Thursday, October 22, 2020
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लखनऊ: 28 साल बाद अयोध्या के बाबरी विध्वंस मामले में 30 को होगा फैसला, इनकी किस्मत दांव पर | lucknow – समाचार हिंदी में


लखनऊ: 28 साल बाद अयोध्या के बाबरी विध्वंस मामले में 30 को होगा फैसला, इनकी किस्मत दांव पर

बाबरी विध्वंस केस में सुनवाई पूरी तरह फैसले की बारी है

अयोध्या बाबरी विध्वंस केस: इस मामले में पूर्व उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री रहे कृष्ण लालवानी, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी, राजस्थान के पूर्व राज्यपाल और यूपी के सीएम रहे कलिंग सिंह, बीजेपी नेता अजय कटियार, पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम उमा भारती, साध्वी ऋतंभरा सहित 32 लोग आरोपी बनाए गए थे।

  • News18Hindi
  • आखरी अपडेट:
    16 सितंबर, 2020, 3:04 PM IST

लखनऊ। अयोध्या (अयोध्या) में 6 दिंसबर 1992 को रामजन्मभूमि परिसर में स्थित विवादित ढांचे (बाबरी मस्जिद) को गिराए जाने के मामले में फैसला 30 सितंबर को होगा। विवादितहत्या (विवादित ढांचा) ढहा जाने के मामले में कुल 49 एफआईआर दर्ज हुए थे। एक एफआईआर फैजाबाद के थाना रामजन्म भूमि में एसओ प्रियवंदा नाथ शुक्ला जबकि दूसरी एसआई गंगा प्रसाद तिवारी ने दर्ज कराई थी। शेष 47 एफआईआर अलग-अलग तारीखों पर अलग-अलग पत्रकारों व लोगों ने भी दर्ज कराए थे। पांच अक्टूबर, 1993 को सीबीआई ने जांच के बाद इस मामले में कुल 49 मुल्जिमों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इनमें से आरोपियों की मौत हो चुकी है।

ये आरोपी हैं

इस मामले में पूर्व उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री रहे लाल कृष्ण आडवाणी, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी, राजस्थान के पूर्व राज्यपाल और यूपी के सीएम रहे कल्याण सिंह, बीजेपी नेता विनय कटियार, पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के सीएम उमा भारती, साध्वी ऋतंभरा जिसमें 32 लोग आरोपी बनाए गए थे। इस मामले में 1 सितंबर से सीबीआई की विशेष अदालत (सीबीआई विशेष अदालत) में बचाव व अभियोजन पक्ष की ओर से मौखिक बहस पूरी कर ली गई थी। जिसके बाद अब सीबीआई के विशेष जज सुरेंद्र कुमार यादव ने अपना फैसला लिखवाना शुरू कर दिया है। बता दें कि बाबरी विध्वंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रत्येक दशा में 30 सितंबर तक अपना फैसला सुनाने का आदेश सीबीआई की विशेष अदालत को दे रखा है।

इन लोगों ने बहस कीपूर्ण परीक्षण के दौरान अदालत के समक्ष बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील मृदुल राकेश व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर अपनी मौखिक बहस पूरी की, जबकि वरिष्ठ वकील आईबी सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने मुवक्किल आरएन श्रीवास्तव की ओर से मौखिक बहस की। उधर, दिल्ली से वकील महिपाल अहलूवालिया ने भी वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए वरिष्ठ बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी व मुरली मनोहर जोशी की तरफ से मौखिक बहस की। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वकील विमल कुमार श्रीवास्तव, अभिषेक रंजन व केके मिश्रा भी उपस्थित थे। दूसरी ओर सीबीआई की ओर से वकील पी चक्रवर्ती, ललित कुमार सिंह व आरके यादव ने मौखिक बहस की।



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