Tuesday, January 31, 2023
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ट्रेन की खिड़की के पास बैठे युवक की मौत के केस में परिजनों ने मुआवजा लेने से किया इनकार, रखी ये मांग – case of the death of a young man sitting near the window of the train, the family refused to take fifteen thousand compensation

अलीगढ़ : उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में नीलांचल एक्सप्रेस में चलती ट्रेन (Man Died in Tain) में यात्री की गर्दन से लोहे का रॉड आरपार होने से हुई मौत के मामले में रेलवे ने पीड़ित परिवार को 15 हजार रुपए का तत्काल मुआवजा दिया है। गुस्साए मृतक के परिजनों ने मुआवजा लेने से इनकार करते हुए एक करोड़ रुपए और मृतक की पत्नी के लिए नौकरी की मांग की है।

एक दिन पहले हुई थी युवक की दर्दनाक मौत
हरिकेश दुबे पुत्र संतराम दुबे निवासी सुल्तानपुर शुक्रवार को दिल्ली से कानपुर जा रही नीलांचल एक्सप्रेस में सफर कर रहा था। सोमना और डाबर रेलवे स्टेशन के बीच में अचानक एक लोहे का रॉड उछलकर ट्रेन की खिड़की के शीशे को तोड़ते हुए हरिकेश की गर्दन से आरपार हो गया। हादसे में उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना से ट्रेन के कोच में हड़कंप मच गया। रेलवे पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के परिजनों को मामले की सूचना दी गई।

घटना की जानकारी होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों की तहरीर के आधार पर मामले का मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच जारी है। बताया जा रहा है कि रेलवे लाइन पर काम चल रहा था। इसी दुरान नीलांचल एक्सप्रेस आ गई। लोहे का रॉड उछलकर हरिकेश की गर्दन से आरपार हो गया। हालांकि अभी जांच जारी है।

एक करोड़ रुपए मुआवजे और नौकरी की मांग
मृतक हरिकेश के पिता संतराम दुबे ने बताया कि हम लोग सुल्तानपुर जिले के रहने वाले हैं। हरिकेश दुबे के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। माता-पिता भी वृद्ध हैं। उनके लिए कम से कम 1 करोड़ रुपए का मुआवजा और परिवार और मृतक की पत्नी के लिए नौकरी की हमने मांग की है। रेलवे के अधिकारी हमारी कोई बात सुन नहीं रहे हैं। अब हम कोर्ट में मांग करेंगे। रेलवे विभाग द्वारा हमको 15 हजार की सहायता देने का कहा है। उन्होंने कहा है कि आप शव को यहां से ले जाइए और अंतिम संस्कार करिए।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
एनसीआर प्रयागराज के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि मृतक के परिजनों को 15 हजार रुपए का मुआवजा तत्काल दिया गया है। मामले की जांच जारी है। नियमानुसार और मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए पीड़ित परिवार को रेलवे के नियमों के हिसाब से आवेदन करना होगा। विभागीय प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद राहत राशि प्रदान की जायेगी।
रिपोर्ट – लकी शर्मा


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