Sunday, September 20, 2020
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यूपी के 16 जिलों में बाढ़ का कहर, खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं कई नादानी | lucknow – समाचार हिंदी में


लखनऊ। उत्तर प्रदेश (उत्तर प्रदेश) के 16 जिलों के 536 गांव बाढ़ (बाढ़) से प्रभावित हैं और कई नदियां खतरे के निशान से उपर बह रही हैं। राज्य के राहत आकृत संजय गोयल ने बाढ़ की स्थिति से अवगत करें हुए बुधवार को कहा, 'वर्तमान में 16 जनपदों के 536 गांवों में बाढ़ से प्रभावित हैं। पलिया कलां-लखीमपुरखीरी में शारदा नदी, तुर्तीपट-बलिया में सरयू नदी (सरयू नदी), बर्डघाट-गोरखपुर में राप्ती नदी, बेनिनब्रिज-बाराबंकी और अयोध्या में सरयू (घाघरा) नदी के खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। '

बाढ़ की स्थिति पर सरकार की नजर

इसके अलावा गोयल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति पर सरकार लगातार नजर रख रही है और वर्तमान में सभी तटबंध सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में सभी तटबंध सुरक्षित है और बाढ़ के संबंध में निरन्तर निगरानी की जा रही है। कहीं भी किसी भी प्रकार की चिंताजनक स्थिति नहीं है। जबकि प्रभावित जिलों में 'तलाश और बचाव' के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की कुल 16 टीमें तैनाती की गयी हैं और 2728 नावें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगायी गयी हैं।

सीएम ने ये आदेश दिएराज्य के राहत आयुक्त संजय गोयल ने बताया कि बाढ़ और अतिवृष्टि की आपदा से निपटने के लिए बचाव एवं राहत प्रबन्धन के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्राधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नदियों के जलस्तर की सतत निगरानी रखी जाए और आसपास के गांवों में पानी भरने के पूर्व ही अलावदी कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों और बाढ़ शरणालयों में ले जाया जाए।

गोयल के अनुसार मुख्यमंत्री ने यह निर्देश भी दिया है कि बाढ़ शरणालयों में को विभाजित -19 के दृष्टिगत समुचित सोशल डिस्टेसिंग का अनुपालन किया जाए और भोजन आदि की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित हो। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश के सभी क्षेत्रों में निगरानी रखी गई और आवश्यक मरम्मत समाग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की गई ताकि किसी भी प्रकार की क्षति होने से पूर्व ही उसे रोका जा सके।

बाढ़ पीड़ित परिवारों को किट्यान वितरण

संजय गोयल ने बताया कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को खाद्यान्न किट का वितरण किया जा रहा है। इस किट में 17 प्रकार की सामग्री है। इसमें 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो, पांच किलो लाई, दो किलो भूना चना, दो किलो अरहर की दाल, आधा किलो नमक, 250 ग्राम हल्दी, 250 ग्राम काली मिर्च, 250 ग्राम धनिया, पांच लीटर कैरोसिन, एक पैकेट मोमबत्ती, एक पैकेट माचिस, 10 पैकेट बिस्कुट, एक लीटर रिफाइंड तेल, 100 ग्राम क्लोरीन और दो स्नान के साबुन सहित किए जा रहे हैं। गोयल ने बताया कि अब तक राहत सामग्री के अंतर्गत 12,496 खाद्यान्न किट्टी व 86,209 मीटर तिरपाल का वितरण किया जा चुका है, 223 मेडिकल टीम भी लगायी गयी हैं।

पशुओं के चारे के लिए कुल 415 कुंतल भूसा विवरण

राहत आयुक्त ने बताया कि बाढ़ की आपदा से निपटने के लिए राज्य में 160 बाढ़ शरणालय और तीन जिलों के 36 शरणालयों में 3,984 लोग रह रहे हैं, तो 657 बाढ़ चौकियां स्थापित की गयी हैं। प्रदेश में 139 पशु शिविर स्थापित किए गए हैं और 5,12,591 पशुओं का टीकाकरण भी किया गया है। उन्होंने बताया कि पशु के चारे के लिए कुल 415 कुंतल भूसा शामिल किया गया है। आपदा से निपटने के लिए जनपद और राज्य स्तर पर आपदा नियंत्रण केंद्र की स्थापना की गयी है। किसी को भी बाढ़ या अन्य आपदा के संबंध में कोई भी समस्या होती है तो वह जनपदीय आपदा नियंत्रण केंद्र या राज्य स्तरीय कंट्रोलर हेल्प लाइन नंबर -1070 पर फोन कर संपर्क कर सकता है।



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