Wednesday, April 14, 2021
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बेमौसम गर्मी से एशिया की सबसे बड़ी ग्राममंडी का कारोबार Inf, मार्च के पहले सप्ताह के रिकॉर्ड स्तर पर पारा पहुंच गया


मेरठ की ग्राम फैक्ट्री में गर्मी के कारण सारा काम ठप पड़ गया है।

मेरठ की ग्राम फैक्ट्री में गर्मी के कारण सारा काम ठप पड़ गया है।

फरवरी और मार्च के महीने में बेमौसम रिकॉर्ड गर्मी (रिकॉर्ड गर्मी) पड़ने के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश (उत्तर प्रदेश) का गुड़ फैक्ट्रियों में सारा काम ठप हो गया है। इससे लोगों का रोजगार (नौकरी) भी प्रभावित हो रहा है। गर्मी का असर सुगर मिलों पर क्या पड़ा इस रिपोर्ट में आपको बताते हैं।

मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) को गन्ना बेल्ट और गुड़ के लिए जाना जाता है। एशिया की सबसे बड़ी ग्राम मंडी वेस्ट यूपी में है। यहां का बना ग्राम अलग-अलग राज्यों में भेजा जाता है। लेकिन, फरवरी के अंतिम सप्ताह से ही गर्मी जैसे हालात शुरू होने से गुड़ के कारोबार (जग्गरी बिजनेस) को ख़ास नुकसान हुआ है। मार्च के पहले सप्ताह में ग्राम का का कारोबार और गति पकड़ता था। लेकिन, अभी भी बड़े-बड़े कोल्हुओं को छोड़ दें तो इस बेमौसम गर्मी की वजह से कोल्हुओं में गुड़ के कड़वाहे ठंडे पड़ जाते हैं।

कारोबारियों का कहना है कि मार्च महीने में अच्छी खासी ठंड रहती है, लेकिन इस बार ऐसी गर्मी पड़ रही है, मानों मई जून का महीना चल रहा है। ऐसे में सर्दियों की दवा कहा जा रही है ग्राम लोग कम खा रहे हैं। जिसका सीधा असर ग्राम के उत्पादन पर भी पड़ रहा है। कारोबारियों का कहना है कि इस बेमौसम गर्मी की वजह से गुड़ का कारोबार पच्चीस प्रति तक प्रभावित हुआ है।

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आमतौर पर जिन कोल्हुओं में ग्राम की सोंधी-सोंधी ख़ुशबू आ जाती थी। आज की तारीख में कुछ कोल्हुओं को छोड़ दें तो ज्यादातर में कड़वाहे ठंडे पड़ जाते हैं और भट्ठियां बंद पड़ी हैं। गुड़ कारोबारियों का कहना है कि सरकार ने गुड़ को टैक्स फ्री कर रखा है, जिससे उन्हें फायदा होता है। लेकिन मौसम का वह क्या है। मौसम तो बेरुखी पर आमादा है, जिसका ख़ामियाजा उन्हें उठाना पड़ रहा है। गुड़ से ही अपनी रोज़ी रोटी कमाने वाले मज़दूर भी इस बेमौसम गर्मी को कोसते हुए ही नज़र आ रहे हैं। मौम विभाग के अनुसार सात मार्च तक मेरठ का पारा 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार हैं। 15 मार्च तक मेरठ में अधिकतम तापमान 37-38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मेरठ में अभी तक अधिकतम तापमान का रिकॉर्ड 39.5 डिग्री सेल्सियस के नाम पर जो 29 मार्च 1973 को दर्ज हुआ था। यानी आने वाले दिनों में हमें और तेज गर्मी के लिए तैयार रहना चाहिए।







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