Monday, May 17, 2021
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यूपी: चुनावी ड्यूटी में अफसरों और कर्मचारियों पर कहर हो जाता है


पंचायत चुनाव 2021 को गोरखपुर के तमाम परिवार ता उम्र भूल नहीं पाएंगे। कोरोना संक्रमण के दौर इस ग्राम पंचायत चुनाव ने कई मासूम बच्चों के सिर से असमय मां और पिता का हाथ छीन लिया तो कई परिवारों से बुढ़ापे की लाठी चली गई। दर्द की यह व्यवस्थाएँ थमती नहीं दिख रही है। मतगणना में ड्यूटी के बाद तमाम लोग खुद को क्वारंटीन कर रहे हैं। अपने शरीर के एक-एक परिवर्तनों पर नजर गड़ाए हुए इसलिए कोई भी तंडली दिखे तो कोरोना की जांच करें, समय से उपचार शुरू करें।

रविवार और सोमवार को मतगणना के दौरान कई कर्मचारी संगठनों ने मुलाकात की, आनन-फानन में उन्हें दूसरे कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। ड्यूटी के बाद तमाम कर्मचारियों ने स्वयं को क्वारंटीन किया। बुखार, सर्दी जुकाम और बदन दर्द की शिकायतें सामने आईं। कई लोग कोरोना का नया सिरे से टेस्ट करा रहे हैं। कर्मचारी संगठनों का दावा है कि आने वाले तीन चार दिनों में मतगणना में ड्यूटी देने वाले कर्मियों में काफी संख्या में संक्रमण सामने आएगा।

42 से अधिक शिक्षक कोरला गया कोरोना
शिक्षक संगठनों के दावे को माने तो अकेले गोरखपुर जनपद में पंचायत चुनाव के दौरान 42 के लगभग शिक्षामित्र, सहायक अध्यापक, प्रधानाध्यापक, लिपिक, लेखाकार का निधन हो चुका है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रभाकर मिश्र और कार्यवाहक अध्यक्ष अमित कुमार मिश्र ने बताया कि पंचायत चुनाव में ड्यूटी के बाद अकेले 36 शिक्षकों की मौत हुई है। अभी तमाम शिक्षक कोरोना के संक्रमण से शिकार होकर जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस सूची में शिक्षा विभाग के लिपिक, लेखाकार और माध्यमिक शिक्षकों को भी जोड़ लिया जाए तो यह संख्या 42 पार हो जाती है। वर्तमान में यूनियन ने मुख्यमंत्री और डीएम पत्र सौंप कर मृत शिक्षकों और कर्मचारियों के आश्रितों को 50 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति के साथ उन्हें अन्य सुविधाएं जल्द देने की अपील की है।

एक वनकर्मी की मृत्यु, 15 दिवसीय
गोरखपुर वन पैदल में वनरक्षक खजनी कन्हैयालाल का चुनावी ड्यूटी के बाद संक्रमण से निधन हो गया है लेकिन 15 से ज्यादा वनकर्मी कोरोना के संक्रमण से गुजर रहे हैं। उत्तर प्रदेश सहायक वन कर्मचारी संघ के महामंत्री अमित श्रीवास्तव का कहना है कि कुल चार दिन में गोरखपुर सहित विभिन्न जिलों में डीएफओ सहित 8 वनकर्मियों की मौत कोरोना से हुई है। एयरलाइन स्टाफ मानकर न वैक्सीन मिला न कोई सुविधा। सरकार ने तत्काल 50 लाख रुपये मृतक आश्रितों को प्रदान करते हुए उन्हें नौकरी प्रदान की।

14 से ज्यादा कर्मचारियों की मौत
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रुपेश कुमार श्रीवास्तव और महामंत्री अश्वनी कुमार श्रीवास्तव कहते हैं कि लोक निर्माण विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण विकास, बिजली, जिला परिषद में तकरीबन 14 कर्मचारियों को पंचायत चुनाव में ड्यूटी के दौरान मौत हो गई है। तमाम विविधताएँ हैं। सरकार को चाहिए कि उन्हें कोरोनामन घोषित कर उनके मृतक आश्रितों को नौकरी और 50 लाख रुपये का आर्थिक अनुदान प्रदान करें।



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