.30 प्रदोष वेला
(17) सायं 5.41 से 7.19 शुभ का चौघडिया
(18) सायं 5.42 से 6.47 गुरू की होरा
(19) सायं 7.20 से 8.58 अमृत का चौघडिया
(20) रात्रि 8.58 से 10.36 चंचल का चौघडिया
(21) रात्रि 8.58 से 10.03 शुक्र की होरा
(22) रात्रि 10.03 से 11.08 बुध की होरा
(23) रात्रि 11.08 से 12.13 चन्द्र की होरा
(24) अर्द्धरात्रि 11.53 से 12.41 निशीथ वेला
(25) अर्द्धरात्रि उपरांत 12.23 से 2.36 सिंह लग्न
(26) अर्द्धरात्रि उपरांत 1.53 से 3.31 लाभ का चौघडिया
(27) प्रातः 5.09 से 6.48 ब्रम्ह मुहूर्त व शुभ का चौघडिया
अस्तु श्री
विषेष – गुरू होरा में पूजन से सद्ज्ञान, भगवत्कृपा प्राप्ति।
शुक्र होरा में पूजन से अतुल धन वैभव।
बुध होरा में पूजन से गणपति, ऋद्धि सिद्धि, लाभ शुभ कृपा प्राप्ति।
गोधूलि वेला में पूजन से गोधन वृद्धि, अमृतपान, आरोग्यता लाभ।
चन्द्र होरा में पूजन से आत्मिक शांति, प्रसन्नता योग प्रबल होते हैं।
जिस प्रकार गुरू का चौघडिया शुभ, बुध का लाभ, चन्द्रमा का अमृत एवं शुक्र का चंचल है, ऐसे ही इनकी होरा भी शुभकारक प्रामाणिक है।
उक्त जानकारी मंत्री पं.जगदीशप्रसाद शर्मा ने दी।

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