Friday, March 5, 2021
Home Pradesh Uttar Pradesh बावनखेड़ी नरसंहार केस: शबनम को कइस दिन और उसस वफा पर फांसी...

बावनखेड़ी नरसंहार केस: शबनम को कइस दिन और उसस वफा पर फांसी होगी, डेथ वारंट – सुनवाई आज


माँ-बाप सहित 7 परिजनों की हत्या की सजा शबनम की दया याचिका राष्ट्रपति के यहाँ से भी खारिज हो चुकी है।

माँ-बाप सहित 7 परिजनों की हत्या की सजा शबनम की दया याचिका राष्ट्रपति के यहाँ से भी खारिज हो चुकी है।

शबनम निष्पादन: शबनम ने अपने ही परिवार के 7 लोगों की हदयया कर दी थी। उनकी दया याचिका को रासपति ने भी खारिज कर दिया।

  • News18Hindi
  • आखरी अपडेट:23 फरवरी, 2021, 2:17 PM IST

अमरोहा। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जनपद के बावनखेड़ी नरसंहार (बावनखेड़ी नरसंहार) की दोषी शबनम (शबनम) की फांसी को लेकर मंगलवार को जिला जज की अदालत में सुनवाई होनी है। जिला जज की अदालत में शबनम की रिपोर्ट सौंपी जाएगी। अगर इस रिपोर्ट में कोई याचिका लंबित नहीं पाई गई तो शबनम की फांसी की तारीख तय की जा सकती है। रिपोर्ट रामपुर और मथुरा जेल को भेजी जाएगी। इसी आधार पर तय होगा कि शबनम शबनम का डेथ वारंट कब जारी होगा। डेथ वारंट जारी होने के 10 दिन के अंदर शबनम को फांसी दे दी जाएगी।

गौरतलब है कि 14/15 अप्रैल 2008 की दरमियानानी रात को शबनम ने अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने ही परिवार के 7 लोगों की कुल्हाड़ी से कटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ने दोनों की फांसी की सजा बरकरार रखी थी। दिसंबर 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने उसकी पुनर्विचार याचिका भी खज़िज कर दी थी। इसके बाद राष्ट्रपति ने भी शबनम की दया याचिका को खेजिज कर दिया। हालांकि, नैनी जेल में बंद सलीम की दया याचिका पर अभी फैसला होना है।

सीबीआई जांच की मांग
पिछले सप्ताह अपने 12 साल के बेटे से मिलकर शबनम फुट-फूटकर रो पड़ी और खुद को निर्दोष बताते हुए सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे। शबनम के बेटे ताज के परवरिश कर रहे उस्मानी सैफी ने बताया कि रामपुर जेल में जब उसने शबनम से पूछा की क्या उसने यह गुनाह किया है तो उसने इनकार कर दिया और सीबीआई जांच की बात कही। शबनम ने बेटे ताज से कहा कि वह उसकी परछाई से भी दूर रही और पढ़ी-लिखी अच्छी इंसान बनी।आजाद भारत का दूसरा मामला होगा

अगर शबनम को फांसी दी जाती है तो यह आजाद भारत के इतिहास में दूसरी बार होगा जब किसी महिला अपराधी को फांसी के फंदे पर लटकाया जाएगा। इससे पहले वर्ष 1955 में रतन बाई जैन को फांसी दी गई थी। शबनम को फांसी देने के लिए मथुरा जेल में तैयारी भी शुरू कर दी गयी है। इस बीच शुक्रवार को दो वकील शबनम से मिलने रामपुर जेल पहुंचे। उन्होंने शबनम से एक और दया याचिका राज्यपाल के पास भेजने की बात कही है।







Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 1 साल बाद प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री शुरू, चुकाने की 3 गुना कीमत होगी

प्लेटफार्म टिकट की बिक्री पिछले साल लॉकडाउन में ट्रेनों के बंद होने के बाद से ही ठप थीनई दिल्ली: रेलवे ने दिल्ली रेलवे...

शेयर बाजार: सेंसेक्स 598 अंकों की गिरावट, 15000 के पार बंद हुआ निफ्टी

आज सप्ताह के चौथे दिन गुरुवार को शेयर बाजार में गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुआ। बीएसई इंडेक्स सेंसेक्स 598.57...

PF डिपॉजिट पर 8.5 प्रतिशत ब्याज, शेफ लेबर कमिश्नर बोले- 5 करोड़ खाताधारकों को फायदा मिलेगा

वित्त मंत्रालय की मंजूरी के बाद निर्णय को लागू किया जाएगा। (प्रतीकात्मक चित्र)खास बातेंपीएएफ डिपोजिट पर 8.5 प्रतिशत ब्याज'5 करोड़ अकाउंटर्स को...

अडानी पोर्ट्स खरीदेगा गंगावरम पोर्ट में भाग, 22 प्रति क्लाइमे कंपनी के शेयर

अडानी पोर्ट्स (अदानी पोर्ट्स) गंगावरम पोर्ट में 31.5 प्रतिशत हिस्सा खरीदेगी। भारत के सबसे बड़े निजी बंदरगाह ऑपरेटर अडानी पोर्ट्स एंड...

Recent Comments