Monday, May 17, 2021
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शर्मनाक हरक तो पैसे के लिए 61 साल के बुजुर्ग पर लगाए जाने वाले सेक्स का चार्ज, 3 महिलाएं गिरफ्तार


नई दिलवाली देश की राजधानी के वेस्ट दिल्ली की राजौरी गार्डन थाना पुलिस (दिल्ली पुलिस) की टीम द्वारा एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए तीन ऐसी आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, जो पैसे वाले बुजुर्ग व्यक्ति को अपने जाल में फंसाकर उसके अपोजिट सेक्स करती है (मोलेस्टेशन) करने का फर्जी आरोप (झूठी शिकायत) लगाती थीं। उसके बाद लाखों रुपये की उगाही (जबरन वसूली) की गई। ये आरोप ऐसा होता था कि बुजुर्ग और पैसे वाले अपनी इज्जत बचाने के लिए किसी को कुछ भी बताते थे और चुपचाप पैसे दे देते थे।

इलाके के एसीपी और राजौरी गार्डन थाना के एसएचओ अनिल शर्मा के नेतृत्व में टीम ने इस मामले पर एक शिकायत के आधार पर पिछले कई दिनों से तफ्तीश करते हुए तीन महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनका नाम इस प्रकार से …
1.पूनम- आयु 31 वर्ष (दिल्ली में टैगोर गार्डन की रहने वाली)
2. सोनिया- उम्र – 28 साल (दिल्ली में टैगोर गार्डन की रहने वाली) 3। किरण- 30 वर्ष (यूपी के मेरठ की रहने वाली)

वहीं, दिल्ली दिल्ली कीसीडीपी के मुताबिक, आरोपी पूनम और सोनिया दोनों सगी बहन हैं। हालांकि ये दोनों गुजरात मूल की रहने वाली हैं। ये दोनों की पहली शादी हो चुकी है, लेकिन दोनों के पहले पति को तलाक के बारे में अलग रहना था। उसके बाद इन दोनों बहनों ने सेक्स के धंधे में कूदकर जल्द से जल्द पैसे कमाने के लिए एक गैंग बनाई, जिसमें कई लोगों को जोड़ने की कोशिश की गई। इसी तरह एक नया तरीका अपनाया गया और उन लोगों को अपना शिकार बनाने लगींं जो अक्सर अपने घर में या तो अकेले रहते हैं या जो काफी पैसे वाले बुजुर्ग हैं। पहले लोगों के साथ घुल मिलकर बातचीत करना और उसके बाद एक सूचना के तहत सेक्स करने का आरोप लगा दिया गया। सेक्स के फर्जी आरोप लगाने वाले इस धंधे में प्रमुख आरोपी पूनम और उसकी बहन सोनिया है, लेकिन इस गैंग में किरण का प्रयोग पीड़िता के तौर पर दिखाने के लिए किया गया था। यानी किरण को ये दोनों आरोपी बहन किसी पैसे वाले बुजुर्ग के सामने भेजती थीं और उनसे बातचीत करवाती थीं। उसके बाद ये तीनों आरोपी अवैध वसूली के वारदात को अंजामते थे।

उस वसूली के दौरान शिकायत विपक्ष को बहुत ही डराने का काम किया जाता था और उन्हें ये बताया जाता था कि महिला के खिलाफ गुनाह को अंजाम देने वालों पर देश में बहुत ही शख़्त कानून के तहत कार्रवाई होती है। उससे मिलने तक नहीं। शायद इसी कारण से लोग परेशान होकर पैसे देने के लिए मजबूर हो जाते थे।

दिल्ली से गुजरात के संबंध में, आरोप तक की आरोपियों की तलाश तक जारी है
दिल्ली के मोतीबाग थाना में 7 अप्रैल को 25 साल की एक महिला शिकायत दर्ज करवाती है कि दिनेश चंद महाजन नाम का एक शख्स उसके साथ जबरन शारिरिक संबंध बना चुका है, लिहाज़ा उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई की हो। शिकायत दर्ज होने के बाद वेस्ट जिला पुलिस की टीम तत्काल प्रभाव से इस मामले की तफ़्तीश में जुट गई, लेकिन एसडीपी वेस्ट अलविजा गोयल और राजौरी गार्डन थाना के एसएचओ ने इस मसले पर आपस में बातचीत करने के बाद अपनी जांच करने वाली टीम को ये निर्देश दिए। दिया गया कि सिर्फ शिकायतकर्ता को मत देखो, दोनों पक्ष को गंभीरता से सुनो और पूरी जानकारी / सबूतों को खंगालने के बाद ही कार्रवाई करो। इसी तरह बुजुर्ग दिनेश चंद महाजन से और शिकायतकर्ता महिला से कई राउंड की पूछताछ हुई। इसके साथ ही दिल्ली महिला आयोग की महिला अधिकारियों के बुलाकर उसके सामने ही शिकायतकर्ता महिला का बयान भी दर्ज कर लिया गया। दर्ज बयान के दौरान ही पुलिस की टीम को कई ऐसे इनपुट मिले जिनके बारे में साफ पता चल रहा था की ये फर्जी मामला हो सकता है, लिहाजा शिकायत करने वाली महिला की मेडिकल जांच भी करवाई गई, जिसके बाद पुलिस की टीम इस बात को समझ गई है क्या इस मामले में थोड़ा ही नहीं बल्कि पूरी तरह से पूरी काली ही काली है, लेकिन इस बात का एहसास उन महिला गैंग को नहीं होने दिया गया कि उसकी कंप्यूटिंग को पुलिस समझ चुकी है।

इस पूरी तफ्तीश करने के बाद पुलिस की टीम को ये जानकारी मिली कि 10 लाख रुपये से ज्यादा सेक्स के आरोप के नाम पर वसूली की जांच की गई है। लेकिन जब तक इस मामले पर आगे पुलिस वालों द्वारा कार्रवाई की जाती ये जानकारी मिली कि वे तीनों महिला गैंग अचानक दिल्ली से फरार हो गई हैं। लेखकों तफ़्तीश के दौरान ये जानकारी मिली कि वो लोग राजस्थान के जयपुर और एक महिला आरोपी गुजरात की तरफ गए हैं।

फिर शुरू होता है एक और तफ़्तीश …
उन फरार तीनों महिला गैंग को ढूंढने के लिए दिल्ली पुलिस की राजौरी गार्डन थाना पुलिस टीम ने रघुवीर नगर इलाके से लेकर, आईएसबीटी बस स्टैंड के आसपास करीब 150 सीसीटीवी के फुटेज को खंगाला। कई घरों में जा रहे हैं। यही नहीं, जयपुर में 100 से ज्यादा ऑटो-बस ड्राइवर से जानकारी ली गई। उसके बाद गूगल मैपिंग सहित टेक्नोलॉजी का प्रयोग करते हुए मोतीनगर थाना की पुलिस जयपुर पहुंची और वहां से इन तीनों आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार किया गया।





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