Monday, May 17, 2021
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कानपुर में कोरोना के टूटने के पूरे रिकॉर्ड, जांचकर्ता रिपोर्ट हासिल करना बड़ी चुनौती है


कानपुर में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है।

कानपुर में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है।

कानपुर समाचार: उत्तर प्रदेश के कानपुर में कोरोना अंतराल तेजी से बढ़ने लगा है। स्थिति ये है कि पिछले एक सप्ताह में रोज आने वाले स्वभाव के अस्थों में भारी बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। वहाँ डॉक्टरों, एकारेंस और दवाओं की भारी कमी देखी जा रही है।

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर (कानपुर) में कोरोना (COVID-19) का कहर जारी है। कोरोना मौत (कोरोना डेथ्स) के आंकड़े भी बढ़ते जा रहे हैं। बीते 1 सप्ताह में 30 से ज्यादा मौतें हुई हैं। इसी तरह रोगियों की संख्या तीन हजार को पार कर चुकी है। बीते 3 दिन में रोजाना कोरोनावायरस टाइपों की संख्या के रिकॉर्ड टूट रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी न तो शारीरिक दूरी का पालन हो रहा है और ना ही चेहरे लगाए जा रहे है। जांचों की स्थिति ये है कि सरकारी अस्पतालों से 48 तो निजी अस्पतालों से 24 घंटे में अब जांच रिपोर्ट आ रही है।

कानपुर के हैलट अस्पताल की बात करें या बात करें काशीराम ट्रामा सेंटर की या उर्सला की, तीनों ही जगह मरीज भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। अगर 320 बेड के हैलट अस्पताल में सिर्फ 200 ही मरीज हैं क्योंकि पिछले 3 दिनों में हैलट अस्पताल के चिकित्सक, प्राचार्य, उप प्राचार्य, मेडिकल सुपरिटेंडेंट सहित तमाम तकनीकी स्टाफ कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। कानपुर में शारीरिक दूरी के पालन से परहेज, चेहरे ना लगाना, बेवजह भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने का खामियाजा खतरे के रूप में सामने आ रहा है।

हर रोज 5 से ज्यादा लोगों की मौत

कानपुर में आंकड़ा 1200 को पार कर गया और रोजाना 5 से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है। अगर सक्रिय केसों की संख्या की बात करें तो 5829 पहुंच गई है। अब तक कुल 900 लोगों की वायरस की चपेट में आकर मौत हो चुकी है। लेकिन फिर भी कानपुर में प्रशासनिक लापरवाही और लोगों की लापरवाही चरम पर है। डेढ़ सौ से ज्यादा क्षेत्र प्रभावित हैं लेकिन उसके बाद भी यहां नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।प्रशासन की छापेमारी महज खानापूर्ति

बसंत पर भी सैंपलिंग के दौरान 27 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। प्रशासन सिर्फ खानापूर्ति करने के लिए छापेमारी की कार्रवाई कर रहा है। एर्केन्स की बात की जाए तो हैलट अस्पताल के लिए 8, उर्सला में तीन और काशीराम ट्रामा सेंटर में 5 एर्मेंस रिजर्व हैं। सरकार द्वारा तमाम संसाधन स्वास्थ्य पर को मुहैया कराए गए हैं लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही साफतौर पर देखी जा सकती है। वहीं जिन दवाइयों से ऑक्सीजन को बढ़ाने की बात की जाती है, उन दवाइयों का टोटा है।








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