Tuesday, January 31, 2023
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गोआश्रय स्थलों पर निराश्रित गोवंश की देखभाल हेतु सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए

अभियान चलाकर 01 जनवरी से 31 मार्च, 2023 तक निराश्रित व बेसहारा गोवंश का संरक्षण किया जाए

गोसंरक्षण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों का रोका जायेगा वेतन
-कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह

उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री धर्मपाल सिंह ने कहा है कि निराश्रित गोवंश की देखभाल हेतु अधिकारी जनपदों में गोआश्रय स्थलों का आकस्मिक निरीक्षण करें और गोवंश को ठण्ड से बचाव, चारा-भूसा, प्रकाश, चिकित्सा, सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करायी जाएं। साथ ही 01 जनवरी, 2023 से 31 मार्च, 2023 तक युद्धस्तर पर अभियान चलाते हुए बेसहारा एवं निराश्रित गोवंश का संरक्षण किया जाये। निराश्रित गोवंश संबंधी किसी भी कार्य में लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी और ऐसा करने पर संबंधित अधिकारी का वेतन रोकने की कार्यवाही भी की जायेगी।
पशुधन मंत्री ने आज यहां विधानसभा के मुख्य भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में वृहद गोसंरक्षण केन्द्र के निर्माण कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति तथा निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों की अद्यतन स्थिति एवं गोवंश के ठण्ड से बचाव व उपाय आदि कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में मंत्री जी ने विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिन जनपदों में पशु चिकित्सालय नहीं हैं वहां प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्यवाही कराते हुए पशु चिकित्सालय का निर्माण कार्य किया जाय और पुराने एवं अधूरे निर्माण कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण कराते हुए उनको क्रियाशील कराया जाय।
समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव, पशुधन एवं दुग्ध विकास डॉ0 रजनीश दुबे ने निराश्रित गोवंश से संबंधित अद्यतन स्थिति एवं विभिन्न योजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति से मंत्री जी को अवगत कराया और आश्वस्त किया कि मंत्री जी द्वारा दिये गये निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
बैठक में पशुधन विभाग के विशेष सचिव, श्री देवेन्द्र पाण्डेय, पशुपालन विभाग के निदेशक, प्रशासन एवं विकास डॉ0 इन्द्रमणि तथा निदेशक रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र डॉ0 पी0के0 सिंह उपस्थित थे।

प्रदेश में पहली बार सहकारिता के क्षेत्र में विज्ञान एवम तकनीक पर आधारित एक सहकारी समिति की हुई शुरुआत

विज्ञान और प्रौद्योगिकी आज के समाज का सबसे महत्वपूर्ण अंग

आज का युग टेक्नॉलाजी का युग है
– जेपीएस राठौर
लखनऊ:  27 दिसम्बर,  2022
विज्ञान और प्रौद्योगिकी आज के समाज का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। ऐसा पहली बार है कि प्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र में विज्ञान एवम तकनीक पर आधारित एक सहकारी समिति की शुरुआत हुई है। पिछले कुछ वर्षों में सहकारी संस्थाओं में युवाओं कि रुचि में कुछ कमी देखने को मिली है। लेकिन आज देश के सर्वाेच्च संस्थान जैसे आईआईटी, एनआईटी, आईआईएससी बंग्लौर तथा इम्पीरियल कालेज लंदन इत्यादि में पढे इंजीनियर्स ने सहकारिता में अपना कदम रखा है।
यह बातें प्रदेश के सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जे.पी.एस.राठौर ने आज गोमती नगर स्थित ताज होटल में साईंस एण्ड टेक्नालाजीस सहकारी समिति के उदघाटन समारोह के अवसर पर कही। उन्होंने साईंस एण्ड टेक्नालाजीस सहकारी समिति की फाउण्डर टीम को बधाई दी और सफल भविष्य कि कामना की। श्री राठौर द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर समिति का उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा कि आज का युग टेक्नॉलाजी का है और प्रदेश में यह पहला अवसर है जब विज्ञान एवं तकनीक पर आधारित एक सहकारी समिति कि शुरुआत हुई है। इस समिति के गठन के पश्चात कई दुरूह कार्य आसानी से किये जा सकेंगे।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सहकारिता के क्षेत्र मे लगातार अग्रणी रहा है। इसी क्रम में आज सहकारिता को आगे बढाने के लिये संस्थाओ में ऊर्जावान युवा एवं विज्ञान और तकनीक को बढावा देने उद्देश्य से श्री संकल्प सिंह बोहराजी द्वारा साईंस एण्ड टेक्नालाजीस सहकारी समिति की स्थापना कि गयी है, जिससे सहकारिता के क्षेत्र में नई क्रांति आयेगी।
इस अवसर पर श्री बोहराजी ने बताया कि समिति में सभी प्रकार की सुविधाओं को सुचारू ढंग से निष्पादित करने के लिये सभी क्षेत्र के विषय विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। इस संस्था का उद्देश्य सहकारिता के क्षेत्र में विज्ञान और प्रौद्यिगिकी को बढ़ावा देना है। समिति विभिन्न प्रकार की सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं को साफ़्टवेयर,वेबसाईट,मोबाईल अप्लीकेशन, इवेंट मैनेजमेंट, सोशल मीडिया मार्केटिंग, स्टार्टअप मेंटरिंग आदि जैसी सुविधाए प्राप्त कराने के लिये कार्यरत है। समिति के फाउण्डर सदस्यों ने पूर्व मंे आई.सी.ए.आई. और अन्य कई बड़ी संस्थाओं के साथ सोशल मीडिया एवं इवेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र मे कार्य किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सोच जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान को सार्थक करने के लिये साईंस एण्ड टेक्नालाजीस सहकारी समिति सहकारिता क्षेत्र और आज के समय के श्रम दक्षता शास्त्र के बीच में एक सामंजस्य बनाने कि ओर प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर अपर आयुक्त एवं अपर निबंधक (बैंकिंग) श्रीमती बी.चंद्रकला, विशेष सचिव सहकारिता श्री अच्छेलाल यादव, सलाहकार श्री पी.के.अग्रवाल एवं समस्त शीर्ष सहकारी संस्थानो के प्रबंध निदेशक मौजूद रहें।

प्रचण्ड शीतलहर व ठंड से बेघरों एवं निराश्रितों को बचाने के लिए रैन बसेरों
में की जाय बेहतर व्यवस्था

सभी निकाय बेसहारों को पहुँचायें नजदीकी रैन बसेरा स्थल

निकायों में बनाये गये स्थायी एवं अस्थायी रैन बसेरों की दी जाय पूर्ण जानकारी

चौराहों, सार्वजनिक स्थलों, रेलवे व बस स्टेशनों एवं अस्पतालों के आसपास
जलाये जायें अलाव

खुले आसमान के नीचे, फुटपाथों, सड़क किनारे सोने को मजबूर व्यक्ति को
मिले तत्काल मदद

रैन बसेरों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित पर
होगी सख्त कार्रवाई

कोरोना की गाइडलाइन के अनुसार संचालित किये जायें रैन बसेरे

नगर विकास मंत्री ने स्वयंसेवी संस्थाओं, आमजनों, सक्षम नागरिकों से बेघरों, निराश्रितों एवं बेसहारा लोगों की मदद के लिए की अपील

प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए0के0 शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भीषण शीतलहर एवं ठंड का प्रकोप चल रहा है। इस समय सभी निकायों में बेसहारा, निराश्रितों, बेघरों एवं गरीबों को बचाने के लिए सभी स्थायी व अस्थायी रैन बसेरों को पूर्ण व्यवस्था के साथ संचालित किया जाए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं हीलाहवाली पाये जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित हो कि सभी रैन बसेरों में पर्याप्त गरम कपड़े, रजाई, कम्बल की व्यवस्था हो। हो सके तो यहां पर शरण लिए व्यक्ति को भोजन, चाय और गरम पानी की भी व्यवस्था कराने का प्रयास करें। उन्होंने सभी स्थायी एवं अस्थायी रैन बसेरों की जानकारी प्रदान करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराने को भी कहा। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं, आमजनों, सक्षम नागरिकों से बेघरों, निराश्रितों एवं बेसहारा लोगों की मदद के लिए भी अपील की।
नगर विकास मंत्री श्री ए0के0 शर्मा ने कहा कि रैन बसेरों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। साथ ही कोरोना महामारी से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतें और कोविड हेल्पडेस्क, मास्क, सेनेटाइजर एवं सुनिश्चित दूरी संबंधी गाइडलाइंस का भी अनुपालन कराया जाये। उन्होंने कहा कि शहरों के सभी सार्वजनिक स्थलों, चौराहों, रेलवे व बस स्टेशनों एवं अस्पतालों में अलाव जलाने की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाए। उन्होंने खुले आसमान के नीचे, फुटपाथों एवं सड़क किनारे मजबूरी में सोने वाले व्यक्तियों की तत्काल मदद करें और उन्हें नजदीकी रैन बसेरा स्थल पहुंचायें। उन्होंने यह भी कहा है कि मौजूदा रैन बसेरा स्थलों में जगह कम पड़ने पर खाली पड़ी सरकारी इमारतों, धर्म स्थलों पर ऐसे व्यक्तियों की मदद के लिए व्यवस्था की जाए और आवश्यकतानुसार छोटे अस्थायी और रैन बसेरे बनाये जायें।

किला परीक्षितगढ़ स्थित जिलेदारी-तृतीय कार्यालय के मरम्मत व बाउण्ड्रीवाल के निर्माण हेतु 33.63 लाख रूपए स्वीकृत

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा किला परीक्षितगढ़ स्थित जिलेदारी-तृतीय कार्यालय के मरम्मत व बाउण्ड्रीवाल का निर्माण तथा निरीक्षण भवन की बाउण्ड्रीवाल के निर्माण की परियोजना हेतु 33.63 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान कर दी गयी है।
इस सम्बंध में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। जारी शासनादेश में प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को निर्देश दिये गये हैं कि निर्माण कार्य को समय से सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण दायित्व कार्यदायी संस्था/विभागाध्यक्ष का होगा। स्वीकृत धनराशि का उपयोग स्वीकृत कार्य पर ही किया जायेगा। अन्यथा की स्थिति में किसी प्रकार की अनियमितता के लिए समस्त उत्तरदायित्व विभागाध्यक्ष का होगा। निर्माण कार्य नियमानुसार समस्त वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेंस सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही प्रारम्भ कराया जायेगा।

खलीलाबाद शाखा के किमी0 38.150 से किमी0 43.665 के मध्य बांयी पटरी पर विटुमिन सड़क निर्माण कार्य की परियोजना हेतु 176 लाख रूपए स्वीकृत

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा खलीलाबाद शाखा के किमी 38.150 से किमी0 43.665 के मध्य बांयी पटरी पर विटुमिन सड़क निर्माण कार्य की परियोजना की वित्तीय स्वीकृत लागत रू0 352.27 के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में 176 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान कर दी गयी है।
इस सम्बंध में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। जारी शासनादेश में निर्देश दिये गये हैं कि निर्माण कार्य को समय से सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण दायित्व कार्यदायी संस्था/विभागाध्यक्ष का होगा। स्वीकृत धनराशि का उपयोग स्वीकृत कार्य पर ही किया जायेगा, अन्यथा की स्थिति में किसी प्रकार की अनियमितता के लिए समस्त उत्तरदायित्व विभागाध्यक्ष का होगा। निर्माण कार्य नियमानुसार समस्त वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेंस सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही प्रारम्भ कराया जायेगा।

जनपद बिजनौर भागुवाला स्थल कार्यालय के पुनरोद्धार एवं जिलेदारी कार्यालय के नवनिर्माण की परियोजना हेतु 68.73 लाख रूपए स्वीकृत

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा जनपद बिजनौर भागुवाला स्थल कार्यालय के पुनरोद्धार एवं जिलेदारी कार्यालय के नवनिर्माण की परियोजना हेतु 68.73 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान कर दी गयी है।
इस सम्बंध में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। जारी शासनादेश में निर्देश दिये गये हैं कि निर्माण कार्य को समय से सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण दायित्व कार्यदायी संस्था/विभागाध्यक्ष का होगा। स्वीकृत धनराशि का उपयोग स्वीकृत कार्य पर ही किया जायेगा। अन्यथा की स्थिति में किसी प्रकार की अनियमितता के लिए समस्त उत्तरदायित्व विभागाध्यक्ष का होगा। निर्माण कार्य नियमानुसार समस्त वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेंस सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही प्रारम्भ कराया जायेगा।

स्वतंत्र देव सिंह ने सिल्ट सफ़ाई के कार्य में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सिंचाई अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया

उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह ने आज यहाँ डॉ राम मनोहर लोहिया परिकल्प भवन, तेलीबाग में आयोजित सम्मान समारोह में सिल्ट सफ़ाई के कार्य में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में 08 अधीक्षण अभियंता, 26 अधिशाशी अभियंता, 60 सहायक अभियंता, 143 जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। इसके साथ ही उन्हांेने 13 समितियों को भी सम्मानित किया। जलशक्ति मंत्री ने प्रशस्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामना देते हुए कहा की आशा है कि आप सभी लोग भविष्य में भी इसी प्रकार जल शक्ति विभाग का नाम रोशन करें।
जलशक्ति मंत्री ने इस अवसर पर अटल जी के द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि अटल जी बहुत ही महान विभूति थे। उन्होंने कहा कि यह अवसर हम सभी के लिए बेहद खास है क्यांेकि नदियों एवं नहरों को लेकर अटल जी का जो विजन था उसे हम सभी मा0 मोदी जी एवं मा0 योगी जी नेतृत्व में पूरा करने में अग्रसर हैं। अटल भूजल योजना से लेकर नहरों और नदियों को जोड़ने की योजना तक आज देश में सभी कार्य श्रद्धेय अटलजी की प्रेरणा से हो रहे हैं।
श्री स्वतंत्र देव सिंह ने विभागीय अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि परिश्रम की पराकाष्ठा पर जाकर कार्य करें। आपके द्वारा किये गयें अच्छे कार्यों से किसानों के खेतों तक आसानी से पानी  की पहुँच सुनिश्चित हो सकेगी, उनके खेतों में हरियाली आएगी और अच्छी उपज होगी, जिससे किसान भाइयों की आय बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जब किसान खुशहाल होंगे तो देश एवं प्रदेश में वास्तविक खुशहाली आएगी। आपके द्वारा किए गये अच्छे कार्यों के कारण ही विभाग और सरकार का क़द बढ़ेगा।
जलशक्ति राज्य मंत्री श्री रामकेश निषाद ने इस अवसर पर सिल्ट सफ़ाई के कार्यों को धरातल पर उतारने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपनी शुभकामनाएं दीं और कहा कि आप सभी ऐसे ही मन लगाकर कार्य करते रहें और विभाग का नाम रोशन करते रहें।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष खरीफ एवं रबी फसली में सिल्ट सफाई हेतु रू0 186.55 करोड़ का बजट प्राविधान था। प्राविधानित बजट के सापेक्ष 46373 कि०मी० लम्बाई में कार्य स्वीकृत किया गया जिसके सापेक्ष 50369 कि०मी० लम्बाई में कार्य कराया गया। प्रदेश के अन्तर्गत कुल 13 क्षेत्रीय संगठनों द्वारा सिल्ट सफाई कार्य कराया गया। सिल्ट सफाई कार्य हेतु गंगा संगठन को रू0 21.28 करोड़ यमुना संगठन को रू0 10.27 करोड़, रामगंगा संगठन को रू0 17.48 करोड़, पूर्वीगंगा संगठन को रू0 6.41 करोड़, बैलव संगठन को रू0 19.35 करोड, बेतवा परियोजना संगठन को रू0 3. 10 करोड़, सोन सगठन को रू0 16.38 करोड़, शारदा संगठन को रू0 24.20 करोड़, शारदा सहायक संगठन को रू0 37.92 करोड़, गण्डक संगठन को रू0 13.20 करोड. सरयू-1 संगठन को रू0 4.08 करोड़, सरयू- संगठन को रू0 5.80 करोड़, तथा नलकूप दक्षिण, कानपुर संगठन को रू0 ०.19 करोड़ आवंटित किया गया है।
गंगा संगठन ने 4631 कि०मी० के सापेक्ष 5190 कि०मी०, यमुना संगठन ने 2474 कि०मी० के सापेक्ष 2493 कि०मी०, रामगंगा संगठन ने 4506 कि0मी0 के सापेक्ष 4632 कि०मी०. पूर्वी गंगा सगठन ने 1380 कि0मी0 के सापेक्ष 1276 कि०मी०. बेतवा संगठन ने 4820 कि0मी0 के सापेक्ष 4873 कि०मी०. बेतवा परियोजना संगठन ने 776 कि०मी० के सापेक्ष 691 कि०मी०, सोन संगठन ने 4291 कि0मी0 के सापेक्ष 4089 कि०मी0 शारदा संगठन ने 6683 कि0मी0 के सापेक्ष 6911 कि०मी०, शारदा सहायक संगठन 8915 कि0मी0 के सापेक्ष 12212 कि०मी०, गण्डक संगठन ने 3288 कि०मी० के सापेक्ष 3392 सरयू-1 संगठन ने 1157 कि0मी0 के सापेक्ष 1157 कि०मी०. सरयू-2 संगठन ने 1467 कि0मी0 के सापेक्ष 1467 कि०मी०. नलकूप दक्षिण संगठन ने 49.84 कि०मी० के सापेक्ष 49.84 कि०मी० लम्बाई में सिल्ट सफाई का कार्य कराया है। आवंटित बजट के सापेक्ष निर्धारित लक्ष्य से लगभग 9 प्रतिशत अधिक लम्बाई में सिल्ट सफाई का कार्य कराया जा चुका है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन श्री अनिल गर्ग, प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्य्ाक्ष श्री मुश्ताक़ अहमद, प्रमुख अभियंता (परिकल्प एवं नियोजन) श्री एन0सी0 उपाध्याय, प्रमुख अभियंता परियोजना श्री अनिल कुमार, प्रमुख अभियंता यंत्रिक श्री देवेंद्र अग्रवाल, मुख्य अभियंता (स्तर1) श्री आलोक कुमार जैन सहित सभी सम्बंधित क्षेत्रीय संगठनों के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता एवं अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के रेडियो जयघोष और लखनऊ विश्वविद्यालय के बीच एमओयू हस्ताक्षरित

लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा श्री जयवीर सिंह को दिया गया पर्यटन एम्बेस्डर अवार्ड-2022

भारतीय संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने का प्लेटफार्म साबित होगा
रेडियो जयघोष

संस्कृति समाज का मूल धरोहर होती है

सांप-सपेरो का देश कहने वाले विदेशी भी आज भारत की टेक्नोलॉजी और
संस्कृति का लोहा मान रहे हैं

– जयवीर सिंह
पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं

पर्यटन एवं संस्कृति के विकास में लखनऊ विश्वविद्यालय अपनी भूमिका का सम्यक निर्वहन करेगा
-कुलपति लखनऊ विश्वविद्यालय

लखनऊ

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह की उपस्थिति में आज लखनऊ विश्वविद्यालय के मंथन कक्ष में संस्कृति विभाग के रेडियो जयघोष और लखनऊ विश्वविद्यालय के मध्य एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। संस्कृति विभाग की तरफ से विशेष सचिव श्री आनंद कुमार सिंह तथा लखनऊ विश्वविद्यालय की तरफ से लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 आलोक कुमार राय ने एमओयू पर हस्ताक्षर किया। श्री जयवीर सिंह को इस अवसर पर पर्यटन के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा पर्यटन एम्बेस्डर अवार्ड-2022 दिया गया है।
श्री जयवीर सिंह ने कहा कि रेडियो जयघोष के माध्यम से विद्वतजनों के विचारों से विद्यार्थी प्रेरणा प्राप्त करेंगे। क्षमता का प्रदर्शन एवं जन-जन तक पहुंचने का प्लेटफार्म मिलेगा। उन्होंने कहा कि रेडियो जयघोष संस्कृति विकास में वरदान साबित होगा। उन्हांेने कहा कि संस्कृति समाज का मूल धरोहर होती है, इसके बिना कोई भी समाज/देश आगे नहीं बढ़ सकता। भारतीय संस्कृति ही भारत की ताकत रही है। हमारे यहां मुगल से लेकर अंग्रेजों तक विदेशियों ने आक्रमण किया, राज किया लेकिन हम अडिग रहे, जिसके पीछे मूल कारण रहा हमारी संस्कृति। ग्रामीण अंचलों ने ही सच्चे अर्थों में भारतीय संस्कृति ने रक्षा की है।
श्री जयवीर सिंह ने कहा कि मजबूत संस्कृति के बल पर ही हम आजादी की लड़ाई लड़े और जीते। वर्तमान समय में यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देश में देश व प्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति के क्षेत्र में उत्तरोत्तर विकास हो रहा है। उत्तर प्रदेश संस्कृति और पर्यटन की दृष्टि से सबसे समृद्ध राज्य है। जरूरत अवसरों के उपयोग की है, जिसमें युवाओं को भागीदार होना है, इस कार्य में रेडियो जयघोष अहम कड़ी साबित होगा। आज हम टेक्नोलॉजी में भी हम किसी से पीछे नहीं है। कोरोना काल में जहां सभी एडवांस देश घुटनों के बल आ गये, वहीं भारत ने कोरोना महामारी का मजबूती से सामना किया है। हमने रिकार्ड तोड़ वैक्सीन बनाया और अपने देश के साथ-साथ विदेशों को भी उपलब्ध कराकर मानव जीवन की रक्षा की। सांप-सपेरो का देश कहने वाले विदेशी भी आज भारत की टेक्नोलॉजी और संस्कृति का लोहा मान रहे हैं।
श्री सिंह ने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय ने हर क्षेत्र में प्रतिभावान व्यक्ति दिया है जो हर क्षेत्र में विकास के सहयोगी बने हैं, और लखनऊ विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। लखनऊ विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई और शोध की बदौलत आगे भी देश को बहुआयामी व्यक्तित्व के लोग मिलते रहेंगे। मैं इस अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों और छात्रों को बधाई देता हूं। रेडियो जयघोष के माध्यम से आप नया कीर्तिमान लिखने का काम अवश्य करेंगे।
श्री जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन एवं संस्कृति विभाग आज कलाकारों को सीधे उनके खाते में पैसा दे रहा है साथ ही उनको कार्यक्रम हेतु मंच भी उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि सारे कार्यक्रम विश्वविद्यालयों, डिग्री कॉलेजों, विद्यालयांे के माध्यम से आयोजित किये जाएंगे, जिससे कि भारत की संस्कृति की जानकारी गांव के अंतिम छोर तक पहुंचायी जा सके। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग इस दिशा में लगातार काम कर रहा है।
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति ने मा0 मंत्री को आश्वस्त किया कि आपको सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रदेश के हर हिस्से से विद्यार्थी पढ़ने के लिए आते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय को गुणवत्ता रैंकिंग में ए प्लस ग्रेड मिला है। लखनऊ विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश का एकमात्र विश्वविद्यालय है जिसे विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में रैंकिंग प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि पर्यटन रोजगार के दृष्टिकोण से बहुत बड़ा सेक्टर है। यहां रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। वाराणसी के विश्वनाथ धाम कॉरीडोर बनने से यहां पर टूरिज्म का विकास बहुत अधिक हुआ है। इसी प्रकार अयोध्या या अन्य जगहों पर भी पर्यटन के क्षेत्र में विकास कार्य चल रहा है। पर्यटन एवं संस्कृति के विकास में लखनऊ विश्वविद्यालय अपनी भूमिका का सम्यक निर्वहन करेगा। छात्र अलग-अलग उद्यमिता के क्षेत्रों में जाएं, यह लखनऊ विश्वविद्यालय का प्रयास रहेगा। ‘‘दीप से दीप मिले, हाथ से मिले हाथ’’ तभी व्यक्तित्व का सम्पूर्ण रूप में विकास होगा।
विशेष सचिव श्री आनंद कुमार ने कहा कि आधुनिकता के दौर में हम मूल संस्कृति को भूल रहे हैं, इसके संरक्षण की आवश्यकता है। सांस्कृतिक विरासत से परिचय विद्यार्थियों को जानकारी देने तथा विद्वत्वजनों के विचारों से रूबरू कराने के लिए हम रेडियो जयघोष को आगे बढ़ा रहे हैं।

प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण दिये बगैर नहीं होंगे यूपी में 2022 के
निकाय चुनाव

निकाय चुनाव में मा0 कोर्ट के निर्देश पर ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया को पूरा कर ओबीसी को मिलेगा आरक्षण

ओबीसी आरक्षण का अध्ययन करने के लिए गठित किया जायेगा आयोग

प्रदेश सरकार ओबीसी के आरक्षण पर कानूनी पहलुओं का गम्भीरता से
कर रही अध्ययन

जरूरत पड़ी तो मा0 सुप्रीम कोर्ट भी जाएगी सरकार, करेगी अपील

योगी सरकार निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण के पक्ष में
-नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए0के0 शर्मा

उत्तर प्रदेश में होने वाले निकाय चुनाव-2022 के सम्बंध इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खण्डपीठ द्वारा निकाय चुनाव में ओबीसी के आरक्षण को लेकर आज आये फैसले पर प्रदेश सरकार ने साफ कह दिया है कि बिना ओबीसी आरक्षण को पूरा किये बगैर उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव सम्पन्न नहीं कराये जाएंगे।
इस सम्बंध में प्रदेश के नगर विकास मंत्री श्री ए0के0 शर्मा ने साफ कहा है कि ओबीसी को बिना आरक्षण दिये उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव-2022 नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव-2022 के सम्बंध में तथा ओबीसी आरक्षण को लेकर मा0 उच्च न्यायालय में विपक्षियों द्वारा याचिकाएं दाखिल की गयी थी, जिसमें आज मंगलवार को मा0 उच्च न्यायालय का निर्णय आया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मा0 न्यायालय के निर्देशानुसार आरक्षण के सम्बंध में ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया को पूरा करेगी तथा इस सम्बंध में आयोग भी गठित करेगी और ओबीसी को आरक्षण देने के पश्चात ही प्रदेश में निकाय चुनाव की प्रक्रिया को सम्पन्न कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए कानूनी पहलुओं का भी गम्भीरता से अध्ययन किया जायेगा और वकीलों से भी सलाह-मशविरा होगा, जरूरत पड़ी तो मा0 सर्वोच्च न्यायालय में भी इसके लिए अपील की जायेगी।
श्री ए0के0 शर्मा ने कहा कि निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर मा0 हाईकोर्ट में दाखिल की गयी याचिकाओं में याचिकाकर्ताओं द्वारा स्वयं भी मांग की गयी थी कि प्रदेश के 2022 के निकाय चुनाव को बगैर ओबीसी आरक्षण के ही पूरा करा लिया जाय, ऐसा आदेश कर दिया जाय। सभी को मालूम है कि निकाय चुनाव के खिलाफ मा0 कोर्ट में किस पक्ष के लोगों ने अपील दायर की थी। उन्होंने कहा कि 05 दिसम्बर, 2022 को प्रदेश सरकार द्वारा निकाय चुनाव के लिए जारी की गयी अधिसूचना में ओबीसी को सभी पदों पर 27 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया था।

सितम्बर, 2022 के लिए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक तथा उपयोग आधारित सूचकांक के त्वरित अनुमान
(आधार वर्ष 2011-12)

1. अर्थ एवं संख्या प्रभाग, राज्य नियोजन संस्थान, उत्तर प्रदेश द्वारा आधार वर्ष 2011-12 पर औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के माहवार त्वरित अनुमान तैयार किये जाते हैं।
2.  यह जानकारी अपर निदेशक अर्थ एवं संख्या मालोविका घोषाल ने आज यहां दी। उन्होंने बताया कि आधार वर्ष 2011-12 पर माहवार त्वरित अनुमान केन्द्रीय सांख्यिकीय कार्यालय, भारत  सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई रीति विधायन के अनुसार प्रदेश के विभिन्न कारखानों एवं विभागों द्वारा उपलब्ध कराये गये ऑकड़ों का प्रयोग कर तैयार किये गये हैं।
3 औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के माह सितम्बर, 2022 के त्वरित अनुमान माह नवम्बर 2022 में तैयार कर लिये गये हैं, जिनके मुख्य बिन्दु निम्नवत् हैंः-
पण् सितम्बर, 2022 आधार वर्ष 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आई.आई.पी.) का  सामान्य सूचकांक का त्वरित अनुमान 140ण्90 रहा।
पपण् माह सितम्बर, 2022 के खनन का सूचकांक 152ण्44, विनिर्माण का  सूचकांक 137ण्61 और  विद्युत क्षेत्र का सूचकांक 158ण्88 रहा है (विवरणी प्)।
पपपण् उद्योगों के संदर्भ  में  विनिर्माण क्षेत्र  के  23 उद्योग समूहों (एन.आई.सी. 2008 दो अंकीय स्तर के अनुसार)  का  सूचकांक  विवरणी-प्प् में दर्शाया गया है।
पअण् उन्होंने बताया कि उपयोेग आधारित वर्गीकरण में प्राथमिक वस्तुओं, पूंजीगत वस्तुओं, मध्यवर्ती वस्तुओं, आधारभूत संरचना/निर्माण वस्तुओं, उपभोक्ता टिकाऊ और उपभोक्ता गैर टिकाऊ वस्तुओं का सूचकांक  विवरणी-प्प्प् में  दर्शाया  गया है। सितम्बर, 2022 के  सूचकांक  प्राथमिक  वस्तुओं  के लिए  140ण्18ए पूंजीगत वस्तुओं के लिए 337ण्89, मध्यवर्ती वस्तुओं के लिए 154ण्94 और आधारभूत संरचना/निर्माण वस्तुओं के लिए 117ण्27 रहा है। उपभोक्ता टिकाऊ और उपभोक्ता गैर टिकाऊ वस्तुओं के लिए सूचकांक क्रमशः 72ण्79 और 123ण्96  रहा है ।
4   औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के माह सितम्बर, 2022 के त्वरित अनुमानों के साथ कारखानों से प्राप्त  अद्युनान्त ऑकड़ों से अगस्त, 2022 के सूचकांक को प्रथम संशोधन के साथ अर्थात अनन्तिम सूचकांक प्रस्तुत किया गया है। सितम्बर, 2022 के त्वरित अनुमान और अगस्त 2022 का प्रथम संशोधन क्रमशः 95ण्95 प्रतिशत और 97ण्34  प्रतिशत की भारित प्रतिक्रिया दरों पर संकलित किये गये हैं। अधिक जानकारी विभाग की वेबसाइट  ीजजचरूध्ध्नचकमेण्नचण्दपबण्पद पर उपलब्ध है।

संविदा परिचालक श्री नरेंद्र पवार ने परिवहन निगम एवं जनपद मुजफ्फरनगर का कुश्ती के क्षेत्र में नाम रोशन किया है
– दयाशंकर सिंह

नरेन्द्र पंवार पुत्र श्री श्यामपाल सिंह, संविदा परिचालक ने राष्ट्रीय ग्रेप्लिंग प्रतियोगिता में प्रतिभाग करते हुए प्रतियोगिता में कांस्य पदक प्राप्त किया है। श्री नरेंद्र के इस सराहनीय कार्य के लिए परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दयाशंकर सिंह ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। उक्त संविदा परिचालक द्वारा पूर्व में भी कुश्ती की विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करते हुए जनपद मुजफ्फरनगर के साथ-साथ परिवहन निगम का नाम भी उज्जवल किया गया है।
यह जानकारी क्षेत्रीय प्रबंधक मुजफ्फरनगर ने दी है। उन्होंने बताया कि इनके द्वारा विभिन्न कुश्ती प्रतियोगिताओं में 84 कि०ग्रा० भार वर्ग में पदक हासिल किया गया है। इन्होंने द्वितीय उ०प्र० राज्य वरिष्ठ ग्रेप्लिंग कुश्ती प्रतियोगिता माह सितम्बर- 2022 आर्य व्यायामशाला, छपरौली जनपद बागपत में 84 कि०ग्रा० भार वर्ग में प्रथम स्थान पर स्वर्ण पदक प्राप्त किया, यूथ एंड स्पोर्ट्स एसोशियेशन ऑफ इण्डिया के तत्वाधान में प्रथम याशी नेशनल गेम कप 2022 में माह अगस्त 2022 में 80 कि०ग्रा० भार वर्ग में प्रथम स्थान पर स्वर्ण पदक प्राप्त किया गया तथा प्रथम नेशनल मार्शल आर्ट्स गेम्स 2021 में माह दिसम्बर 2021 में 86 कि०ग्रा० भार वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया गया।
नरेन्द्र पंवार, संविदा परिचालक मुजफ्फरनगर डिपो द्वारा खेल प्रतियोगिताओं में अभूतपूर्व योगदान प्रशंसनीय है। परिवहन निगम प्रशासन ने इन्हें शुभकामनाएं दी है कि यह अपने खेल से देश एवं देश के बाहर मुजफ्फरनगर जनपद का नाम रोशन करे।

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने विभिन्न कंपनियों का किया औचक निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान छात्र व छात्राओं से बातचीत कर लिया फीडबैक

ट्रेंनिग पार्टनर्स को दिए आवश्यक दिशा निर्देश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार व स्वरोजगार के अवसर प्रदान किये जा रहे हैं

प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने लखनऊ में कौशल विकास विभाग के दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना  के अंतर्गत विभिन्न कंपनियों वी-मार्ट, अपोलो हॉस्पिटल, अम्मा चौरिटेबल ट्रस्ट का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान छात्र व छात्राओं से बातचीत की और उनसे फीडबैक भी लिया। उन्होंने युवाओं को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार उनके हितों का ध्यान रख रही है और उनके भविष्य के दृष्टिगत योजनाओं को संचालित कर रही है। उन्होंने निरीक्षण के दौरान ट्रेनिंग पार्टनर्स को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
कौशल विकास मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से कौशल विकास विभाग अधिक से अधिक युवाओं को स्किल देकर रोजगार उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा बच्चों को स्कूल में शिक्षा के साथ साथ कौशलपरक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। युवाओं को विभिन्न रोजगार मेले आयोजित कर उन्हें रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक युवा को हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार व स्वरोजगार के अवसर प्रदान किये जा रहे हैं। निरीक्षण के समय कौशल विकास के मिशन निदेशक आंद्रा वामसी  मौजूद रहे।

डॉ0 शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ में रामकृष्णविवेकानन्द
-वेदांत साहित्य से सम्बन्धित पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन

भारत की आजादी की 75वीं वर्षगाठ के अमृतमहोत्सव और रामकृष्ण मिशन की 125वीं वर्षगाठ के अवसर पर स्वामी विवेकानन्द साहित्य के प्रचार-प्रसार हेतु रामकृष्ण मिशन द्वारा डॉ0 शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ में स्वामी विवेकानन्द केन्द्रीय पुस्कालय के समक्ष रामकृष्णविवेकानन्द-वेदांत साहित्य से सम्बन्धित पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो0 राणा कृष्णा पाल सिंह के कर कमलों द्वारा सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी संजय सिंह, स्वामी विवेकानन्द केन्द्रीय पुस्कालय के प्रभारी प्रो0 रजनी रंजन सिंह, क्रीड़ा एवं योग प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो0 पी. राजीव नयन के साथ ही विश्वविद्यालय के अधिकांश शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम के तहत संचालित परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया जाए

निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए

कार्यों में लापरवाही या उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी

अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं को बेहतर एवं आधुनिक शिक्षा दिलाने के लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित
-अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री  धर्मपाल सिंह

उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री धर्मपाल सिंह ने निर्देश दिये हैं कि अल्पसंख्यकों के कल्याण हेतु प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम अति महत्वपूर्ण हैं और इसके तहत सभी परियोजनाओं को अतिशीघ्र पूर्ण किया जाए। शासन के वरिष्ठ अधिकारी जनपदों में जाकर योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करें और निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण करायें। निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाये और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता होने पर संबंधित की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाये।
श्री धर्मपाल सिंह ने आज यहां विधानभवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मदरसों के सर्वे के संबंध में कहा कि प्राप्त सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ऐसे मदरसों को चिन्हित किया जाए जिनकी वित्तीय स्रोत की स्थिति स्पष्ट नहीं है और वह बच्चों के भविष्य के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मदरसा शिक्षा बोर्ड द्वारा छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा हेतु सभी आवश्यक कार्य सुनिश्चित किया जाए और इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये कि बच्चों को ससमय स्कूल डेªस और किताबें उपलब्ध हो सके।
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने कहा कि कक्षा-9 एवं 10 में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति सुगमता पूर्वक उपलब्ध हो सके और फर्जी छात्रवृत्ति का वितरण किसी भी दशा में न होने पाये। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं को बेहतर एवं आधुनिक शिक्षा दिलाने की दिशा में राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है और उन्हें आधुनिक शिक्षा और विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए हरसम्भव कार्य और प्रयास किये जायेगे।
बैठक में अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री श्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के लिए विभिन्न लाभकारी योजनाओं के माध्यम से कार्य किया जा रहा है। इसलिए आवश्यक है कि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ अल्पसंख्यक वर्ग को मिले ताकि उनका सर्वागीण विकास हो सके। बैठक मे उ0प्र0 मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डा0 इफ्तिखार अहमद जावेद भी उपस्थित थे।
बैठक में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती मोनिका गर्ग ने मंत्री जी को यथाशीघ्र सभी दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किये जाने का आश्वासन दिया। बैठक में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव श्री आनन्द कुमार सिंह, विशेष सचिव श्री अनिल कुमार, निदेशक सुश्री जे0 विभा, संयुक्त सचिव श्री गुलाब, उपसचिव श्री शकील अहमद सिद्दीकी, उ0प्र0 मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार श्री जगमोहन सिंह, संयुक्त निदेशक श्री एस0एन0 पाण्डेय उपनिदेशक श्री राहुल गुप्ता तथा लेखाधिकारी श्री आनन्द उपस्थित थे।

आकाशीय बिजली से बचाव एवं मौसमीय जोखिम प्रबन्धन हेतु
गन्ना किसानों को श्क्ंउपदपश् एवं श्डमहीकववजश् मोबाइल ऐप से जुड़ने हेतु
गन्ना आयुक्त की एडवाइजरी

“दामिनी ऐप” आकाशीय बिजली गिरने की सम्भावना होने
पर घटना के 30-40 मिनट पूर्व भेज देता है मोबाईल नोटिफिकेशन

10 कि.मी. की परिधि में होने वाली घटना के बारे में देता है अलर्ट

’’मेघदूत ऐप’’ स्थानीय भाषा में कृषि कार्य के लिये मौसम आधारित सलाह देता है

’’मेघदूत ऐप’’ की मदद से किसान स्थानीय तापमान, वर्षा, नमी और वायु की तीव्रता आदि मौसमी पूर्वानुमान प्राप्त कर अपनी फसल का प्रबन्धन कर सकते हैं

प्रदेश के आयुक्त, गन्ना एवं चीनी श्री संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया कि श्क्ंउपदपश् ऐप इंडियन इन्स्टिट्यूट ऑफ ट्रापिकल मैट्रोलॉजी, पुणे द्वारा एवं श्डमहीकववजश् ऐप भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ;प्डक्द्धए भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान ;प्प्ज्डद्ध और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ;प्ब्।त्द्ध द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। यह दोनों मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर पर निःशुल्क उपलब्ध हैं।
दामिनी ऐप के संबंध में जानकारी प्रदान करते हुए श्री भूसरेड्डी ने बताया कि यह ऐप प्रयोगकर्ता किसान को बचाव के तरीकों के सम्बन्ध में सूचना प्रदान करता है। इस ऐप पर रजिस्ट्रेशन करने पर यह उपयोगकर्ता की लोकेशन के अनुसार उस स्थान से 10 किमी. के दायरे में आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी के बारे में ऑडियो संदेश एवं एस.एम.एस. के माध्यम से अलर्ट करता है, जिससे उपयोगकर्ता समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुँच सकते हैं।
श्री भूसरेड्डी ने यह भी बताया कि आकाशीय बिजली से बचाव हेतु जारी दिशा-निर्देशों को गन्ना किसानों तथा विभागीय कार्मिकों के मध्य प्रचारित करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। इन दिशा-निर्देशों में गन्ना कृषकों को आकाशीय बिजली से बचने के लिए खुले खेतों, पेड़ों के नीचे, पहाड़ी इलाकों, चट्टानों का उपयोग न करने की सलाह दी गयी है। इस एडवाइजरी में गन्ना किसानों तथा विभागीय कार्मिकों को वर्षा ऋतु में बिजली गिरने के समय तालाब, झील तथा बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूर रहने का सुझाव भी दिया गया है तथा यह भी बताया गया है कि आकाशीय बिजली गिरने के समय धातुओं के बर्तन न धोयें तथा स्नान इत्यादि करने से भी बचें।
यह सलाह भी दी गयी है कि आकाशीय बिजली के समय आने वाले तूफान के दौरान बिजली के उपकरण या तार वाले फोन का उपयोग न करें एवं बिजली की गरज के दौरान पानी भरे खेत में न रहें तथा बिजली गिरने के दौरान यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर फंस जाता है और आस-पास कोई छुपने का स्थान न हो तो ऐसी स्थिति में अपने दोनों हाथों को अपने कानों पर रखें, नीचे की तरफ थोड़ा कम अर्थात उकडू झुकें तथा सुनिश्चित करें कि आपके दोनों पैरों की एड़ी आपस में छू रही हो।
भूसरेड्डी ने मेघदूत ऐप के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि डिजिटल इंडिया के तहत किसानों को तकनीक से जोड़ने के लिए भारत सरकार द्वारा मेघदूत मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है। यह एक सरल और उपयोग में आसान मोबाइल एप्लिकेशन है जो मौसम की जानकारी के आधार पर किसानों को फसल जोखिम प्रबन्धन से संबंधित सलाह प्रदान करता है। यह ऐप भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (प्डक्), भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (प्प्ज्ड) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (प्ब्।त्) की एक संयुक्त पहल है।
उन्होनें बताया कि इस ऐप पर किसानों के लिये एडवाइजरी अंग्रेजी और हिन्दी सहित स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध है। इच्छुक किसान को ’’मेघदूत’’ एप्लिकेशन डाउनलोड करना होगा और अपने मोबाइल नंबर और पसंदीदा भाषा का उपयोग करके साइन इन करना होगा। ऐप हर मंगलवार और शुक्रवार को एग्रो मेट फील्ड यूचनिट्स (ए.एम.एफ.यू.) द्वारा जारी फसल पर जिलेवार सलाह और पूर्वानुमानित मौसम की जानकारी प्रदान करता है। यह किसानों को मौसम के अनुसार निर्णय लेने तथा फसलों की बुवाई, कीटनाशक और उर्वरक का प्रयोग, सिंचाई के समय का निर्धारण आदि में भी सहायता प्रदान करता है।
उन्होनें यह भी बताया कि मेघदूत ऐप वर्तमान मौसम की जानकारी, बारिश, तापमान, आर्द्रता, हवा की गति और दिशा से संबंधित पांच दिनों के पिछले और पूर्वानुमानित मौसम की जानकारी भी प्रदान करता है, जो कृषि कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होने गन्ना किसानों को सलाह प्रदान की है कि वे ’’मेघदूत’’ ऐप डाउनलोड कर अपने जिले के अनुसार  उपलब्ध दैनिक मौसम की जानकारी का उपयोग करें, ताकि किसान बदलते मौसम के अनुसार अपने कृषि कार्यों हेतु संचालन की योजना बना सकें और फसल के नुकसान को कम से कम कर सकें।
गन्ना विभाग के समस्त परिक्षेत्रीय अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया है कि आकाशीय बिजली से बचाव एवं फसल जोखिम प्रबन्धन हेतु गूगल प्ले स्टोर से “दामिनी’’ एवं ’’मेघदूत’’ ऐप डाउनलोड करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिकाधिक गन्ना कृषकों को प्रेरित करें जिससे वर्षा-ऋतु के समय खेतों में काम करने के दौरान किसी भी किसान बन्धु के साथ कोई अप्रिय घटना न घटे तथा मौसमी कारणों से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

बाल श्रमिक विद्या योजना के तहत लगभग 2000 कामकाजी बच्चों को किया गया लाभान्वित

प्रदेश सरकार द्वारा ऐसे बच्चे जो माता-पिता अथवा माता या पिता की मृत्यु/विकलांगता एवं अन्य परिस्थितियों से उत्पन्न परिवार के आर्थिक कारणों से काम करने के लिए विवश हैं, को आर्थिक सहायता देने के लिए बाल श्रमिक विद्या योजना (कण्डीशनल कैश ट्रान्सफर) संचालित की जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत पात्र लाभार्थी बालक को 1000/- प्रतिमाह व पात्र बालिका को रू0 1200/- प्रतिमाह दिया जा रहा है
श्रम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस योजना के अन्तर्गत कामकाजी बच्चों/किशोर/किशोरियों की श्रेणी में 08-18 आयु वर्ग के कामकाजी बच्चे/किशोर/किशोरियां शामिल हैं, जो कि संगठित या असंगठित क्षेत्र में परिवार की विषम परिस्थितियों के कारण कार्य कर अपने परिवार की आय की वृद्धि हेतु कार्य कर रहे है। इस योजना के तहत अब तक  08-18 आयु वर्ग के लगभग 2000 कामकाजी बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है।

ओडीओपी योजना के तहत निर्मित होने वाली सीएफसी में कारीगरों एवं किसानों को पूरा लाभ मिलना चाहिए

पारदर्शी व्यवस्था के तहत सीएफसी का संचालन सुनिश्चित कराया जाये

सीएफसी में मिलने वाली सुविधाओं की दर निर्धारित होनी चाहिए और रेट कार्ड का डिस्प्ले सीएफसी पर प्रदर्शित किया जाये- राकेश सचान

ओडीओपी योजना को मिशन मोड में संचालित किया जायेगा-अमित मोहन प्रसाद

उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग तथा खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री राकेश सचान ने कहा कि एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत निर्मित होने वाले सामान्य सुविधा केन्द्र (सीएफसी) में ओडीओपी से जुड़े कारीगरों एवं किसानों को पूरा लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए पारदर्शी व्यवस्था के तहत सीएफसी का संचालन सुनिश्चित कराया जाये। सीएफसी में मिलने वाली सुविधाओं की दर निर्धारित होनी चाहिए और रेट कार्ड का डिस्प्ले सीएफसी पर प्रदर्शित किया जाये। कारीगरों, उद्यमियों एवं किसानों का सीएससी में किसी प्रकार का उत्पीड़न न होने पाये। इसकी नियमित समीक्षा भी की जाये।
श्री सचान ने यह निर्देश आज खादी भवन में एमएसएमई विभाग के एक वर्ष का रोडमैप/कार्ययोजना की समीक्षा के दौरान दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 06 सीएफसी का उद्घाटन हो चुक है, पांच अन्य का मार्च में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के करकमलों से उद्घाटन प्रस्तावित है। उन्होंने शेष जनपदों में सीएफसी स्थापना के कार्य में जाये जाने के निर्देश उन्होंने कहा कि कृषि के बाद एमएसएमई में रोजगार की सबसे अधिक संभावनाएं है। इसलिए रोजगार तथा स्वरोजगार हेतु वार्षिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए उसको प्राप्त किया जाये। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं की टूलकिट वितरण में पूरी पारदर्शिता बरती जाये और पात्रों में ही टूलकिट का वितरण सुनिश्चित होना चाहिए। वितरण के उपरान्त समय-समय इसकी रैडम चेकिंग कराई जाये। लाभार्थियों के प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण का निर्धारित लक्ष्य समय से प्राप्त किया जाये।
अपर मुख्य सचिव, एमएसएमई श्री अमित मोहन प्रसाद ने एक वर्ष की कार्य योजना एवं उसकी अद्यतन प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि ओडीओपी योजना को मिशन मोड में संचालित करने की कार्यवाही की जा रही है। वर्तमान में संचालित रोजगारपरक योजना प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं ओडीओपी वित्त पोषण सहायता योजना के तहत 253.92 करोड़ रुपये का ऋण बैंकों के माध्यम से स्वीकृत कराया जा चुका है, जो वार्षिक लक्ष्य का 63 प्रतिशत है। आगामी मार्च तक निर्धारित लक्ष्य वार्षिक को प्राप्त कर लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि अवस्थापना सुविधाओं का विकास योजना के अंतर्गत औद्योगिक आस्थान फर्रूखाबाद एवं तालकटोरा (लखनऊ) एवं गोरखपुर में फलैटेड फैक्ट्री काम्पलेक्स शिलान्यस हेतु तैयार हैै। मऊ में कताई मिल का अधिग्रहण कर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
बैठक में सचिव, एमएसएमई श्री प्रांजल यादव सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम श्री ब्रजेश पाठक ने जिला अस्पताल बलरामपुर से  मॉक ड्रिल का किया शुभारंभ

कोरोना के नए वैरियंट के दृष्टिगत प्रदेश के अस्पतालों में मॉक ड्रिल
व्यवस्थाएं मिलीं दुरस्त’

प्रदेश के 75 जिलों के 400 से अधिक अस्पतालों में हुई मॉक ड्रिल

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम श्री ब्रजेश पाठक आज मॉक ड्रिल की हकीकत परखने के लिए राजधानी के जिला अस्पताल बलरामपुर पहुंचे। यहां उन्होंने मॉक ड्रिल का शुभारंभ करते हुए ऑक्सीजन की उपलब्धता से लेकर वेंटिलेटर, आईसीयू आदि सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर अलर्ट मोड में रहें। अस्पताल में सभी स्टाफ बिना मास्क के न आए इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर काफी गंभीर है। उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर किसी भी चीज की जरूरत है तो वह उनसे संपर्क कर सकते हैं। इस दौरान डिप्टी सीएम ने दवाओं, वैक्सीन समेत अन्य आवश्यक चीजों की उपलब्धता की बारीकी से जांच की।
दुनिया के कई देशों में बढ़ रहे कोविड के नए वैरियंट बीएफ 7 की संभावना से देश में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है। ऐसे में मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आज  प्रदेशभर में कोरोना के नए वैरियंट को देखते हुए व्यवस्थाओं को परखने और बचाव के लिए डेडीकेटेड हॉस्पिटल में मॉक ड्रिल हुई, जिसमें वेंटीलेटर, दवा, ऑक्सीजन का उपलब्धता को परखा गया। इस दौरान आईसीयू वार्ड में ऑक्सीजन प्लांट का प्रेशर की बारीकी से जांच की गई। प्रदेश के 75 जिलों के करीब 400 से अधिक अस्पतालों में मॉक ड्रिल हुई। इस दौरान हर जिले में सरकार की ओर से नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी भी मौजूद रहे। इसके साथ ही चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में डब्ल्यूएचओ के सविलांस मेडिकल ऑफिसर की निगरानी में मॉक ड्रिल किया गया।

प्रदेश में अब तक 35.13 लाख मीट्रिक टन हुई धान खरीद
अब तक 555833 किसानों को लाभाविन्त करते हुए किया गया 5805.74
करोड़ का भुगतान

लक्ष्य के सापेक्ष 50 प्रतिशत से अधिक खरीद की जा चुकी

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के उद्देश्य से खरीफ क्रय वर्ष 2022-23 में सीधे खरीद करते हुए, विभिन्न धान क्रय केन्द्रों के माध्यम से अब तक 35.13 लाख मीट्रिक टन धान खरीद कर ली गयी है। इस योजना के तहत अब तक 555833 किसानों को लाभाविन्त किया गया है और 5805.745 करोड़ का भुगतान उनके खातों में किया गया है।
यह जानकारी प्रदेश के खाद्य आयुक्त श्री सौरभ बाबू ने आज यहां देते हुए बताया कि  खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में मूल्य समर्थन योजना के तहत कामन धान 2040 रूपये प्रति कुन्तल व ग्रेड-ए धान 2060 रूपये प्रति कुन्तल की निर्धारित दर से खरीद की जा रही है। उन्होंने बताया कि क्रय हेतु प्रदेश में खाद्य विभाग व विभिन्न क्रय एजेंसियों द्वारा 4429 क्रय केन्द्र स्थापित किये गये हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 70 लाख मीट्रिक टन खरीद लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष 50 प्रतिशत से अधिक खरीद की जा चुकी है।

प्रदेश के 06 जनपदों के विभिन्न विकास खण्डों में निर्माणाधीन कस्तूरबा
गांधी बालिका विद्यालय हेतु 28 लाख रूपये अवमुक्त

उत्तर प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पूर्ववर्ती एमएसडीपी) के अन्तर्गत प्रदेश के 06 जनपदों के विभिन्न विकास खण्डों में निर्माणाधीन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में अतिरिक्त कक्षा कक्ष एवं अतिरिक्त शौचालय तथा उच्च प्राथमिक स्कूल का उच्चीकरण सम्बन्धी परियोजनाओं के निर्माण हेतु द्वितीय किश्त के रूप में 28 लाख रूपये अवमुक्त किये हैं।
इस सम्बन्ध में जारी शासनादेश के अनुसार अवमुक्त की गयी धनराशि निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को उपलब्ध करा की गयी है। शासनादेश के अनुसार गाजियाबाद के विकास खण्ड राजापुर हेतु 7.27 लाख रूपये, बरेली के विकास खण्ड- बहेड़ी, नवाबगंज, शेरगढ़, दमखेड़ा, भोजीपुर, चैनपुर एवं फहेतगंज हेतु 12.60 लाख रूपये, मुरादाबाद के ब्लाक दिलारी तथा भगतपुर हेतु 1.66 लाख रूपये, श्रावस्ती के विकास खण्ड जमुनहा हेतु 70 हजार रूपये बलरामपुर हेतु 3.47 लाख रूपये तथा सीतापुर के विकास खण्ड लहरपुर हेतु 2.30 लाख रूपये अवमुक्त किये गये हैं।
इस सम्बन्ध में जारी शासनादेश में निर्देश दिये गये है कि अवमुक्त राज्यांश की धनराशि के आहरण एवं व्यय के पूर्व यह सुनिश्चित किया जायेगा कि तत्सम्बन्धी मैचिंग केन्द्रांश अवमुक्त है। अवमुक्त धनराशि के आहरण एवं व्यय के पूर्व यह सुनिश्चित किया जायेगा कि पूर्व निर्गत किया गया राज्यांश कोषागार से आहरित नहीं किया गया है। योजनान्तर्गत केन्द्रांश उपलब्ध है यह सुनिश्चित किये जाने के उपरान्त ही धनराशि का कोषागार से आहरण किया जायेगा। योजना पर राज्य सरकार एवं भारत सरकार के सक्षम स्तर का अनुमोदन प्राप्त है, यह सुनिश्चित किया जायेगा। परियोजना हेतु स्वीकृत धनराशि के व्यय में वित्तीय नियमों का पालन किया जायेगा तथा केन्द्र सरकार द्वारा इस वित्त पोषित योजना के सम्बन्ध में लगाई गयी शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।

राज्य सड़क निधि योजना के अन्तर्गत वाराणसी मण्डल के विभिन्न जनपदों के कुल 24 मार्गों के स्वीकृत कार्यों हेतु 25 करोड़ 53 लाख 18 हजार की अवशेष धनराशि की गयी अवमुक्त

उ0प्र0 सरकार द्वारा राज्य सड़क निधि योजना के अन्तर्गत वाराणसी मण्डल के विभिन्न जनपदों के कुल 24 मार्गों के स्वीकृत कार्यों हेतु 25 करोड़ 53 लाख 18 हजार रूपए की अवशेष धनराशि अवमुक्त की गयी है। जारी शासनादेश के अनुसार 21 चालू कार्यों में जनपद गाजीपुर के 13, वाराणसी के 09 तथा जौनपुर के 02 कार्य शामिल हैं। इस सम्बन्ध में आवश्यक शासनादेश उ०प्र० शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है।
जारी शासनादेश में सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि आवंटित धनराशि का उपयोग प्रत्येक दशा में 31 मार्च 2023 तक कर लिया जाय एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र शासन को 30 अप्रैल 2023 तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय। शासनादेश में यह भी निर्देश दिये गये हैं कि आवंटित धनराशि के सापेक्ष व्यय, वित्त विभाग द्वारा निर्गत आदेशों/ज्ञापों में उल्लिखित शर्तों के अनुसार वित्तीय हस्तपुस्तिका के नियमों, स्थायी आदेशों तथा राज्य सड़क निधि नियमावली में किये गये प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुये कार्यों को सम्पादित किया जाय तथा राज्य सड़क निधि के कार्यों की वित्तीय/भौतिक प्रगति का सक्षम स्तर पर सम्यक निरीक्षण/सत्यापन कर प्रगति रिपोर्ट हर माह शासन को उपलब्ध करायी जाय तथा इन कार्यों में वित्तीय नियमों का अक्षरसः अनुपालन सुनिश्चित किया जाय एवं परियोजना को ससमय पूर्ण किया जाय।

राज्य सड़क निधि योजना के अन्तर्गत लखनऊ मण्डल के विभिन्न जनपदों के कुल 53 चालू कार्यों हेतु 35 करोड़ 99 लाख 43 हजार की अवशेष धनराशि की गयी अवमुक्त

उ0प्र0 सरकार द्वारा राज्य सड़क निधि योजना के अन्तर्गत लखनऊ मण्डल के विभिन्न जनपदों के कुल 53 चालू कार्यों हेतु 35 करोड़ 99 लाख 43 हजार रूपए की अवशेष धनराशि अवमुक्त की गयी है। जारी शासनादेश के अनुसार 53 चालू कार्यों में जनपद लखनऊ के 22, हरदोई के 15, उन्नाव के 09 तथा सीतापुर के 07 कार्य शामिल हैं। इस सम्बन्ध में आवश्यक शासनादेश उ०प्र० शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है।
जारी शासनादेश में सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि आवंटित धनराशि का उपयोग प्रत्येक दशा में 31 मार्च 2023 तक कर लिया जाय एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र शासन को 30 अप्रैल 2023 तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय। शासनादेश में यह भी निर्देश दिये गये हैं कि आवंटित धनराशि के सापेक्ष व्यय, वित्त विभाग द्वारा निर्गत आदेशों/ज्ञापों में उल्लिखित शर्तों के अनुसार वित्तीय हस्तपुस्तिका के नियमों, स्थायी आदेशों तथा राज्य सड़क निधि नियमावली में किये गये प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुये कार्यों को सम्पादित किया जाय तथा राज्य सड़क निधि के कार्यों की वित्तीय/भौतिक प्रगति का सक्षम स्तर पर सम्यक निरीक्षण/सत्यापन कर प्रगति रिपोर्ट हर माह शासन को उपलब्ध करायी जाय तथा इन कार्यों में वित्तीय नियमों का अक्षरसः अनुपालन सुनिश्चित किया जाय एवं परियोजना को ससमय पूर्ण किया जाय।

पत्र सूचना शाखा
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग-उ0प्र0

1790 स्टाफ नर्सों की नियुक्ति को हरी झंडी, हर साल दो हजार भर्तियां होंगी

राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सोसाइटी की शासी निकाय
बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

प्रधानाचार्यों के अधिकारों की वृद्धि, गणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध
कराने हेतु अलग-अलग फंड बनाए जाएंगे

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने की अध्यक्षता, विभागीय अफसर व
संस्थानों के प्रधानाचार्य रहे उपस्थित

स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सोसाइटी की शासी निकाय बैठक में मंगलवार को कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मुहर लगी। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रमुख सचिव (चिकित्सा शिक्षा) आलोक कुमार, विभागीय अफसरों व महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों की उपस्थिति में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें नर्सिंग सेवा परिनियमावली को स्वीकृति, महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों के अधिकारों में वृद्धि व अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु अलग-अलग फंडों को लेकर अनुमति प्रदान की गई। पहले चरण में 1790 स्टाफ नर्सों की नियुक्ति को भी हरी झंडी मिली है।
योजना भवन के वैचारिकी हॉल में उप मुख्यमंत्री व सोसाइटी के पदेन अध्यक्ष ब्रजेश पाठक की अध्यक्षता में आहूत बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के दौरान तीन अहम निर्णय लिए गए। इनमें नर्सिंग सेवा परिनियमावली को स्वीकृति, प्रधानाचार्यों के अधिकारों में वृद्धि व धन की व्यवस्था के लिए अलग-अलग फंड बनने पर अध्यक्ष ने सहमति प्रदान की। नर्सिंग सेवा परिनियमावली स्वीकृति के तहत पहले चरण में 1790 स्टाफ नर्सों की नियुक्ति होगी। नियुक्ति हेतु एसजी पीजीआई को परीक्षा कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। तीन माह में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी प्रक्रिया को अपनाते हुए हर साल करीब दो हजार नर्सों की नियुक्ति की जाएगी। सरकार की ओर से जो भी वादा किया गया है, वो पूरा किया जाएगा। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की ओर से व्यापक स्तर पर योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
प्रमुख सचिव (चिकित्सा शिक्षा) आलोक कुमार ने बताया कि दूसरे महत्वपूर्ण निर्णय के तहत इन महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को नियुक्ति, अवकाश स्वीकृति, क्रय, अनुरक्षण व अन्य प्रशासनिक व वित्तीय अधिकारों का अनुमोदन किया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर ही निर्णय लेने में आसानी रहेगी एवं योजनाओं के क्रियांवयन में भी विलम्ब नहीं होगा। महाविद्यालयों के बैंक खातों को संचालित करने के लिए भी प्रधानाचार्यों को अधिकार दे दिए गए हैं। इन बैंक खातों में जमा धन का उपयोग मरीजों व छात्रों के हित में किया जाएगा।
तीसरे महत्वपूर्ण निर्णय के तहत संबंधित संस्थानों में दवा व उपकरण खरीदने हेतु एसजी पीजीआई की तर्ज पर हॉस्पीटल रिवॉल्विंग फंड (एचआरएफ) व पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी व मरीजों को अन्य जांचें उपलब्ध कराने के लिए इंवेस्टिगेशन रेंडरिंग फंड (आईआरएफ) की व्यवस्था को भी हरी झंडी मिल गई है। इन फंडों के जरिए स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को सभी सुविधाएं मिल जाएंगी। डिप्टी सीएम ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया कि मरीजों की देखरेख में किसी तरह की कोताही न बरती जाए। स्थानीय स्तर पर ही मरीज को इलाज मिल जाए। गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है।

गन्ना मंत्री 29 दिसम्बर को करेंगे विभागीय समीक्षा बैठक

उत्तर प्रदेश के चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास कैबिनेट मंत्री श्री लक्ष्मी नारायण चौधरी 29 दिसंबर, 2022 को पेराई सत्र 2021-22 के अवशेष गन्ना मूल्य के भुगतान की समीक्षा करेंगे।
गन्ना विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पेराई सत्र 2021-22 के चीनी मिल समूह मोदी, सिंभावली, बजाज एवं राणा (ऊन) तथा चीनी मिल शामली के अवशेष गन्ना मूल्य के भुगतान की समीक्षा हेतु बैठक गन्ना मंत्री द्वारा अपने कार्यालय कक्ष में आहूत की गई है।

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