Monday, May 17, 2021
Home Pradesh Uttar Pradesh परतार प्रदेश पंचायत चुनाव नतीजे: अखिलेश यादव के आजमगढ़ में चौंकाने वाला...

परतार प्रदेश पंचायत चुनाव नतीजे: अखिलेश यादव के आजमगढ़ में चौंकाने वाला नतीजा, 7 युवाओं को मिली राहत …


65 वर्षीय वृद्ध महिला फूलमती सरोज ने 7 युवा प्रत्याशियों को मात देकर 43 वोटों से अपना परचम लहराया

65 वर्षीय वृद्ध महिला फूलमती सरोज ने 7 युवा प्रत्याशियों को मात देकर 43 वोटों से अपना परचम लहराया

आजमगढ़ पंचायत चुनाव परिणाम: सपा नेता अखिलेश यादव के आजमगढ़ जिले केठेकमा ब्लॉक के पसिका गांव की रहने वाली 65 वर्षीय फूलमती सरोज पत्नी स्वर्गीय मोनई सरोज ने 7 युवा प्रत्याशियों को चुनाव में हरा पंचायत चुनाव में जीत दर्ज की है।

समाजवादी पार्टी के प्रमुख ऑप्शिश यादव के गढ़ में त्रिस्तरीय चुनाव में जहां प्रत्याशियों की लगड़ पड़ रही थी। वहीं आजमगढ़ जिले में एक 65 वर्षीय वृद्ध महिला ने जीत का परचम लहरा कर सबको चौंका दिया है, क्योंकि इस महिला ने 7 युवा प्रत्याशियों को मात देकर 43 वोटों से अपना परचम लहराया और कहा कि वह गांव की लोगों की सेवा करती थी और अब जनता ने उन्हें मौका दिया है तो वह और भी बेहतर तरीके से जनता की सेवा करेंगी। आजमगढ़ जिले केठेकमा ब्लॉक के पसिका गांव की रहने वाली 65 वर्षीय फूलमती सरोज पत्नी स्वर्गीय मोनई सरोज की शुरुआत से ही सोच रही थी कि वह अपने गांव के लोगों का विकास करें। वह अपने स्तर से जो भी संभव मदद हो सकता था वह गांव के लोगों के लिए करता था। गरीब बेटियों की शादी व अन्य कार्यक्रमों में उनकी मदद भी करती थी। गांव के गरीब बच्चों को अपने घर पर कठोर अध्यापकों से शिक्षा भी दिलवाती थी, इसलिए यह पढ़ कर आगे बढ़ना चाहिए और अपने गांव का नाम रोशन करें। फूलमती सरोज के पति पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर थे और उनका एक बेटा डॉ और दूसरा बेटा फोर्स्ट अधिकारी है। गांव में जो भी आदमी परेशान पीड़ित दिखता था वह उसकी मदद के लिए बराबर ढेर रहता था। उनके मन में गांव के विकास के लिए एक सोच आई और उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला लिया और 7 युवा प्रत्याशियों के बीच खुद मैदान में कूद पड़ी। गांव की जनता और युवाओं ने सब को नकारते हुए फूलमती के सिर पर जीत का ताज पहना दिया। वहीं जब इस जीत के बाद फूलमती से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह गांव के विकास के लिए बराबर खड़ी रहती है। अब तो गांव के लोगों ने उन्हें अपनी उपस्थिति चुना है। अब वह गांव में हर एक वह संभव प्रयास करेंगी जो गांव में नहीं। वैसे ही ग्रामीणों का कहना है कि यह गांव के बारे में और गांव के लोगों के बारे में काफी सोचती रहती हैं और जो भी संभव मदद होती है वह भी अपने स्तर पर है। से करती हैं शायद यही कारण है कि गांव के लोगों ने उन्हें गांव का प्रधान चुना और अब लोगों को यह उम्मीद है कि गांव में जो विकास अब तक नहीं हुआ है वह गांव में होगा और गांव की सूरत और सीरत दोनों ही बदल जाएगी।








Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments