Thursday, January 20, 2022
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गोरखपुर से हार गया था ये सीएम: Gorakhpur news: उत्तर प्रदेश का वह सीएम जिससे गोरखपुर की जनता ने छील थी कुर्सी


अनुराग पाण्डेय, गोरखपुर
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले का नाम केवल सीएम योगी आदित्यनाथ की वजह से नहीं, बल्कि यहां कई ऐसी कहानियां घटी हैं। जिससे इस शहर को याद किया जाता है। इस धरती का एक वाक्या ऐसा भी है जब इस धरती पर वर्ष 1971 में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिभुवन नारायण सिंह मणिराम गोरखपुर विधानसभा से उप-चुनाव हार गये थे। बता दें, 18 अक्टूबर 1970 को संयुक्त विकास दल के नेता के तौर पर त्रिभुवन नारायण सिंह ने यूपी के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उस समय वह किसी सदन के सदस्य नहीं थे। मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया, लेकिन फैसला उनके पक्ष में आया।

सीएम की खातिर अवेद्यनाथ ने दे दिया था इस्तीफा
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि, छह महीने के अंदर उन्हें किसी सदन का सदस्य होना जरूरी है। ऐसे में 1969 में महंत दिग्विजयनाथ के निधन के बाद गोरखपुर लोकसभा सीट खाली थी। उनके उत्तराधिकारी महंत अवेद्यनाथ ने लोकसभा उपचुनाव में खड़े होने के लिए इस लोकसभा की ही मानीराम विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस (आर, रूलिंग) ने रामकृष्ण द्विवेदी को अपना प्रत्याशी बना दिया।

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इंदिरा गांधी ने बदल दी थी हवा
त्रिभुवन नारायण सिंह के सामने थे कांग्रेस विधायक रामकृष्ण द्विवेदी, इस दौरान उनका प्रचार इंदिरा गांधी ने किया था। उस वक्त त्रिभुवन नारायण सिंह के समर्थकों ने इंदिर की रैली में कुछ अशोभनीय प्रदर्शन किया था। कहा जाता है उसका सहानुभूति वोट कांग्रेस उम्मीदवार रामकृष्ण द्विवेदी को मिल गया। इसके बाद जब चुनाव पिरणाम आया तो मालूम हुआ कि मुख्यमंत्री जी लगभग 16 हजार मतों से हार गये।
इस कारण 4 अप्रैल 1971 को त्रिभुवन नारायण को सीएम की कुर्सी छोड़नी पड़ी। रामकृष्ण द्विवेदी को उस वक्त 33230 वोट मिले थे, वहीं टी.एन. सिंह को 17137 वोट ही मिले थे। इससे पहले 1969 में चुनाव हुए थे उसमें महंत अवैद्यनाथ ने रामकृष्ण द्विवेदी को 19644 वोटों से मात दी थी।

कहा जाता है कि जब उपचुनाव के नतीजे आए तब मार्च 1971 में टीएन सिंह सदन में थे। उन्होंने खुद अपनी हार की जानकारी दी और इस्तीफा दे दिया। पहली बार हुआ कि जब कोई मुख्यमंत्री चुनाव हार गया था। इसके बाद हुए चुनाव में कांग्रेस आर जीती और कमलापति त्रिपाठी को मुख्यमंत्री बनाया गया। वहीं कांग्रेस ने रामकृष्ण द्विवेदी को राज्यमंत्री पद पर बैठाया।



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