Home Pradesh Uttar Pradesh मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में अयोध्या में मंत्रिपरिषद की बैठक

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में अयोध्या में मंत्रिपरिषद की बैठक

0
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में अयोध्या में मंत्रिपरिषद की बैठक
 

अयोध्याधाम के समग्र विकास हेतु केंद्र व राज्य सरकार द्वारा 30,500 करोड़ रु0 से अधिक की 178 विकास परियोजनाएं क्रियान्वित की जा रहीं : मुख्यमंत्री

 
उ0प्र0 अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के गठन की कार्यवाही आगे बढ़ी, इस प्राधिकरण के गठन से प्रदेश में जल यातायात को बढ़ावा मिलेगा, प्रदेश को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी
 
उ0प्र0 श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद के गठन का प्रस्ताव पारित
 
अयोध्या में भारतीय मन्दिर वास्तुकला संग्रहालय की स्थापना होगी, अयोध्या शोध संस्थान को विस्तार देते हुए अन्तरराष्ट्रीय अयोध्या रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के रूप में विकसित करने का निर्णय
 
उ0प्र0 श्री देवीपाटन धाम तीर्थ विकास परिषद, शुकतीर्थ क्षेत्र परिषद के गठन का प्रस्ताव पारित
 
लक्खी मेला हाथरस, मकर संक्रांति तथा बसंत पंचमी मेला अयोध्या, गंगा स्नान मेला अनूपशहर बुलंदशहर
तथा देव दीपावली काशी के प्रांतीयकरण का निर्णय
 
प्रदेश सरकार ने ड्रोन प्रचालन सुरक्षा नीति तैयार की
 
 28 नवम्बर, 2023 से उ0प्र0 विधानमण्डल का शीतकालीन सत्र प्रारम्भ होगा
 
मुख्यमंत्री ने मंत्रिपरिषद के सदस्यों के साथ श्री हनुमानगढ़ी मन्दिर तथा श्रीरामलला का दर्शन-पूजन किया, अयोध्या में संचालित विकास कार्यों का अवलोकन किया  

 

लखनऊ :  

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   ने कहा कि अयोध्या नगरी नए युग की ओर प्रस्थान कर रही है। आज पूरी दुनिया अयोध्या की ओर आकर्षित हो रही है। अयोध्याधाम के समग्र विकास हेतु केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 30,500 करोड़ रुपए से अधिक लागत की कुल 178 विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन की कार्यवाही चल रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की मंशा के अनुरूप अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने के लिए तेजी से कार्य प्रारंभ हुआ है। मंत्रिपरिषद ने आज अयोध्या धाम में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
मुख्यमंत्री   अयोध्या के अन्तरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में आहूत मंत्रिपरिषद की बैठक के उपरान्त मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अयोध्या के विकास के लिए क्रियान्वित की जा रही परियोजनाओं के साथ ही, आने वाले समय में श्रीराम जन्मभूमि में भव्य मंदिर निर्माण तथा श्रीरामलला के उसमें विराजमान होने के बाद, यहां श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों का भारी संख्या में आगमन होगा। इसे ध्यान में रखकर उत्तर प्रदेश श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद के गठन का प्रस्ताव कैबिनेट द्वारा पारित किया गया है। इस तीर्थ विकास परिषद द्वारा यहां होने वाले पर्व और त्योहारों की व्यवस्थाओं के समन्वय में सहायता प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री   ने कहा कि आज मंत्रिपरिषद में कुल 14 प्रस्ताव आए थे। इनमें पहला प्रस्ताव उत्तर प्रदेश अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (इनलैण्ड वॉटर-वे अथॉरिटी) के गठन से सम्बन्धित है। यह इनलैण्ड वॉटर-वे अथॉरिटी प्रदेश में जल यातायात को बढ़ावा देने का कार्य करेगी। इसके माध्यम से वॉटर स्पोर्ट्स एक्टिविटीज को तेजी से आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी। पर्यटन की सुविधाओं में बढ़ोत्तरी करने के साथ-साथ प्रदेश को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने में भी यह अथॉरिटी मददगार साबित होगी।
मुख्यमंत्री   ने कहा कि देश में सबसे अच्छी कृषि और जल संसाधन उत्तर प्रदेश में उपलब्ध है। प्रदेश में स्थित 12 से अधिक नदियां जल यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इनमें गंगा जी, यमुना जी, सरयू जी, राप्ती, गोमती आदि नदियां सम्मिलित हैं। इसके लिए यह अथॉरिटी केंद्र सरकार के साथ मिलकर कार्य करेगी। इससे प्रदेश के परम्परागत और कृषि उत्पादों को दुनिया भर के बाजारों में पहुंचाने में सहायता प्राप्त होगी। आज से लगभग 2,000 वर्ष पूर्व अयोध्या की राजकुमारी जलमार्ग से ही साउथ कोरिया गयी थी और वहां के राजकुमार से विवाह बंधन में बंधी थीं। आज भी वहां के लोग भावनात्मक रूप से अयोध्या से जुड़े हुए हैं। अयोध्या स्थित रामकथा पार्क के बगल में क्वीन हो मेमोरियल पार्क के निर्माण का कार्य दक्षिण कोरिया और प्रदेश सरकार मिलकर कर रही है।
मुख्यमंत्री   ने कहा कि प्रदेश के बारे में कहा जाता था कि यह एक लैण्डलॉक्ड राज्य है। दुनिया में उन देशों ने प्रगति की, जिनके पास बेहतर जल मार्ग हैं। देश में जिन राज्यों में जलमार्ग की सुविधा है, उन्हें निर्यात की सस्ती सुविधा प्राप्त हो रही है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा और मार्गदर्शन से वाराणसी से हल्दिया के बीच देश का पहला इनलैण्ड वॉटर-वे सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। प्रधानमंत्री जी ने 13 जनवरी, 2023 को वाराणसी से डिब्रूगढ़ के बीच संचालित दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज का फ्लैग ऑफ किया था।
मुख्यमंत्री   ने कहा कि मंत्रिपरिषद की बैठक में उत्तर प्रदेश श्री देवीपाटन धाम तीर्थ विकास परिषद के गठन का प्रस्ताव पारित किया गया। यह एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। यहां विशेषकर वासंतीय नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में नेपाल से श्रद्धालुओं का आगमन होता है। जनपद मुजफ्फरनगर में शुकतीर्थ को और अधिक विकसित करने के लिए शुकतीर्थ क्षेत्र परिषद के गठन का प्रस्ताव भी पारित किया गया है। श्रीमद्भागवत पुराण की पहली कथा शुकतीर्थ में हुई थी। यहां राजा परीक्षित को शुकदेव ऋषि ने भागवत की कथा सुनाई थी, जिसके कारण उन्हें मोक्ष प्राप्त हुआ। प्रदेश सरकार ने यहां पर गंगा की धारा लाने में सफलता प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री   ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की मंशा है कि जो भी अयोध्या आए, वह दर्शन के साथ ही, भारत के मंदिरों के वास्तु को भी जाने। इसके लिए अयोध्या के माझा जमथरा गांव में भारतीय मन्दिर वास्तुकला संग्रहालय की स्थापना के लिए 25 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने की व्यवस्था के लिए कैबिनेट ने प्रस्ताव पारित किया है। जनपद अयोध्या में वर्ष 1986 में अयोध्या शोध संस्थान स्थापित हुआ था। विगत 6-7 वर्षों में अयोध्या शोध संस्थान ने काफी प्रगति की है। आज प्रदेश सरकार ने इस शोध संस्थान को विस्तार देते हुए अन्तरराष्ट्रीय अयोध्या रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री   ने कहा कि जनपद हाथरस के बृज द्वार देहरी में श्री दाऊजी महाराज की स्मृति में लक्खी मेले का आयोजन किया जाता है। इसके प्रांतीयकरण का निर्णय लिया गया है। अयोध्या में कार्तिक मेले, रामनवमी, मकर संक्रांति, बसंत पंचमी तथा दीपोत्सव आदि मेले लगेंगे इन सभी के प्रान्तीयकरण का भी निर्णय कैबिनेट द्वारा लिया गया है, जिससे आने वाले समय में इन आयोजनों के लिए धनराशि की समस्या न होने पाए। जनपद बुलंदशहर के अनूप शहर में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान का एक बड़ा मेला लगता है। इसके भी प्रान्तीयकरण करने का निर्णय सरकार ने लिया है। इसके साथ ही काशी में देव दीपावली के आयोजन के प्रांतीयकरण करने का निर्णय भी लिया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद महराजगंज में सोहगीबरवा वन्य जीव क्षेत्र नेपाल तक विस्तृत है। इस क्षेत्र में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की भूमि को पर्यटन विभाग को उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इससे पर्यटकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के कार्य किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री   ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में एच0आर0 यूनिट स्थापित करने का निर्णय लिया है। कुपोषित बच्चों, धात्री महिलाओं और कन्याओं को जनपद में विकासखंड स्तर पर प्लांट लगाकर क्वालिटी फूड की सप्लाई करने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को वायबिलिटी गैप फण्डिंग के माध्यम से सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री   ने कहा कि आज ड्रोन बहुपयोगी हो चुका है। फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, कृषि एवं अन्य कई क्षेत्रों में इसका उपयोग किया जा रहा है। इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने भारत सरकार के सिविल एविएशन एक्ट के अंतर्गत ड्रोन प्रचालन सुरक्षा नीति तैयार की है। इसके अंतर्गत ड्रोन के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। ड्रोन के थाना स्तर पर भी रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था होगी, जिससे थाना क्षेत्र में मौजूद ड्रोन की संख्या और उनके उपयोग का पता लगाया जा सके। प्रदेश में ड्रोन के लिए रेड, ग्रीन और यलो जोन निर्धारित किए जाएंगे। अनेक क्षेत्र, जहां सुरक्षा के दृष्टिगत वीडियोग्राफी उचित नहीं होती, वहां नो फ्लाई जोन के अंतर्गत ड्रोन की कोई भी एक्टिविटी नहीं की जा सकती। यलो जोन के अंतर्गत ड्रोन का संचालन स्थानीय प्रशासन की अनुमति से किया जा सकेगा। ग्रीन जोन के अंतर्गत निर्धारित पाबन्दियों के अन्तर्गत ड्रोन का संचालन किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 28 नवम्बर, 2023 से विधानमण्डल का शीतकालीन सत्र प्रारम्भ करने का निर्णय कैबिनेट द्वारा लिया गया है। इसके अंतर्गत विभिन्न विधायी कार्यों को सम्पन्न किया जाएगा। इसमें सरकार की अनुपूरक मांगें भी आएंगी। 27 नवम्बर, 2023 को सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज उन्होंने कैबिनेट के सदस्यों के साथ अयोध्या के विकास कार्यों पर आधारित प्रेजेंटेशन देखा है। श्रीराम जन्मभूमि तथा श्री हनुमानगढ़ी जाते समय संचालित विकास कार्यों का अवलोकन भी किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री जी की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार अयोध्या धाम तथा उत्तर प्रदेश को विकास के नये प्रतिमान के रूप में स्थापित करने में सफल होगी। मुख्यमंत्री जी ने सभी को दीपोत्सव तथा दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने अपने मंत्रिपरिषद के सदस्यों के साथ श्री हनुमानगढ़ी मन्दिर तथा श्रीरामलला का दर्शन-पूजन किया और श्रीराम मन्दिर निर्माण के कार्यां की जानकारी ली। उन्होंने सभी लोगों से आगामी 11 नवम्बर को आयोजित होने वाले दीपोत्सव को सफल बनाने का आह्वान भी किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here