Wednesday, April 14, 2021
Home Desh उच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग से सवाल किया कि चुनावी रैली में...

उच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग से सवाल किया कि चुनावी रैली में कोरोना दिशानिर्देशों के उल्लंघन के लिए कोई जुर्माना क्यों नहीं? हाईकोर्ट का चुनाव आयोग से सवाल- चुनावी रैली में कोरोना गाइडलाइंस के उल्लंघन पर मुहर क्यों नहीं?


देश में लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच चुनावी रैली में नेताओं के द्वारा ही कोविड गाइडलाइंस का उल्लंघन के आरोप वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है।

द्वारा लिखित : अरविंद सिंह | द्वारा संपादित : कुलदीप सिंह | Updated पर: 08 अप्रैल 2021, 01:46:39 PM

दिल्ली उच्च न्यायालय

चुनावी रैली में कोरोना गाइडलाइंस के उल्लंघन पर भय क्यों नहीं? (फोटो क्रेडिट: न्यूज नेशन)

नई दिल्ली:

देश में लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच चुनावी रैली में नेताओं के द्वारा ही कोविड गाइडलाइंस का उल्लंघन के आरोप वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने पूछा कि गृह मंत्रालय से भी इस मामले में जवाब मांगा है। इस अर्जी में मांग की गई है कि केंद्रीय चुनाव आयोग को निर्देश दिया जाए कि वह केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए निर्देशों का सख्ती से पालन करवाएं और इसके लिए राजनीतिक दलों और चुनाव की ड्यूटी में लगे अधिकारियों को निर्देश दें। याचिका में कहा गया कि चुनाव आयोग को अनुच्छेद 324 के तहत क़ानूनी और संवैधानिक नियमों को बरकरार रखना चाहिए।

17 मार्च को यूपी के पूर्व डीजीपी और थिंक टैंक सीएएससी के चेयरमैन विक्रम सिंह ने ये याचिका हाईकोर्ट में दायर की थी। कोर्ट ने उस याचिका पर 22 मार्च को सुनवाई करते हुए नोटिस जारी करके केंद्रीय गृह मंत्रालय और चुनाव आयोग से 30 अप्रैल तक अपना जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था।

यह भी पढ़ें: कोरोना: किस राज्य में लॉकडाउन और कहां लगाई नाइट कर्फ्यू? यहाँ जानें

पिछली सुनवाई में याचिकाकर्ता विक्रम सिंह की ओर से पेश हुए वकील गण गुप्ता ने दलील दी कि को विभाजित के बढ़ते खतरे के बीच चुनाव आयोग की दलील बेबुनियाद है। 26 फरवरी के आयोग के नोटिफिकेशन के मुताबिक चुनाव से जुड़ी किसी भी गतिविधि में शामिल हर शख़्स के लिए कामकाज पहनना ज़रूरी है। वकील आपसी गुप्ता ने कोलकाता- दिल्ली फ्लाइट के दौरान यात्रियों द्वारा पूछे जाने वाले सवालों के पहनने के मसले पर जस्टिस हरिशंकर के स्वत: संज्ञान लेने वाले आदेश का हवाला दिया।

उन्होंने कहा- इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में ज़रूरी दिशा निर्देश जारी किया, जिन पर अमल होने के कारण कामकाज न पहनने पर बहुत सारे लोगों को फ्लाइट में बैठने की इजाज़त नहीं दी गई। इस मामले में दिशानिर्देश DDCA को जारी किए गए। जब दिल्ली हाईकोर्ट कोलकाता टर्मिनल पर वर्क न पहनने की घटना पर संज्ञान ले सकता है तो कोर्ट इस याचिका पर भी संज्ञान ले सकता है। चुनाव आयोग को अनुच्छेद 324 के तहत क़ानूनी और संवैधानिक नियमों के तहत चुनाव करना चाहिए। हालांकि कोर्ट ने दोनों की दलील सुनने के बाद गृह मंत्रालय और चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर दिया।

यह भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में अब 2 दिन का तालाडाउन, शनिवार-रविवार सब बंद रहेगा

याचिका में क्या कहा गया है
कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन का मौलिक अधिकार है और चुनाव प्रक्रिया के दौरान प्रचारकों और नेताओं के फैसलों में पहनने की वजह से उनका यह अधिकार प्रभावित होता है। चुनाव आयोग ने इसके लिए दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। अगर इनका पालन नहीं होता है तो न्यायालय आयोग को उन पर प्रचार से रोकना चाहिए।



संबंधित लेख

पहली प्रकाशित: 08 अप्रैल 2021, 01:46:39 अपराह्न

सभी के लिए नवीनतम भारत समाचार, न्यूज नेशन डाउनलोड करें एंड्रॉयड तथा आईओएस मोबाइल क्षुधा।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments