Sunday, October 2, 2022
HomeUttar Pradeshवायु प्रदूषण की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस प्रयासों की...

वायु प्रदूषण की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के कार्यों की समीक्षा की
शहरों में परिवेशीय वायु गुणता निगरानी तंत्र के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण की कार्यवाही की जाए
ट्रांसपोर्ट सेक्टर में वायु गुणता सुधार के लिए ई-मोबिलिटी, फ्लीट उच्चीकरण और ट्रैफिक प्रबन्धन की कार्यवाही आवश्यक
वृक्षारोपण और ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास तथा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेण्ट के लिए प्रभावी प्रयास की जरूरत
वायु प्रदूषण की समस्या के समाधान की दिशा में नियोजित प्रयास करते हुए स्वच्छ वायु प्रबन्धन परियोजना तैयार की जाए
उद्योगों में क्लीन एनर्जी और बायोमास की आपूर्ति के लिए विशेष ध्यान दिए जाएं
अमोनिया और मीथेन के उत्सर्जन में कमी के लिए प्राकृतिक खेती और कम्प्रेस्ड बायोगैस को बढ़ावा देना होगा
प्रदेश में एग्रो फॉरेस्ट्री के क्षेत्र की अपार सम्भावनाओं और चुनौतियों के समाधान के लिए एक उत्कृष्ट शोध, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की आवश्यकता
प्रदेश के कृषि भू-दृश्य क्षेत्र के अन्तर्गत लगभग 190 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि के सापेक्ष 20 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में कृषि वानिकी के विस्तार की सम्भावना
कृषि फसलों के साथ पौधारोपण से भूमि की उत्पादकता में बढ़ोत्तरी तो होती ही है, किसानों की आजीविका रोजगार और आय में बढ़ोत्तरी का माध्यम भी बनती है
कृषि वानिकी और अन्तर्गत पॉपलर की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्लाईवुड तथा काष्ठ आधारित उद्योगों की स्थापना के ठोस प्रयास किए जाएं
योजनाबद्ध रीति से पॉपलर के पौधे लगाने के लिए किसानों को जागरूक करना चाहिए, यह किसानों की आय को बढ़ाने में सहायक तो होगा ही, नवीन रोजगार सृजन में भी सहायक होगा

 

 लखनऊ:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वायु प्रदूषण की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता है। शहरों में परिवेशीय वायु गुणता निगरानी तंत्र के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण की कार्यवाही की जाए। वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए उपलब्ध मल्टी सेक्टर बजट व्यवस्था का कन्वर्जेंस भी किया जाना चाहिए। ट्रांसपोर्ट सेक्टर में वायु गुणता सुधार के लिए ई-मोबिलिटी, फ्लीट उच्चीकरण और ट्रैफिक प्रबन्धन की कार्यवाही आवश्यक है। वृक्षारोपण और ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जाना चाहिए। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेण्ट के लिए प्रभावी प्रयास की जरूरत है।
मुख्यमंत्री  अपने सरकारी आवास पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विगत पांच वर्षों के वायु प्रदुषण अध्ययन के अनुसार करीब 17 नगरों का औसत पी0एम0-10 और पी0एम0-2.5 राष्ट्रीय औसत से अधिक है। लखनऊ, कानपुर, आगरा वाराणसी, प्रयागराज, बरेली, गाजियाबाद, मुरादाबाद, नोएडा, मेरठ, फिरोजाबाद, गोरखपुर जैसे शहरों में बढ़ती जनसंख्या और औद्योगिक गतिविधियों से वायु प्रदूषण की समस्या है। इस दिशा में नियोजित प्रयास करते हुए स्वच्छ वायु प्रबन्धन परियोजना तैयार की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों में क्लीन एनर्जी और बायोमास की आपूर्ति के लिए विशेष ध्यान दिए जाएं। हमें अमोनिया और मीथेन के उत्सर्जन में कमी के लिए प्राकृतिक खेती और कम्प्रेस्ड बायोगैस को बढ़ावा देना होगा। प्रदेश में एग्रो फॉरेस्ट्री के क्षेत्र की अपार सम्भावनाओं और चुनौतियों के समाधान के लिए एक उत्कृष्ट शोध, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की आवश्यकता है। इस सम्बन्ध में विधिवत अध्ययन के उपरान्त प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के कृषि भू-दृश्य क्षेत्र के अन्तर्गत लगभग 190 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि के सापेक्ष 20 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में कृषि वानिकी के विस्तार की सम्भावना है। कृषि फसलों के साथ पौधारोपण से भूमि की उत्पादकता में बढ़ोत्तरी तो होती ही है, किसानों की आजीविका रोजगार और आय में बढ़ोत्तरी का माध्यम भी बनती है।
मुख्यमंत्री   ने कहा कि विगत 05 वर्षों में 100 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया जा चुका है। इस कार्य में व्यापक जनसहयोग भी प्राप्त हुआ है। पौधे लगाने के साथ-साथ हमें इनके संरक्षण का भी पूरा ध्यान रखना होगा। वन विभाग द्वारा विगत 05 वर्षों में हुए कुल पौधरोपण के प्रयास और उससे बढ़े ग्रीन कवर की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि कृषि वानिकी आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देने की नीति के अच्छे परिणाम मिले हैं। कृषि वानिकी और अन्तर्गत पॉपलर की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्लाईवुड तथा काष्ठ आधारित उद्योगों की स्थापना के ठोस प्रयास किए जाएं। हमें योजनाबद्ध रीति से पॉपलर के पौधे लगाने के लिए किसानों को जागरूक करना चाहिए। यह किसानों की आय को बढ़ाने में सहायक तो होगा ही, नवीन रोजगार सृजन में भी सहायक होगा।
इस अवसर पर मुख्य सचिव   दुर्गा शंकर मिश्र, कृषि उत्पादन आयुक्त   मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री   एस0पी0 गोयल, अपर मुख्य सचिव वन  मनोज सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments