Wednesday, April 14, 2021
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परीक्षा पे चर्चा में पीएम मोदी ने छात्रोँ और अभिभावको को बताईं।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के तहत देश के छात्रों को उनके माता-पिता और शिक्षकों से डिजिटल मोड में संवाद कराया। पीएम मोदी ने छात्रों, अभिभावकों और उनके शिक्षकों के सवालों के जवाब दिए।

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पीएम मोदी (फोटो साभार: @ BJP4India)

हाइलाइट

  • ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने छात्रों को टिप्स दिए
  • अभिभावकों और शिक्षकों के सवालों के जवाब भी पीएम ने दिए
  • पीएम मोदी ने बताया कि परीक्षा जीवन का आखिरी पड़ाव नहीं है

नई दिल्ली:

परिक्षा पे चर्चा 2021: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के तहत देश के छात्रों को उनके माता-पिता और शिक्षकों से डिजिटल मोड में संवाद कराया। पीएम मोदी ने छात्रों, अभिभावकों और उनके शिक्षकों के सवालों के जवाब दिए। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश की छात्रा पल्लवी के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि आपको परीक्षा का डर नहीं होना चाहिए। बोर्ड की परीक्षा के पहले भी आपने कई बार परीक्षाएँ दी हैं। इसलिए आपको परीक्षा का डर नहीं है, बल्कि बोर्ड परीक्षाओं के समय आपके सामने ऐसा माहौल बना दिया जाता है कि यही परीक्षा सब कुछ है। जबकि ये परीक्षा कोई जीवन का आखिरी पड़ाव नहीं है।

पीएम नरेंद्र मोदी (पीएम नरेंद्र मोदी) ने आगे कहा कि, बच्चों को मोटिवेट रखने के लिए कभी-कभी डर पैदा न करें। पीएम मोदी (पीएम मोदी) ने कहा कि ऐसा आसान लगता है, लेकिन इससे आपके बच्चों में निगेटिव मोटिवेशन (निगेटिव मोटिवेशन) की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। इसके अनुसार जैसे ही आपके द्वारा निर्मित किया गया डर का माहौल खत्म होता है तो उसका मोटिवेशन भी समाप्त हो जाता है।

पीएम मोदी ने छात्रों और पैरेंट्स को दिया ये महत्वपूर्ण टिप्स

  1. पीएम मोदी ने बताया कि एग्जाम हॉल में समय के लिए टेंडशन को छोड़ देना चाहिए।
  2. परीक्षा के नंबर आपकी योग्यता के पहचान नहीं हैं। परीक्षा एक पड़ाव मात्र है।
  3. पीएम मोदी ने छात्रों को बताया कि बोर्ड परीक्षा जीवन का आखिरी पड़ाव नहीं है।
  4. परीक्षा में समय को बराबर-बराबर करना चाहिए।
  5. परीक्षा के दौरान आसान सवाल पहले हल करें, इससे तनाव कम होगा और आत्म-विश्वास बढ़ेगा।
  6. जो लोग सफल होते हैं वे सभी विषयों में पारंगत नहीं होते हैं, लेकिन वे किसी एक विषय में निपुण होते हैं। इसलिए किसी एक विषय में महारथ हासिल करें।
  7. क्रिएटिविटी का चार्टररा नॉलेज से बहुत दूर ले जाता है। मोदी सर ने कहा, “जहां न रवि पहुंचे, वहां कवि पहुंचे।”
  8. अपने आस-पास के वातावरण से सीखें।
  9. याद करने की बजाय जीने की कोशिश करनी चाहिए।
  10. शिक्षक छात्रों को टोकन के बजाय उन्हें गाइड करें।
  11. हम जाने-अनजाने बच्चों को इंस्ट्रूमेंट मान लेते हैं। बच्चों को विविधि करने का तरीका प्रशिक्षण।
  12. बच्चों में कभी भी भय पैदा करें। ऐसा आसान लगता है लेकिन इससे निगेटिव मोटिवेशन की संभावना बढ़ जाती है।
  13. टीचर के कहने का बच्चों पर अधिक असर होता है।
  14. बच्चों को सकारात्मक प्रेरणा देना चाहिए।
  15. बच्चों को अपने सपने को लेकर बैठना नहीं चाहिए, लेकिन उसक लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
  16. बच्चों के साथ अपने गैप को कम करेंगे। उनके साथ क्लोजनेस बढ़ाईये।
  17. जब बच्चा छोटा होता है तो आप उसके साथ बच्चे बन जाते हैं। ऐसा 5-6 साल की उम्र तक चलता रहता है। लेकिन बाद में मां-बाप बच्चों को डॉमिनेट करने लग जाते हैं।



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पहली प्रकाशित: 07 अप्रैल 2021, 11:20:20 PM

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