Saturday, September 19, 2020
Home Pradesh Uttar Pradesh ग्रेटर नोएडा में चाय की दुकान चलाने वाले पिता के वित्तीय संकट...

ग्रेटर नोएडा में चाय की दुकान चलाने वाले पिता के वित्तीय संकट के बीच सुदीक्ष भाटी ने अमेरिका की यात्रा करने का फैसला किया था


ग्रेटर नोएडा के दादरी क्षेत्र के डेरी स्कैनर गांव की होनहार बेटी सुदीक्षा भाटी (सुदीक्षा भाटी) की मौत पर पूरा गांव गम में डूबा हुआ है। जिस किसी को भी सड़क दुर्घटना में उसकी मौत के बारे में जानकारी मिली। वह स्तब्ध रह गया। वहीं, इस परिवार के तो लाखों अरमान सुदीक्षा की मौत के कारण मिट्टी में मिल गए हैं। लोगों का कहना है कि सुदीक्षा को खुद पढ़ने के साथ ही गांव के बच्चों को भी पढ़ाने का बहुत शौक था।

डेरी स्कार्न गांव के बुजुर्ग निवासी रामतार सिंह ने कहा कि पूरे गांव के लोग बच्चे पर भगवान का आशीर्वाद मानते थे। सुदीक्षित बेहद होशियार और होनहार थे इसके साथ ही बहुत ही मिलनार और पूरे गांव की दुलारी थी। कक्षा पांच तक सुदीक्षा गांव के प्राइमरी स्कूल में ही पढ़ी थी और मामा के कहने पर सिकुना में एचसीएल फाउंडेशन के विद्याज्ञान स्कूल की प्रवेश परीक्षा दी।

अमेरिका में चार करोड़ की स्कॉलरशिप पाने वाली छात्रा की सड़क हादसे में मौत हो गई

प्रवेश परीक्षा में सुदीक्षा ने शानदार प्रदर्शन किया और उसे चयनित कर लिया गया। सात वर्षों तक वह सिकुड़ा में पढ़ी। वहाँ भी वह टॉपर था। 2018 की सीबीएसई परीक्षा में उसने पूरे बुलंदशहर में सर्वाधिक 98 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। सुदीक्षा से गांव के लोगों को बड़ी उम्मीदें थीं। जब उन्होंने 2018 में सीबीएसई बोर्ड एग्जाम टॉप किया था तो गांव वालों ने शानदार स्वागत किया था। इसके बाद उन्होंने एचसीएल फाउंडेशन की ओर से मिले मार्गदर्शन के मुताबिक बॉबसन कॉलेज ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप से पढ़ाई करने के लिए परीक्षा दी। इस प्रसिद्ध परीक्षा में वह कामयाब हुई और उसे बॉबसन कॉलेज ने 3.83 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप ग्रांट की। अगस्त 20218 में सुदीक्षा अमेरिका गए थे।

पिता चाय सेट हैं, बेटी से काफी उम्मीदें थीं

दादरी से अमेरिका तक का सफर तय करने के लिए सुदीक्षा ने जी-तोड़ मेहनत की थी। गांव वालों ने बताया कि सुदीक्षित के पिता जितेंद्र भाटी और चाचा सतेंद्र भाटी बेहद कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते हैं। गांव में बहुत कम जमीन है। परिवार पालने के लिए जितेंद्र भाटी चाय बेचने का काम करते हैं। आर्थिक तंगी होने के बावजूद उन्होंने कभी इन बातों को उसकी पढ़ाई के आड़े नहीं आने दिया था। उसकी कामयाबी पर उन्हें बिल्कुल भी गुमान नहीं था, बल्कि वह गांव के लोगों से कहा करते थे कि अब बाकी तीन बच्चों को सुदीक्षा खुद संभाल लेगी। बेहद सरल स्वभाव की सुदीक्षा पर उनके परिवार को बहुत ज्यादा भरोसा था। सुदीक्स के साथ हुए इस अकाल हादसे ने इस पूरे परिवार के लाखों सपने चकनाचूर कर दिए।

जानिए कौन था सुदीक्षा भाटी और अमेरिका में 4 करोड़ की स्कॉलरशिप मिलने के बाद पढ़ाई किस चीज की हो रही थी?



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

फ्लकार्ट सेविंग डेज सेल में 20 सितंबर तक पाएं बंपर छूट है

18 सितंबर से शुरू हुई फ्लिपकार्ट सेविंग डेज सेल में मोबाइल फोन्स, एमबी, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, एसेसरीज और टीवी पर बंपर छूट मिल रही...

दिल्ली पुलिस ने पत्रकार को आधिकारिक गुप्त अधिनियम में गिरफ्तार किया

दिल्ली पुलिस ने पत्रकार राजीव शर्मा को गिरफ्तार किया है (फाइल फोटो)।नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस (दिल्ली पुलिस) की विशेष सेल ने एक स्वतंत्र...

Recent Comments