Wednesday, April 14, 2021
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गाजियाबाद में नाइट कर्फ्यू: गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहा किसान आंदोलन का क्या होगा? कमिश्रर ने जवाब दिया


नाइट कर्फ्यू के दौरान पुलिस बरतेगी सख्ती।

नाइट कर्फ्यू के दौरान पुलिस बरतेगी सख्ती।

मेरठ समाचार: कोरोना केस बढ़ने के बाद अब गाजियाबाद (गाजियाबाद) में नाइट कर्फ्यू (नाइट कर्फ्यू) लगा दिया गया है। अब सवाल ये है कि गाजीपुर बार्डर (गाजीपुर बॉर्डर) पर होने वाले किसान आंदोलन पर क्या असर पड़ेगा?

मेरठ। मेरठ (मेरठ) मंडल के तीन जिलों में नाइट कर्फ्यू (नाइट कर्फ्यू) गुरुवार रात दस बजे से सुबह पांच बजे तक लागू रहेगा। ये तीन जिले हैं गौतमबुद्धनगर गाज़ियाबाद और मेरठ। गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में जहां 17 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू लगाया गया है तो वहीं मेरठ में 18 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। मेरठ मंडल के कमिश्रनर ने बताया कि नाइट कर्फ्यू को लेकर विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। गाजियाबाद में नाइट कर्फ्यू के बाद गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहा किसान आंदोलन का क्या होगा? इस सवाल के जवाब में कमिश्रनर ने कहा कि नाइट कर्फ्यू का मतलब मूवमेंट रोक दिया गया है।

कमिश्नर ने कहा कि गाजियाबाद के गाजीपुर बॉर्डर पर भी रात दस बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा। कमिश्नर ने कहा कि जो जहां है वहीं रहेगा, कोई विलाप नहीं होगा। जो लोग रात को मूवमेंट करते हैं वो चाहे कोई भी हों, सभी वर्गों के लिए ये लागू होगा। केवल अति आवश्यक सेवाओं वाले लोगों को ही छूट रहेगी। उन्होंने कहा कि नाइट कर्फ्यू लगाने में जीरो टॉलरेंस की व्यवस्था रहेगी।

नाइट कर्फ्यू को आवश्यक निर्देश जारी करें

कमिश्रार ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में स्थित होने के कारण मेरठ मंडल के तीन ज़िलों में कोरोना का संक्रमण ज्यादा है। ये तीन जनपदों में सौ के करीब या सौ से ज्यादा मामले आ रहे हैं। गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद और मेरठवर्ड एनसीआर से जुड़े हैं। यहाँ भारी संख्या में लोग ट्रेन बस आदि से यात्रा करते हैं। इसलिए एहतियात के तौर पर सभी कदम उठाए जा रहे हैं और रात्रि कालीन कर्फ्यू लगाया गया है। भविष्य में जैसे परिणाम आएंगे उसी के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। लोगों को समस्याएँ ना हो इसके लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। पंचायत चुनाव में जिनकी ड्यूटी लगी है स्वास्थ्य कर्मी, प्रिंटर और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, जो लोग भी अतिआवश्यक सेवाओं से जुड़े हैं उन्हें उन्त कर्फ्यू में छूट दी गई है। कमिश्रनर ने कहा कि अतिआवश्यक कार्य को छोड़कर सभी आंदोलनोंिया बंद रहेंगी। ये भी पढ़ें: किसान प्रोटेस्ट: फिर दिल्ली कूच की तैयारी में किसान, 13 अप्रैल से जंतर मंतर में अनशन की पूछ अनुमति

दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे अपने-अपने जिले में अपने स्तर पर वहां की स्थिति को देखते हुए रात्रि कर्फ्यू के संबंध में निर्णय ले सकते हैं। उन जिलों में स्थानीय प्रशासन को रात्रि कर्फ्यू लगाने के लिए अधिकृत किया जा रहा है जहां 500 से ज्यादा मामले हैं और रोजाना 100 नए मामले आ रहे हैं।








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