Sunday, December 4, 2022
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ड्रग्स तस्करी से लेकर ओटीटी और कश्मीर तक, जानिए मोहन भागवत के संबोधन की 10 बड़ी बातें


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‘कश्मीर में आतंकी गतिविधियों का हिसाब करना होगा’, पढ़ें मोहन भागवत के भाषण की 10 बड़ी बातें

नागपुर: आज पूरे देश में विजयदशमी का पर्व मनाया जा रहा है और आज के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपना 96वां स्थापना दिवस मना रहा है। नागपुर के संघ मुख्यालय में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने पूरे विधि विधान के साथ शस्त्र पूजा की। नागपुर के रेशमबाग मैदान में विजयादशमी रैली को संबोधित करते हुए भागवत ने अपने संबोधन में कई बातों का जिक्र किया। उन्होंने टारगेट किलिंग, जनसंख्या नीति से लेकर तालिबान, चीन, पाकिस्तान, घुसपैठ, और आर्टिकल 370 तक बात की। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में डर का माहौल बनाने के लिए आतंकवादी लोगों को चुन-चुनकर निशाना बना रहे हैं।

मोहन भागवत की 10 बड़ी बातें जो उन्होंने आज नागपुर में कही हैं-

1. भागवत ने कहा कि सीमाओं पर सैन्य तैयारियां बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने बिटकॉइन और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी चिंता व्यक्त की और सरकार से इन्हें विनियमित करने के प्रयास करने को कहा।


2. बच्चों के हाथ में मोबाइल है और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नियंत्रण नहीं रह गया है ऐसे में सरकार को चाहिए कि ओटीटी के लिए सामग्री नियामक ढांचा के तहत हो। सरकार को इसके लिए प्रयास करना चाहिए।

3. देश में तरह-तरह के नशीले पदार्थ आ रहे हैं, उनकी आदतें लोगों में बढ़ रही हैं। उच्च स्तर से लेकर समाज के आखिर व्यक्ति तक व्यसन पहुंच रहा है। हमें पता है कि इस नशे का पैसा कहां जा रहा है। इसका इस्तेमाल कहां पर हो रहा है। इससे बचने की जरूरत है।

4. देश के अंदर अराजकता का माहौल बनाया जा रहा है। राज्य आपस में लड़ रहे हैं, पुलिस आपस में लड़ रही है ऐसी स्थिति में सभी राज्यों के बीच आपसी तालमेल होना बहुत जरूरी है।

5. पाकिस्तान और चीन बदला नहीं है। सीमा पर तैयारी रखने के साथ बातचीत करने की जरूरत है।

6. जम्मू कश्मीर में डर पैदा करने के इरादे से आतंकवादी लोगों को चुन-चुनकर निशाना बना रहे हैं।

7. जनसंख्या नीति पर दोबारा विचार करने की ज़रूरत, घुसपैठ की वजह से जनसंख्या में असंतुलन, घुसपैठियों को नागरिकता नहीं देनी चाहिए।

8. देश के विभाजन का दर्द अभी तक नहीं गया, देश में अराजकता फैलाने का काम हो रहा है। हिंदू समाज को बांटने की कोशिश जारी है, कट्टरपंथी देश को भड़काने की साजिश रच रहे हैं।

9. तालिबान से सावधान रहने की जरूरत है।

10. आरएसएस ने गांव-गांव में युवाओं को ट्रेनिंग दी है जिससे वे कोरोना की तीसरी लहर में देश के नागरिकों और कोरोना मरीजों के परिजनों की मदद कर सकें।





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