Friday, February 23, 2024
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नगरपालिका द्वारा फिर से विवादित भूखंडों को निलामी के माध्यम से लोगों को ऐंंठने की तैयारी

— मामला—:योजना क्रमांक 36 बी के भूखंड क्रमांक 1051 से 1055 की आॅनलाईन नीलामी का, सीएमओ को शिकायत

नीमच। शहर के बहुचर्चित योजना क्रमांक 36 बी के भूखंड क्रमांक 1051 से 1055 का मामला माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर में प्रचलित है, ऐसे में विवादित पांच भूखंडों को नगरपालिका नीलाम कर लोगों को उलझाना चाहती है, पूर्व में नगरपालिका अध्यक्ष स्वयं उक्त नीलामी को निरस्त कर चुकी है। जबकि नया संसोधन कुछ नहीं किया गया है। नगरपालिका लोगों को गुमराह कर फिर से फंसाने की फिराक में है।
इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका लगाने वाले मुकेश भेरूलाल भील ने गुरूवार को सीएमओ महेंद्र वशिष्ठ को शिकायत पत्र प्रस्तुत कर बताया कि भूखंड विवादित है, पहले ही हाईकोर्ट में मामला चल रहा है, जब तक हाईकोर्ट का फैसला न आ जाए, तब तक योजना क्रमांक 36 बी के भूखंड क्रमांक 1051, 1052, 1053, 1054, 1055 की नीलामी न की जावे। वर्ष 2021 में योजना क्रमांक 36 बी के  पांचों भूखंडों के संबंध में मुकेश भेरूलाल भील आदि ने हाईकोर्ट इंदौर में याचिका दायर की थी, जिसमें आरक्षण प्रक्रिया का नपा द्वारा पालन नहीं किए जाने के अलावा भूखंड से जुडे अन्य तथ्य रखे। हाईकोर्ट ने याचिका को गंभीरता से लिया और नगरपालिका से समूचा रिकार्ड मांगा है। यह मामला अभी अधर में ही लटका हुआ है, वहीं दूसरी और नगरपालिका ने फिर से इन भूखंडों के निलाम की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो कि भोले—भाले लोगों को झांसे में रखकर ठगने का ही प्रयास प्रतीत हो रहा है, क्योंकि निलामी में भाग लेने के लिए दस—दस लाख रूपए जमा करवाना अनिवार्य है, हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है, ऐसे में लोगों के लाखों रूपए उलझ जाएंगे और अपनी राशि लेने के लिए नपा के चक्कर काटने पडेंगे। इन तमाम उलझने से बचने के लिए शिकायकर्ता ने नवागत सीएमओ को पूरी स्थिति से अवगत कराया और बताया कि आप जिन भूखंडों के निलाम करने की विज्ञप्ति निकाल रहे हो, इनका मामला तीन साल से न्यायालय में चल रहा है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में नपा ने 30 मार्च 2023 को नपा ने इन्हीं भूखंडों की निलामी प्रक्रिया उपरोक्त् कारणों से ही निरस्त की थी, उस समय गोपाल गर्ग जीजी (शहर के सबसे बडे कॉलोनाइजर) आदि व्यापारियों ने हिस्सा लिया था, जो अभी तक उलझे हुए है। इतने बडे व्यक्ति् के साथ ऐसा हो सकता है तो आम व्यापारी या जन मानस के साथ क्या होगा, यह अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

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