Saturday, October 24, 2020
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रूस-वेनेजुएला के कलाकारों ने देल्हीस पुरानी रामलीला का प्रभुत्व किया – दिल्ली की सबसे पुरानी रामलीला में रूस और वेनेजुएला के कलाकार क्वे


दिल्ली की सबसे पुरानी रामलीला में रूस और वेनेजुएला के कलाकार छाए

रामलीला में विदेशी कलाकारों की भी धूम।

नई दिल्ली:

दिल्ली (दिल्ली) के सबसे पुराने रामलीला (रामलीला) केंद्रों में एक श्रीराम भारतीय कला केंद्र में मंचन शुरू हो गया है। इसमें रूस, वेनेजुएला औऱ अन्य देशों से आए थे रामलीला के कलाकार ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। रूस की एक कलाकार रामलीला में सूर्पनखा की भूमिका निभा रही हैं।

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64 साल पुराने इस केंद्र में रामलीला का मंचन 27 अक्टूबर तक चलेगा। हालांकि कोविद के प्रोटोकॉल के बीच दर्शकों की संख्या 600-700 की जगह घटकर 100 रह गई है। सभी कलाकारों का भी कोविड टेस्ट कराया गया है।
पद्मश्री विजेता और मंचन की निर्देशक शोभा दीपक सिंह ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि हम जुलाई से ही अभ्यास कर रहे हैं औ कर सभी कलाकारों के को विभाजित टेस्ट के साथ सभी संगठनों बरती जा रहे हैं। शोभा खुद थोड़े दिन पहले कोरोना पॉजिटिव हो गए थे, लेकिन स्वस्थ होकर पुन: आयोजन को सफल बनाने में जुट गए हैं।

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रोज शाम 6.30 बजे से रात 9.30 बजे तक स्नान और रामलीला का मंचन अगले दस दिनों तक चलेगा। मंच पर दो विशालकाय स्क्रीन भी लगाई गई हैं। इसमें एक में मंचन से जुड़े दृश्य दिखाए जाते हैं। जबकि दूसरे में अगले दृश्यों से जुड़ी कहानियां होती हैं। कलाकार खुद संवाद तो नहीं बोलते हैं, लेकिन उनकी प्रस्तुति के दौरान से संवाद के साथ संगीत बजता है।
सीता का भूमिका अदा कर रहे माधवी रस्तोगी ने कहा कि वह इस रामलीला में पिछले 12 साल से अभिनय कर रही हैं। ओडिशी की नर्तक माधवी दूसरी बार देवी सीता की भूमिका में हैं। कक्षा आठ की पढ़ाई के दौरान से ही वह कला केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।

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27 साल की रुसी कलाकार विक्टोरिया पावलुकोवा ने कहा कि वह रामलीला में भागीदारी से उत्साहित हैं। वह रावण की बहन सूर्पनखा की भूमिका निभा रही हैं। वह बंगाल औपु झारखंड के छाऊ नृत्य में निपुण भी हैं। वेज़ुएला की राधा रानी तीसरे बार रामलीला से जुड़ी हैं। ओडिशा नर्तक राधा का पालन-पोषण तो वेनेजुएला में हुआ, लेकिन उनके माता-पिता हिंदू धर्म और भगवान कृष्ण से बेहद प्रभावित थे और रोज मंदिर जाते थे। यहीं उनका नाम राधा रानी पड़ा।

लक्ष्मण बने शिवराम महंत 17 साल से रामलीला मंचन से जुड़े हैं। वह कोविद काल में कलाकारों को रामलीला केंद्र के निकट ही पढ़ने की सुविधा देने से खुश हैं। राज्यसभा सांसद के साथ भरतनाट्यम और ओडिशी की प्रसिद्ध नर्तक सोनल मानसिंह ने इस मुख्य अतिथि के तौर पर रामलीला का उद्घाटन किया था।



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