Sunday, February 25, 2024
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शहर के अधिकांश इलाके हुए जलमग्न

ध्रुव कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर, बिहार,  

विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी मुजफ्फरपुर नगर निगम की खुली पोलशहर के अधिकांश इलाके हुए जलमग्न, घरों में घुसा जाम नालों का पानी 

मुजफ्फरपुर में मानसून की पहली हल्की बारिश से शहर के अधिकांश इलाके झील में तब्दील हो गए. जिधर देखिये उधर पानी हीं पानी नजर आ रहा है.मुजफ्फरपुर शहर के अधिकांश मुहल्ले और सड़कें भीषण जलजमाव के शिकार हो गए. भीषण जलजमाव के कारण जनजीवन बेहाल हो गया है. सदर अस्पताल परिसर में भीषण जलजमाव से मरीजों और उनके परिजनों का हाल बेहाल दिखा. विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी बारिश ने मुजफ्फरपुर नगर निगम की शहर को जलजमाव से बचानें की कथित व्यवस्था की पोल-पट्टी खोल कर रख दी है. हालाँकि शहर में चारों ओर हुए जलजमाव के बीच जिलाधिकारी कार्यालय और समाहरणालय परिसर में हुए जलजमाव को लेकर नगर आयुक्त प्रयासरत जरूर दिखे. मुजफ्फरपुर में जलजमाव से शहरी इलाकों के दो लाख की आबादी परेशान नजर आई. मुजफ्फरपुर नगर निगम के वार्ड 40 अंतर्गत पुरानी गुदरी रोड में विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी इस मुख्य सड़क के दोनों ओर स्थित नालों की कागजी सफाई और कागजी मिटटी उड़ाही होनें के कारण इलाके के दर्जनों घरों में 02 फिट तक नाले का पानी घुसा दिखा. आमगोला रोड, गोला बांध रोड, बालूघाट, सिकंदरपुर, बनारस बैंक चौक, MSKB कॉलेज रोड, विश्वविद्यालय परिसर, मिठनपुरा सहित शहर की अधिकांश मुख्य सड़कें और गलियां जलमग्न होनें के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी जलजमाव की मार से त्रस्त शहरवासियों ने इस स्थिति के लिए मुजफ्फरपुर नगर निगम के अधिकारियों को अयोग्य और अकर्मण्य बताते हुए कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शहर के अधिकांश नालों की कागजी सफाई के कारण जलजमाव हुआ है. पुरानी गुदरी रोड के दशकों पुराने निवासी सतेन्द्र सिंह, मो.सलीम,मो.अंसार,संजय कुमार राम , मो.मन्नोवर सहित दर्जनों निवासियों ने बताया कि मोहल्ले में हर साल नाला सफाई के नाम पर खानापूर्ति की जाती है.इस वर्ष भी अप्रैल में मुख्य सड़क के दोनों तरफ के नालों की कागजी सफाई की गयी, पुरे नाले के मात्र 05 प्रतिशत हिस्से से मिटटी निकाल कर शेष नालों की कोई सफाई नहीं हुई. उन्होंने बताया की नालों के अधिकांश भाग पर स्थायी रूप से अवैध अतिक्रमण कर कब्ज़ा करनें वालों से उनका अतिक्रमण हटाकर नाला सफाई नहीं किये जानें के एवज में निगमकर्मी मोटी रकम वसूलते है. मोहल्लेवासियों के अनुसार काफी उम्मीद के साथ इस वर्ष की कागजी सफाई की प्रमाण के साथ मेयर, उप-मेयर और स्थानीय वार्ड को सूचना दी गयी थी, लेकिन न तो इसके लिए जिम्मेदार निगम कर्मियों पर कोई कार्रवाई हुई और न  हीं नालों की वास्तविक सफाई हुई. कमोवेश जलजमाव वाले इलाकों के अधिकांश शहरवासियों नें यही स्थिति बय्याँ करते हुए कहा की जलजमाव के लिए जिम्मेवार भ्रष्ट निगमकर्मीयों को जनप्रतिनिधियों का संरक्षण प्राप्त रहनें के कारण हमलोग प्रतिवर्ष करोड़ों रूपये टैक्स देनें के बाद भी वर्ष के चार महीनें जलजमाव और नालों के गंदे पानी के बीच नारकीय जीवन जीनें को विवश होते है. वहीं पूर्व नगर विकास मंत्री और 10 वर्षों तक मुजफ्फरपुर के विधायक रह चुके सुरेश शर्मा कहते है की शहर की नरक जैसी स्थिति हो गई है. उनके कार्यकाल में अमृत विकास योजना के तहत मुजफ्फरपुर शहर को 182 करोड़ रुपए सिर्फ जल निकासी के लिए दिया गया था. जलजमाव का सबसे बड़ा दोषी नगर निगम और जनप्रतिनिधि है. अब और पानी हुआ तो शहर में नाव चलने की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी.

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