Thursday, October 22, 2020
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बाबरी विध्वंस केस में 27 साल बाद 30 सितंबर को सीबीआई कोर्ट का फैसला, आडवाणी-जोशी सहित 49 आरोपी हैं? ayodhya – समाचार हिंदी में


बाबरी विध्वंस केस में 27 साल बाद 30 सितंबर को सीबीआई कोर्ट का फैसला, आडवाणी-जोशी समेत 49 आरोपी हैं

बाबरी विध्वंस केस में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी सहित बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता आरोपी हैं। (फाइल)

बाबरी विध्वंस मामले (बाबरी विध्वंस मामले) में सुप्रीम कोर्ट ने प्रत्येक दशा में 30 सितंबर तक अपना फैसला सुनाने का आदेश सीबीआई की विशेष अदालत को दे रखा है।

  • News18Hindi
  • आखरी अपडेट:
    16 सितंबर, 2020, 3:34 PM IST

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश स्थित अयोध्या (अयोध्या) में दिसंबर 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस (बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले) करने के मामले में सीबीआई की अदालत ने 27 साल बाद 30 सितंबर को फैसला सुनाया। इस मामले में पूर्व उप प्रधानमंत्री और पूर्व गृह मंत्री लाल कृष्ण आडवाणी, पूर्व राज्यपाल और यूपी के पूर्व सीएम कल्याण सिंह, भाजपा नेता विनय कटियार, पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम उमा भारती आरोपी हैं। सीबीआई ने इस मामले में 49 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी जिसमें से 17 की मौत हो चुकी है।

बता दें कि मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत (सीबीआई की स्पेशल कोर्ट) में बचाव और अभियोजन पक्ष की ओर से मौखिक बहस पूरी कर ली गई। अब सीबीआई की विशेष अदालत को इस मामले में 30 सितंबर तक अपना फैसला सुनाना है। 2 सितंबर से अदालत अपना फैसला लिखवाना शुरू करेगी। विशेष जज सुरेंद्र कुमार यादव ने आदेश दिया है कि निर्णय लिखने के लिए पत्रावली को उनके सामने पेश किया जाना चाहिए।

6 दिसंबर 1992 को विवादास्पद ढांचा ढहाया गया

6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा ढहाए जाने के मामले में कुल 49 एफआईआर दर्ज किए गए थे। एक एफआईआर फैजाबाद के थाना राम जन्मभूमि में एसओ प्रियवंदा नाथ शुक्ला जबकि दूसरी एसआई गंगा प्रसाद तिवारी ने दर्ज कराई थी। शेष 47 एफआईआईआर अलग-अलग तारीखों पर अलग-अलग पत्रकारों और लोगों ने भी दर्ज की थी। 5 अक्टूबर, 1993 को सीबीआई ने जांच के बाद इस मामले में कुल 49 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इनमें से 17 की मौत की सुनवाई के दौरान हुई है।

इससे पहले मंगलवार को अदालत के समक्ष बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील मृदुल राकेश ने व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर अपनी मौखिक बहस पूरी की, जबकि वरिष्ठ वकील आईबी सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने मुवक्किल आरएन श्रीवास्तव की ओर से मौखिक बहस की। । उधर, दिल्ली से वकील महिपाल अहलूवालिया ने भी वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए वरिष्ठ बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी व मुरली मनोहर जोशी की तरफ से मौखिक बहस की। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वकील विमल कुमार श्रीवास्तव, अभिषेक रंजन व केके मिश्रा भी उपस्थित थे। दूसरी ओर सीबीआई की ओर से वकील पी चक्रवर्ती, ललित कुमार सिंह व आरके यादव ने मौखिक बहस की।



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