Monday, May 17, 2021
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यूपी पंचायत चुनव 2021: हाथरस में बेहद दिलचस्प मुकाबला रहा, इस वार्ड से पूर्व मंत्री की पत्नी और देवरानी स्नेक-मो।


हाथरस पंचायत चुनाव में विधायक की पत्नी और देवरानीआमने सामने

हाथरस पंचायत चुनाव में विधायक की पत्नी और देवरानीआमने सामने

हाथरस पंचायत कूनव: एक पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय की पत्नी हैं तो दूसरी उनके भाई की पत्नी। इस कारण से उनकी वापसी भी शुरू हो गई है। यही कारण है कि विधायक परिवार के आंतरिक कलह का फायदा अन्य उम्मीदवार उठाना चाहते हैं।

हाथ। उत्तर प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (यूपी पंचायत चुनव 2021) में एक से एक और अनोखे से देखने को मिल रहे हैं। जिला हाथरस (हाथरस) में जिला पंचायत के कुछ वार्डों में भी मुकाबला बेहद दिलचस्प है। सबसे ज्यादा रोमांचक मुकाबला वार्ड नंबर 14 में हो रहा है, यहां जेठानी सीमा उपाध्याय और देवरानी रितु उपाध्याय के बीच हो रही से कुछ और प्रत्याशियों ने रोमांचक बना दिया है। एक पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय की पत्नी हैं तो दूसरी उनके भाई की पत्नी। इस कारण से उनकी वापसी भी शुरू हो गई है। यही कारण है कि विधायक परिवार के आंतरिक कलह का फायदा अन्य उम्मीदवार उठाना चाहते हैं।

जिले के कद्दावर नेता व सादाबाद विधायक रामवीर उपाध्याय के परिवार में कलह खुलकर सामने हो गया है। रामवीर उपाध्याय की पत्नी व पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय जिला पंचायत के वार्ड नंबर 14 से सदस्य पद का चुनाव लड़ रही हैं और उनके सामने कोई और नहीं बल्कि खड़ी है उनकी देवरानी और पूर्व विधायक मुकुल उपाध्याय की पत्नी रितिका उपाध्याय। पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के साथ-साथ मुकुल उपाध्याय की वापसी भी शुरू हुई है। सीमा उपाध्याय जहां निर्दलीय चुनाव मैदान में ढेर हैं तो रितु को बीजेपी का समर्थन प्राप्त है। इस से को और आकर्षक बना दिया गया है निर्दलीय प्रत्याशी क्षमा शर्मा ने। क्षमा शर्मा के पति डॉ अविन शर्मा लंबे समय से बीजेपी की राजनीति कर रहे हैं और इस बार से पार्टी का समर्थन पाने के लिए दाव सूची भी कर रहे थे, लेकिन बीजेपी ने ऐन वक्त पर मुकुल की पत्नी को समर्थन दे दिया। ऐसे में क्षमा भी मैदान में कूद गई।

रामवीर की रीवा स्टिक पर
वहीं सपा ने इस चुनाव में हेमू सिसोदिया को मैदान में उतारा है। मुकाबला काफी रोमांचक भरा है। इस सीट पर उनके पति व जिले के दिग्गज नेता रामवीर की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। वहीं अपने परिवार से बगावत कर चुनाव लड़ रहे मुकुल के सामने भी अपनी राजनीतिक साख बचाने की चुनौती है। मुकुल की पत्नी नगर पालिका का चुनाव हार चुके हैं और मुकुल भी कई चुनाव हार चुके हैं। ऐसे में यदि यह चुनाव वह जीते तो उन्हें एक राजनीतिक संजीवनी मिलेगी। रामवीर और सीमा उपाध्याय राजनीति के पुराने खिलाड़ी हैं और यह निर्वाचन क्षेत्र उनके लिए काफी पुराना भी है, लेकिन उन्हें इस बार घर से ही चुनौती मिल रही है।रोमांचक हुआ मुकाबला

ऐसा पहली बार हो रहा है कि उपाध्याय परिवार के दो सदस्य आमने सामने मैदान में है। इसके मुकाबले को निर्दलीय प्रत्याशी क्षमा शर्मा ने भी रोमांचक बना दिया है। इनकी कोशिश है कि इस परिवार में हुई फूट को ही मुद्दा बना लिया जाए और विजयश्री प्राप्त कर ली जाए। उधर सपा ने हेमू सिसोदिया तो बसपा ने मधु चौधरी को समर्थन दिया है। ऐसे में मुकाबला काफी दिलचस्प है और हर किसी की नजर इस पर है।








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