Wednesday, April 14, 2021
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शिवराज सिंह सरकार ने कोरोना काल में जनता में बांटा 30 करोड़ का काढ़ा, कांग्रेस ने इसे स्कला बताया ।।


शिवराज सिंह सरकार ने कोरोना काल में जनता में बांटा 30 करोड़ का काढ़ा, कांग्रेस ने इसे स्कला बताया ।।

सरकार की ओर से बताया गया, कोरेना काल में जनता को पचास ग्राम के काढ़े के छह करोड़ पैकेट बांटे गए

भोपाल:

मध्य प्रदेश सरकार (मध्य प्रदेश सरकार) के कोरोना काल (कोरोना अवधि) में बांटे गए त्रिकुट काढ़े (त्रिकुटा काड़ा) को लेकर विवाद हो गया है। विधानसभा में दिए जवाब में पता चला है कि सरकार ने क़रीब तीस करोड़ रुपये का काढ़ा जनता में बांट दिया, कांग्रेस ने इसे घोटाला करार दिया है। गौरतलब है कि कोरोना के दौर में जनता को बीमारी से बचाने और बीमारी से लड़ने के लिए त्रिकुट काढ़ा बांटा गया था। विधानसभा में सरकार ने विधायक जीतू पटवारी के सवाल के जवाब में बताया कि जनता को पचास ग्राम के छह करोड़ पैकेज बांटे गए जिनके क़ीमत 30 करोड़ 64 लाख रुपये खर्च हुए। इस क़ायत पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं।

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कांग्रेस के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुविचार दिया, आपदा में अवसर शिवराज सरकार ने उन्हें आत्मसात किया, 30 करोड़ का काढ़ा बांट दिया और पता नहीं चला।सरकार ने सदन में लिखित जवाब दिया कि 30 नवंबर 2020 तक त्रिकुट काढ़े के क्रय की कुल लागत जीएसटी सहित लगभग 30 करोड़ 64 लाख 48,308 रुपए है। 50 ग्राम की पेंटिंग के कुल 6 करोड़ 3 लाख 94,000 पैकेट विवरण किए गए हैं। जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश की आबादी लगभग साढ़े सात करोड़ है, ऐसे में जब लोगों से हमने पूछा कि क्या उन्हें काढ़ा मिला तो जवाब सुनिये .. वह भी उसी विधानसभा के बाहर, जहां यह दावा हुआ। भगवान सिंह ठाकुर ने बताया कि मैं विधानसभा में विधायक जी के साथ आया था। … यहाँ मुझे, चरण, सैनिटाइजर, वर्क मिला लेकिन काढ़ा नहीं। एक अन्य रेजिमेंट राकेश ने बताया कि हमें कोई काढ़ा नहीं मिला। जहाँगीग्राम जहाँ रैडस्पॉट है, वहाँ.मैं रहता हूँ फिर भी काढ़ा नहीं मिला।

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गौरतलब है कि ये एर्नाकुलम सरकार के वन विभाग के जागृति लघु वनोपज संघ ने बनाई है। जिस पर अब सवाल उठ रहे हैं। सरकार का दावा था कि ये काढ़ा आम जनता को मुफ्त बांटा गया था। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस के सवाल पर तंज कसते हुए कहा, हमने काढ़ा बांटा है, आईएफए नहीं किया। जनता के मूल्य की आवश्यकता हुई तो .30 करोड़ नहीं 300 करोड़ का काढ़ा बाँटेंगे। मध्य प्रदेश में क़ोरोना काल में अबतक 3855 लोगों की मौत हुई है। ये मौतें कोरोना संक््रमण के लिहाज़ से बहुत कम है। वैसे सरकार इसका श्रेय भी काढ़ा और सरकार के अन्य उपायों को दे रही है।



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