Saturday, December 5, 2020
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… तो इसलिए जमीन में शराब डालने के बाद खड़ा किया जाता है यहां पर रावण का पुतला है


शराब डालने के बाद उठाई गई यहां पर रावण का पुतला है

शराब डालने के बाद उठाई गई यहां पर रावण का पुतला है

पंडित हरीश चन्द्र जोशी का कहना है कि लक्ष्मण ने भी रावण (रावण) से ज्ञान प्राप्त किया था। इसलिए वे रावण को गुरु की संज्ञा देते हैं।

  • News18Hindi
  • आखरी अपडेट:
    24 अक्टूबर, 2020, शाम 5:14 बजे IST

मेरठ। पूरे देश में दशहरे (दशहरा महोत्सव) का त्योहार दशानन के स्वीप के साथ हर्षोल्लास से साथ मनाया जाता है। लेकिन रावण की ससुराल कहे जाने वाले मेरठ (मेरठ) में कुछ लोग रावण का पुतला कुंड देखकर अशुभ मानते हैं। और तो और मान्यताओं के अनुसार किस मंदिर में कभी मेरठ की बेटी मानी जाने वाली मयदानव की पुत्री मंदोदरी पूजा करने के लिए आए थे। उस मंदिर के पुजारी का कहना है कि रावण तो मेरठ का दामाद माना जाता है। ऐसे में चुनाण्ड विद्वान का पुतला विभाजन कैसे देख सकते हैं। पंडित हरीश चन्द्र जोशी का कहना है कि लक्ष्मण ने भी रावण से ज्ञान प्राप्त किया था। इसलिए वे रावण को गुरु की संज्ञा देते हैं।

पंडित हरीश चन्द्र के अपने तर्क हैं, लेकिन मेरठ के भैंसाली ग्राउंड में रावण कुम्भकरण और मेघनाद का पुतला विभाजन के लिए बिलकुल तैयार हैं। एक तरफ पंडित रावण को गुरु और दामाद की संज्ञा देते हैं तो दूसरी तरफ मेरठ में उस जगह पर रावण मेघनाद कुम्भकरण का पुतला फंका जाता है, जहां कभी मंदोदरी तालाब में स्नान के लिए करती थीं। मान्यता है कि इसी स्थान पर रावण और मंदोदरी की पहली मुलाकात हुई थी। इस मैदान की भी अजीब मान्यता है। कहा जाता है कि इस स्थान पर रावण का पुतला जब खड़ा किया जाता है तो गड्ढे में दो बूंद शराब रखा जाता है। अगर दो बूंदें गड्ढे में नहीं डाली जाती तो पुतला बार- बार गिर जाता है।

हाईटेक रामलीला का होगा मंचन

इन मान्यताओं के बीच रावण की ससुराल मेरठ में भव्य और हाईटेक रामलीला मंचन की तैयारी पूरी हो चुकी है। इस बार रावण जिस रथ पर सवार होंगे उस रथ पर कोरोना भी लिखा होगा। रामलीला कमिटी के सदस्यों का कहना है कि इस बार रावण विभाजन के साथ कोरोना का भी संहार होगा। मेरठ के भैंसाली ग्राउंड पर तीन घंटे की हाईटेक रामलीला का मंचन होगा, जिसके सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव प्रसारण भी होगा। रविवार की रात तकरीबन 10 बजे रावण मेघनाद और कुम्भकरण का झाड़ होगा।



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