Saturday, December 2, 2023
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वास्तु दोष निवारण हेतु सबसे श्रेष्ठ ’’द्वार सिद्धि विनायक

’’द्वार सिद्धि विनायक’’ गणेष प्रतिमा का दस दिवसीय  अनुष्ठान 19 सितम्बर से किया जावेगा
नीमच 10 सितम्बर 2023। नीमच में पहली बार वास्तुदोष निवारण हेतु सबसे  श्रेष्ठ ’’द्वार सिद्धि विनायक’’ गणेष प्रतिमा का दस दिवसीय अनुष्ठान श्री चौपडा गणेष मंदिर दषहरा मैदान नीमच में किया जाएगा ।   यह 10 दिवसीय अनुष्ठान  श्री चौपड़ा गणेश मंदिर समिति के तत्वाधान  में  पांच  विद्वान पंडितों द्वारा किया जावेगा इस अनुष्ठान को नीमच के प्रसिद्ध ,समय के पाबंद ज्यो.पं.लक्ष्मण षास्त्री,  ज्यो.पं.घनष्याम षास्त्री (चल्दू) ज्यो. पं. प्रेमप्रकाश गौड ( गुरु महाराज) सहित कुल 5 विद्वान पंडितो द्वारा संपन्न  करवाया जायेगा
इस विषय में अधिक जानकारी देते हुए
श्री चौपडा गणेष मंदिर समिति के अध्यक्ष षिवनारायण गर्ग एवं सचिव राजेन्द्र गर्ग (पप्पी सर) ने संयुक्त रूप से बताया कि इस अनुष्ठान के लिये नीमच के बाहर से काले पत्थर से बनी 4 इंच की दाहिनी सूण्ड वाली गणेषजी की प्रतिमा  जो की वास्तु दोष निवारण के लिए सबसे श्रेष्ठ है ऐसी 125 प्रतिमा को मंगवाकर 5 पंडितों द्वारा प्रतिदिन समय के अनुसार  पूजन, अभिषेक, अर्चन, पाठ आदि के द्वारा सिद्ध किया जाएगा तथा  अनंत चतुर्दषी के दिन इन्हें हवन के पष्चात् सषुल्क वितरित किया जावेगा।
इस द्वार सिद्धि विनायक गणेश प्रतिमा के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए पंडितों ने  संयुक्त रूप से बताया कि काले पत्थर से बनी गणेष प्रतिमा को सिद्धि विनायक के रूप से घर , दूकान ,ऑफिस आदि  के द्वार पर एक बाहर और एक अंदर की तरफ विराजमान करने से समस्त प्रकार के भूमि दोष, दृष्टि दोष ,वास्तु दोषों का निवारण हो जाता है। इसके अलावा यदि घर में सुख शांति ना हो,पैसा पास में नही टिकता हो, व्यापार में लाभ ना होता हो,घर में बीमारी और क्लेश होता हो तो इस प्रतिमा को विराजमान करने से सभी समस्याओं का समाधान भी हो जाता है। साथ ही इस प्रतिमा को  विराजमान करने से रिद्धि सिद्धि  आमोद प्रमोद तुष्टि पुष्टि शुभ लाभ श्री इन नौ सिद्धियो का भी अखंड निवास भी बना रहता है इसलिए अति प्राचीन मंदिरों में महलों में मुख्य द्वारों पर भीतर और बाहर की तरफ सिद्धि विनायक प्रतिमा आज भी विराजमान है इस प्रतिमा को सिद्ध करने के लिए साल में आने वाले भाद्रपद महीने की गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक के दस दिन सबसे श्रेष्ठ होते है
समिति के द्वारा यह  भी बताया गया कि इन दस दिनों में 5 पंडितो द्वारा  सुपारियो को भी अभिमंत्रित एवं सिद्ध किया जाएगा तथा यह सभी अभि मंत्रित और सिद्ध सुपारिया
निशुल्क वितरित की जाएगी

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