Friday, December 9, 2022
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नई शिक्षा नीति में ‘पढ़ाई भी और कमाई भी’ पर जोर दिया: धर्मेंद्र प्रधान

Image Source : PTI
Dharmendra Pradhan, Mukhtar Abbas Naqvi and Arjun Ram Meghwal

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाई गई नयी शिक्षा नीति में ‘‘पढ़ाई भी और कमाई भी” पर जोर दिया गया है तथा शिक्षा मंत्रालय और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय मिल कर कारीगरों, दस्तकारों के बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास का प्रशिक्षण मुहैया करायेंगें। उन्होंने उत्तर प्रदेश के रामपुर में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से आयोजित 29वें ‘‘हुनर हाट’’ के उद्घाटन के मौके पर यह टिप्पणी की। इस मौके पर अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी मौजूद थे। 

जारी किए गए आधिकारिक बयान के मुताबिक, “हुनर हाट” के उद्घाटन के अवसर पर प्रधान ने कहा, ‘‘हमारे देश में हर घर में हुनर है। उसकी ब्रांडिंग और उसे बड़े स्तर पर मौका-मार्किट उपलब्ध कराने की जरूरत है और इस दिशा में “हुनर हाट” एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।’’ उनके मुताबिक, “हुनर हाट” के “जेम” (गवर्नमेंट ई मार्केटप्लेस) पर आने से कारीगरों के उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मौका-मार्केट मिलेगा। स्वदेशी उत्पादों की बिक्री में इजाफा होगा। 

शिक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘देश के हर गांव में “विश्वकर्मा” हैं। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय “हुनर हाट” के माध्यम से इनके हुनर को मौका दे रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में “नयी शिक्षा नीति” में “पढ़ाई भी और कमाई भी” पर जोर दिया गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय मिल कर कारीगरों, दस्तकारों के बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास का प्रशिक्षण मुहैया करायेंगें।’’ 

नकवी ने कहा कि “आजादी के अमृत महोत्सव” के तहत आयोजित होने वाले 75 “हुनर हाट” के जरिए 7 लाख 50 हजार दस्तकारों, शिल्पकारों, कारीगरों और उनसे जुड़े लोगों को रोजगार और रोजगार के मौकों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।” उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘”हुनर हाट”, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “स्वदेशी-स्वावलंबन” और “वोकल फॉर लोकल” के अभियान को मजबूती देने के साथ-साथ स्वदेशी दस्तकारों, शिल्पकारों को रोजगार देने और उनके शानदार हस्तनिर्मित उत्पादों को बाजार मुहैया कराने का एक “प्रामाणिक प्लेटफॉर्म” साबित हुआ है।’’ 

मेघवाल ने कहा, ‘‘हुनर हाट प्रधानमंत्री मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” और “वोकल फॉर लोकल” अभियान को मजबूत करने का सबसे सुन्दर मंच है। रामपुर में आयोजित “हुनर हाट”, “आत्मिनर्भर भारत” अभियान को आगे ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।’’ 

बता दें कि “आजादी के अमृत महोत्सव” के तहत देशभर में आयोजित होने जा रहे 75 “हुनर हाटों” की श्रृंखला में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा रामपुर में 16 से 25 अक्टूबर 2021 तक “हुनर हाट” का आयोजन हो रहा है। इसमें 30 से ज्यादा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 700 दस्तकार, शिल्पकार, कारीगर अपने स्वदेशी हस्तनिर्मित उत्पादनों की प्रदर्शनी एवं बिक्री के लिए पहुंचे हैं।

(भाषा)




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