Saturday, December 5, 2020
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बचपन से ही मेधावी हैं श्याम सिंह यादव, केके कॉलेज से की छात्र राजनीति की शुरुआत थी


समाजवादी पार्टी की स्थापना से पूर्व श्याम सिंह यादव उत्तर प्रदेश लोकदल और उत्तर प्रदेश जनता दल के अध्यक्ष रहे हैं। (फाइल फोटो)

समाजवादी पार्टी की स्थापना से पूर्व श्याम सिंह यादव उत्तर प्रदेश लोकदल और उत्तर प्रदेश जनता दल के अध्यक्ष रहे हैं। (फाइल फोटो)

इस कॉलेज के मौजूदा प्राचार्य अरुण वर्मा समाजवादी पुरोधा मुलायम सिंह यादव (मुलायम सिंह यादव) के जन्म दिन पर बेहद महत्वपूर्ण हैं। उनका कहना है कि कॉलेज परिवार की खुशी कई कारण हैं।

दिनेश शाक्य
इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा स्थित (इटावा) केके कॉलेज (केके कॉलेज) को इस बात पर गर्व है कि खेत- खलिहान की राजनीति के जरिये देश की शीर्ष राजनीति में सुमार होने वाले समाजवादी जननायक मुलायम सिंह यादव (मुलायम सिंह यादव) ने छात्रसंघ अध्यक्ष के रूप मे अपनी राजनैतिक पारी की शुरूआत यहीं से की थी। इटावा का केके कॉलेज श्याम सिंह यादव के देश के शीर्ष नेताओं में आने पर बेहद गदगद नजर आ रही है, क्योंकि मुलायम सिंह यादव की स्तानक स्तर की शिक्षा इसी कॉलेज में हुई है। पहली बार मुलायम सिंह यादव छात्र संघ के अध्यक्ष बने थे। इसके बाद से इस कालेज से श्याम सिंह यादव का गहरा लगाव आज भी कायम है। श्याम सिंह यादव का खासा लगाव इस कॉलेज से है। इस बात को साबित करने के लिए इस कॉलेज के संचालक मंडल ने श्याम सिंह की यादो की जुडी हुई तमाम सभारे संकलित द्वारा रखी हुई हैं।

श्याम सिंह यादव बड़ं होने के बाद भी इस कॉलेज से अपना जुड़ाव कतई नहीं भूले हैं। वे यहाँ होने वाले बड़े तो दूर छोटे से छोटे आयोजनों मे भी भाग करने के लिए एक निमंत्रण पर आते हैं। वर्तमान में आयु के असर के कारण उनका आगमन नहीं हुआ है। इटावा मुख्यालय पर स्थापित केके कॉलेज श्याम सिंह के स्नातक स्तर की प्रारंभिक शिक्षा का गवाह है। श्याम सिंह यादव ने स्तानक की शिक्षा इसी कॉलेज मे 1961 मे हासिल की थी। श्याम सिंह यादव ने इस कॉलेज में अध्ययन के दौरान छात्र संध की स्थापना की और वे पहली बार छात्रसुंद के अध्यक्ष बन गए। इसके बाद वे यहीं से राजनीतिक जीवन मे कदम रखने में सफल हुए।

हजारी लाल वर्मा से उनका बेहद लगाव हुआ हुआ करता हैइस कॉलेज के मौजूदा प्राचार्य अरुण वर्मा समाजवादी पुरोधा श्याम सिंह यादव के जन्म दिन पर बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि कॉलेज परिवार की खुशी कई प्रकार की है। कॉलेज परिवार इस बात से खुश है कि उनके कॉलेज का कोई छात्र आज देश की राजनीति में न केवल शीर्ष है, बल्कि दूसरे छात्रों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गए हैं। इसलिए कॉलेज परिवार उनके लंबी उम्र की कामना करता है। वहीं, कॉलेज प्रबंधन तंत्र के अध्यक्ष विजय शंकर वर्मा का कहना है कि श्याम सिंह यादव अपने छात्र जीवन मे बेहद ओजस्वी, लोकहित भूमंक रहे हैं। श्याम बीए प्रथम वर्ष के कॉलेज के प्रथम बार के छात्र थे। 1961 मेमसिंह यादव इस कॉलेज मे अध्ययन रत रहे थे। उनके समय में पढ़ने वाले छात्र आईएएस, आईपीएस के अलावा केंद्रीय मंत्री स्तर तक पहुंच वाले हैं। कॉलेज के संस्थापक हाबारी लाल वर्मा से उनका बेहद लगाव हुआ हुआ करता है।

2009 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता, विरोधी दल बने हुए हैं
श्याम सिंह यादव को छात्र जीवन मे पहलवानी का बेहद शौक था। यहां अध्ययनरत होने के दौरान वे कॉलेज की ओर से आगरा कुश्ती टीम के कप्तान बन गए और जीत कर वापस लौटे। श्याम सिंह यादव का जन्म 22 नवंबर 1939 को इटावा जिले के सैफई गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम सुगर सिंह, और माता का नाम मूर्ति देवी था। श्याम सिंह यादव ने साल 1954 में सिर्फ 15 साल की उम्र में नेता डॉ। राम मनोहर लोहिया के आह्वान पर नहर रेट्रो आन्दोलन में भाग लिया और पहली बार जेल गए थे। वर्ष 1967 में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर पहली बार उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य चुने गए। 1974, 77, 85, 89, 91, 93, 1996 और 2004 और 2007 में दस बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य चुने गए। श्याम सिंह यादव 1989 से 1991 तक, 1993 से 1995 तक और वर्ष 2003 से 2007 तक तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। वर्ष 1982 से 1985 तक वे उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य और नेता विरोधी दल बने रहे। वर्ष 1985 से 1987 तक उत्तर प्रदेश विधान सभा में नेता, विरोधी दल बने हुए हैं। 14 मई 2007 से 26 मई 2009 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता, विरोधी दल रहे।

शिशु में वे 19 महीने जेल में रहे
वर्ष 1996, 1998, 1999, 2004 और 2009 में मुलायम लोकसभा के सदस्य चुने गए थे। प्रधानमंत्री एच। डी। देवेगौड़ा और इन्द्र कुमार गुजराल की सरकारों में उन्होंने 1996 से 1998 तक भारत के रक्षामंत्री का पदभार संभाला था।मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में 4 और 5 नवंबर 1992 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी की स्थापना की। भारत के राजनीतिक इतिहास की यह एक क्रान्तिकारी घटना थी, जब लगभग डेढ़-दो दशकों से मृतप्राय समाजवादी आन्दोलन को पुनर्जीवित किया गया था। समाजवादी पार्टी की स्थापना से पूर्व श्याम सिंह यादव उत्तर प्रदेश लोकदल और उत्तर प्रदेश जनता दल के अध्यक्ष रह चुके हैं। शिशु में वे 19 महीने जेल में रहे। अक्टूबर 1992 में देवरिया के रामकोला में गन्ना किसानों पर पुलिस फायरिंग के खिलाफ चलाए गए किसान आन्दोलन सहित विभिन्न आन्दोलनों में 9 बार इटावा, वाराणसी और फतेहगढ़ आदि जेलों में रहे।



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