Monday, May 17, 2021
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दुधवा टाइगर रिजर्व में संदिग्ध हालत में मिला बाघिन का शव, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया बरेली


दुधवा टाइगर रिजर्व में एक बाघिन संदिग्ध परिस्थिति में मृत पाई गई है।

दुधवा टाइगर रिजर्व में एक बाघिन संदिग्ध परिस्थिति में मृत पाई गई है।

लखीमपुर खीरी: दुधवा टाइगर रिजर्व में किशनपुर मैलानी रेंज में बाघिन का शव मिला है। बाघिन के शरीर पर खरोंच के निशान पाए गए हैं और उसके कुछ नाखून भी बहुत मिले हुए हैं। वन अधिकारियों ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई बरेली भेज दिया है।

मनोज शर्मा

लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी (लखीमपुर खीरी) के दुधवा टाइगर रिजर्व (दुधवा टाइगर रिजर्व) में एक बाघिन (बाघिन) का शव संदिग्ध हालत में मिलने से हड़कंप मच गया। दुधवा टाइगर रिजर्व में वन्य जीव जंतुओं के जीवन पर मानो ग्रहण सा लगता है नजर आ रहा है। एक सप्ताह भी नहीं बीतता है कि किसी न किसी वन्य जीव जंतु की मौत की खबर सामने आ जाती है। अभी विगत दिवस ही एक गैंडा शिशु का शव बेलरायां रेंज में मिला था। अब मंगलवार को एक बाघिन का शव किशनपुर वन्य जीव विहार की मैलानी रेंज (मेलानी रेंज) में पाया गया है।

बाघिन के शरीर पर खरोंच के निशान पाए गए हैं और उसके कुछ नाखून भी बहुत मिले हुए हैं। सूचना पर मौके पर पहुंचे वन अधिकारियों ने बाघ के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई बरेली भेज दिया है।

दुधवा टाइगर रिजर्व के विंग डायरेक्टर संजय पाठक ने बताया कि 12 अप्रैल को प्रातः काल किशनपुर वन्य जीव विहार की पिघानी रेंज के तहत बीट नंबर -37 कक्ष संख्या -4 चल्तुआ में पेट्रोलिंग पर गए कर्मचारियों को कठपुतिया के पास तालाब के किनारे एक मादा बाघ वापस मिल गया। अवस्था में दिखाई दी थी। जिसकी सूचना पर तत्काल वन्य जीव प्रतिपालक किशनपुर सहित उच्चाधिकारियों को दी गई। वे स्वयं पशु चिकित्सक डॉ दयाशंकर के साथ मौके पर पहुंच गए और बाघिन की निगरानी शुरू की। बाघिन पर नजर रखने पर देखा गया कि वह घास के मैदान से निकलकर जल स्रोत की ओर आई और वहां लगभग 30 मिनट बैठने के बाद पुनः घास के मैदान की तरफ चली गई।निगरानी के दौरान दिखी हालत कमजोर थी

दूरबीन और शिशु के माध्यम से उस पर नजर रखने पर उसके शरीर पर कहीं चोट आदि के निशान दिखाई नहीं दिए। बाघिन शारीरिक रूप से कमजोर दिखाई दी। जिस पर उसे बिना किसी व्यवधान के पहुंची निगरानी जारी रखी गई। निगरानी टीम द्वारा बाघिन के आने जाने के रास्ते पर कैमरा ट्रैप लगाया गया। इसी तरह 13 अप्रैल को प्रात: उक्त बाघिन की लोकेशन के लिए कैमरा ट्रैप को चेक किया गया और कांबिंग कार्य किया गया। जिसमें ऊंट बाघिन बीटी नंबर -37 कक्ष संख्या -4 चल्तुआ कठपुलिया के निकट घास के मैदान में मृत अवस्था में मिली।

सार्थक वस्तु बरामद नहीं

सूचना पर वह स्वयं व डॉ। दयाशंकर, एसडीओ किशनपुर व मैलानी रेंज अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। स्वान समूह के साथ क्षेत्र की कांबिंग किए गए व धातुशोधन से भी जांच की गई, लेकिन आसपास कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। उन्होंने बताया कि बाघिन के शरीर पर नाखून से खरोच के निशान पाए गए और कुछ नाखूनों को भी पाए गए हैं, जिसमें खून और मांस लगा था। बाघिन के शव की जांच में प्रथम दृष्टया बाघिन का किसी अन्य परभक्षी जीव से द्वंद होना संभावित है। उन्होंने कहा कि बाघिन की मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के उपरांत ही संभव है।








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