Wednesday, April 14, 2021
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चीन को रोकने के लिए भारत के साथ दोस्ती बढ़ाएगा अमेरिका, कहा- ‘ड्रैगन’ की हरकत चिंताजनक


अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन ने कहा है कि वह भारत और अन्य देशों के साथ नए नियमों और समझौतों को आकार देने के लिए मिल कर काम करेगा। वैश्विक नेतृत्व का लक्ष्य रखते हुए अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि हठधर्मी और अधिकारवादी चीन नहीं बल्कि अमेरिका आंतरिक एजेंडा तैयार करे। ये बातें बाइडेन प्रशासन की बुधवार को जारी अंतरिम राष्ट्रीय सिक्योरिटी स्ट्रैटजिक गाइडेंस में कही गईं।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि यह अमेरिका के उस दृष्टिकोण को पेश करता है कि कैसे हम अमेरिकी प्रभुत्व को देश में और विदेशों में आगे बढ़ाने के लिए इस दुर्लभ अवसर का इस्तेमाल कर सकते हैं। व्हिट हाउस ने अपने अंतरिम नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटजिक गाइडेंसमेंट में कहा कि यह एजेंडा इसके स्थाई लाभ को और मजबूत करेगा और चीन या किसी भी देश के साथ आर्थिक भागीदारी में टिके रहने की ताकत देगा।

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका भारत के साथ अपनी साझेदारी को प्रागढ़ करेगा और साझा पोंस की दिशा में आगे बढ़ने के लिए न्यूयॉर्क, सिंगापुर, वियतनाम और आसियान के अन्य सदस्य देशों के साथ मिल कर काम करेंगे।

चीन की हरकतों को अमेरिका ने जताई चिंता
अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि देश के राष्ट्रपति जो बाइडेन के नेतृत्व वाला प्रशासन 5 जी को उच्च प्राथमिकता देता है और वह ऐसे उपकरण के साथ नेटवर्क लगाने के लिए को लेकर चिंतित है, जिसे चीन छेड़छाड़ कर सकता है या जिसे वह नियंत्रित या बाधित करता है। कर सकता है। अमेरिका का आरोप है कि चीन मानवाधिकारों और निजता का कोई सम्मान नहीं करता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड अंक ने कहा, बाइडेन प्रशासन 5 जी को निस्संदेह उच्च प्राथमिकता देता है। हम ऐसी जीवंत डिजिटल अर्थव्यवस्था का समर्थन करते हैं, जो सभी नागरिकों को 5 जी वियर नेटवर्क का लाभ लेने का सामना करना पड़ता है। हम यह भी जानते हैं कि इस प्रकार के नेटवर्क की सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 5 जी निस्संदेह परिवर्तनकारी है, यह जीवन के हर पहलू को छुएगा और यह परिवहन, विद्युत आवंटन, स्वास्थ्यसेवा एवं जनस्वास्थ्य जैसे बुनियादी ढांचा क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है।

योग्यता ने कहा कि इसीलिए हम ऐसे उपकरण के साथ नेटवर्क लगाने के नियम को लेकर चिंतित हैं, जिनसे चीन छेड़छाड़ कर सकते हैं, जिन्हें वह बाधित या नियंत्रित कर सकता है। हम जानते हैं कि चीन मानवाधिकारों या निजता का सम्मान नहीं करता है।



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