Monday, May 17, 2021
Home Business इनकम टैक्स: एम्प्लॉइयर डिमांड रही है ये डिवेलपमेंट डिक्लेरेशन? यहां जानें...

इनकम टैक्स: एम्प्लॉइयर डिमांड रही है ये डिवेलपमेंट डिक्लेरेशन? यहां जानें टैक्स रेमेडी के 18 तरीके


वित्तीय वर्ष 2020-21 की शुरुआत हो चुकी है। अगर आप सैलरीड हैं, तो आपका एम्प्लॉइयर आपको टैक्स डिक्लेरेशन करने के लिए बार-बार मेल भेजना होगा। वित्तीय वर्ष के प्रारंभ यानी अप्रैल में हम कंपनी को इन्वेस्टमेंट डिक्लेरेशन (निवेश घोषणा) देते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि आप कहां और कैसे टैक्स बचाने के विकल्प कंपनी को दे सकते हैं।

80C के तहत मिलने वाली छूट
शिशु अधिनियम की धारा 80 सी के तहत सरकार 1,50,000 रुपये तक के निवेश पर कर छूट देती है। इसमें कई तरह के निवेश के विकल्प शामिल हैं। नीचे उन विकल्पों के बारे में जानते हैं —

1. होम लोन के मूलधन पर कर छूट
अगर आपने घर खरीदने या बनने के लिए होम लोन लिया है और उसे ईएमआई में रहा है तो आपको टैक्स सेविंग में फायदा मिलेगा। इसकी वजह यह है कि होम लोन में मूलधन यानी प्रिंसपल अमाउंट सेक्शन 80 सी के तहत टैक्स फ्री है।

2.बचनों की पढ़ाई पर टैक्स छूट है
बच्चों की पढ़ाई की फीस के तहत दी जाने वाली ट्यूशन फीस इनकम टैक्स के सेक्शन 80 सी के तहत टैक्स सेविंग के दायरे में आती है। ” ये छूट सरकारी या प्राथमिक विद्यालय, कॉलेज या संस्थान में जमा की गई ट्यूशन फीस पर ही मिलती है। यह छूट सिर्फ फुल टाइम रेुलर कोर्सों के लिए दो बच्चों की पढ़ाई तक सीमित होती है।

3. सार्वजनिक ऋण (पीपीएफ)
सार्वजनिक प्रोविडेंट फंड (पीसीबीएफ) लंबी अवधि का एक लोकप्रिय निवेश विकल्प है। यह न सिर्फ सुरक्षित निवेश माना जाता है, बल्कि इसमें बेहतर ब्याज भी मिलता है। साथ ही इसमें किया जाने वाला पूरा निवेश कर मुक्त होता है। पीसीएफ खाते पर सालाना आधार पर 7.1 फीसद की दर से ब्याज मिलता है। मिलने वाला ब्याज भी कर मुक्त होता है। परिपक्वता पर मिलने वाली राशि भी पूरी तरह से कर मुक्त होती है।

4. कर्मचारी भविष्य निधि (EPF)
सैलरी पाने वाले एंप्लॉयी इस विकल्प में पहले से ही इन्वेस्ट कर रहे हैं। हर महीने आपको मिलने वाले वेतन के बेसिक का 12% राशि आपके ईपीएफ खाते में राशि जमा हो जाती है। अगर आप चाहें तो स्वेच्छा से अधिक का योगदान भी कर सकते हैं।

5. ईएलएसएस में कर सकते हैं निवेश
ईएलएसएस म्यूचुअल फंड में निवेश की योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य टैक्स बचाने के साथ ही अच्छा क्लिक दिलाना है। क्लिक करने पर एक अप्रैल 2018 से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगाने के बावजूद यह निवेश रिटर्न के लिहाज से अच्छा है। ईएलएसएस से केवल एक लाख से अधिक का लाभ एलोमजी कर के तहत कर योग्य होगा।

6. जनरल सिटिजन सेविंग स्कीम
वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (एससीएसएस) शिशु एक बेहतर योजना है। सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में वर्तमान में 8.7 फीसद की दर से ब्याज मिल रहा है। इस स्कीम में किया जाने वाला निवेश थॉमस अधिनियम, 1961 की धारा 80 सी के तहत कर छूट के दायरे में आता है।

7. बैंक में पांच साल की एफडी
शिशु की धारा 80 सी के तहत शिशु बचाने के लिए सावधि जमा योजना (एफडी) पुरानी और सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली निवेश योजना है। इस पर अभी बैंक 4.5% से 7.5% प्रतिवर्ष के बीच ब्याज दे रहे हैं। एफडी से प्राप्त होने वाले ब्याज पर कर चुकाना पड़ता है। टैक्स बचाने के लिए अगर आप एफडी में निवेश कर रहे हैं तो आपको 5 साल की लॉक-इन अवधि के लिए निवेश करना होगा। इससे कम अवधि के निवेश पर आप कर छूट का लाभ नहीं ले पाएंगे। कई बैंक टैक्स सेविंग एफडी के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध करवाते हैं। परिपक्वता के बाद राशि आपके बैंक खाते में आ जाती है।

8. बीमा प्रीमियम
लाइफ इंश्योरेंस या बीमा पॉलिसी पर हैए प्रीमियम पर सेक्शन 80 सी के तहत टैक्स छूट का फायदा उठा सकते हैं। सेक्शन 80 सी के तहत टैक्स लाभ लेने के लिए आपको हर साल नया प्लान लेने की जरूरत नहीं है। हर साल की गई जा रही प्रीमियम पर टैक्स छूट ले सकते हैं।

9. सुकन्या समृद्धि योजना
केंद्र सरकार की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत लॉन्च की गई यह स्कीम बेटियों के लिए बड़े फंड तैयार करने के लिए के लिए बेहतर विकल्प है। यदि आपकी बेटी की उम्र 10 साल से कम है तो आप यह खाता खोल सकते हैं। यह खाता आपकी बेटी के 21 वर्ष का होने पर मैच्योर होगा। इस पर टैक्स छूट का लाभ भी उठा सकते हैं।

10. टर्म लाइफ इंश्योरेंस
टर्म लाइफ इंश्योरेंस के लिए चुकाई गई प्रीमियम की राशि पर आप इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80 सी के तहत टैक्स छूट का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इंश्योरेंस प्लान मूल रूप से बहुत मामूली प्रीमियम पर काफी अधिक जीवन बीमा कवर खरीदने का मौका देता है।

11.स्टांप ड्यूटी पर भी ले सकते हैं
घर खरीदने पर दी स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण चार्ज पर भी सेक्शन 80 सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट ली जा सकती है। फिर चाहे घर लोन के बारे में खेला जाए या फिर अपने पैसों से। यह छूट उसी वर्ष ली जा सकती है। यदि किसी ने जॉइंट में प्रॉपर्टीज़ है, तो दोनों कंपनियों के स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण चार्ज पर टैक्स छूट का दावा अपनी-अपनी भागीदारी के मुताबिक कर सकते हैं। हालांकि इस सूरत में भी केवल 1.5 लाख रुपये तक का ही लाभ मिलेगा।

अब ऐसे निवेश के बारे में जानते हैं जो 80 सी में नहीं आते हैं पर टैक्स बचाने में काफी मददगार हैं। ये निवेश या हुए खर्च के जरिए आप डेढ़ लाख से अतिरक्त टैक्स बचा सकते हैं।

1.NPS में निवेश कर ले 50000 की और छूट हो सकती है
एनपीएस यानी नेशनल पेंशन सिस्टम में निवेश करने पर भी टैक्स में छूट मिलती है। शिशु की धारा 80 (1 बी) के तहत कोई करदाता 50,000 रुपये तक के निवेश पर कर छूट का दावा कर सकता है। यानी आप 80 सी के तहत 1.5 लाख रुपये के निवेश पर छूट पा रहे हैं और एनपीएस में भी निवेश कर रहे हैं तो 2 लाख रुपये पर टैक्स डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं।

2. एजुकेशन लोन पर भी छूट है
ग्रैज्यूशन और पोस्ट ग्रैज्यूशन लेवल की पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन पर जो ब्याज दिया जाता है, वह टैक्स फ्री होता है। यह प्रावधान इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80 ई के तहत है और किसी भी अमाउंट में लिए गए लोन पर लागू होता है।

3.हेल्थ इंश्योंसेन्स पर छूट
देश में इलाज कराने का खर्च तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में हर किसी के लिए स्वास्थ्य इंश्योरेंस लेना जरूरी हो गया है। आप स्वास्थ्य इंश्योरेंस के बारे में न सिर्फ बीमारी के समय वित्तीय बोझ से बच सकते हैं बल्कि शिशु से भी छूट प्राप्त कर सकते हैं। भौतिकी अधिनियम 1961 की धारा 80 डी के तहत आपको अपने लिए, अपने पति / पत्नी और बच्चों के लिए दिए गए सभी स्वास्थ्य इंश्योरेंस प्रीमियम पर 25,000 रुपये तक की कर छूट प्राप्त कर सकते हैं। आप 60 वर्ष से कम उम्र के माता-पिता के लिए खरीदी गई स्वास्थ्य नीति के प्रीमियम पर अलग से 25,000 रुपये तक थॉमस छूट का दावा कर सकते हैं।) यदि आपके माता-पिता वरिष्ठ नागरिक हैं तो आप इस मद में 50,000 रुपये तक छूट का दावा कर सकते हैं।

4. स्वास्थ्य चेकअप पर छूट
प्रिवेंटिव हेल्थ चेक-अप कराने के फायदे ही फायदे हैं। जहां आप रिश्युलर हेल्थ चेकअप करवा कर कई बीमारियों के बारे में पहले ही प्रकट हो सकते हैं, वहीं टैक्स भी तुरंत समाप्त हो जाएगा। प्रिवेंटिव हेल्थ चेक-अप के 5 हजार रुपये तक के बिल टैक्स छूट मिलते हैं।

5. साइकलिंगता के इलाज पर राहत
अगर परिवार में कोई विकलांग है तो उसके इलाज के खर्च की राशि पर शिशु में छूट का दावा किया जा सकता है। धारा 80 डीडी के तहत 75,000 रुपये तक के खर्च पर कर छूट का दावा किया जा सकता है। वहीं, गंभीर रूप से विकलांग लोगों के इलाज के लिए 1,25,000 रुपये तक के खर्च पर कर छूट का दावा किया जा सकता है।

6. एचआरए पर छूट का दावा
यदि आप जॉब में हैं और नियोक्ता से एचआरए पाते हैं तो आप उन राशि पर कर का बोझ कर सकते हैं। यदि नियोक्ता से मिलने वाले वेतन में एचआरए शामिल नहीं है और आप किराए पर रहते हैं तो आप इस राशि पर शिशु कानून के सेक्शन 80 जीजी के तहत कर छूट पाने का दावा कर सकते हैं। एचआरए पर कर छूट का दावा करने के लिए आपको फॉर्म 10 बीए में घोषणा करनी पड़ती है।

7. होम लोन के ब्याज पर मिलने से छूट है
इनकम टैक्स के सेक्शन 24 के अनुसार आपको होम लोन पर भरे जाने वाले ब्याज पर छूट मिलती है। होम लोन के ब्याज पर अधिकतम छूट दो लाख रुपये की मिलती है।

SBI ढूँढना- ऑनलाइन एफडी कराने के चक्कर में खाली न हो जाए खाता!



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

मंद भाव: तेजी से बढ़ने वाली घटना और दैहिक के जैसे ये राज

भोजन में प्रोटीन के स्तर पर प्रोटीन का प्रदर्शन किया जाता है। सरसों मौसम खराब होने के मौसम में खराब...

2021 वोक्सवैगन टी-आरओसी की भारत में लॉन्च करने के लिए,…

डिजिटल नई दिल्ली। संचार के मामले में नियामक वोक्सवैगन (क्वाक्सवेगन) ने मार्च 2021 में टी-रॉक (टी-रोक) को भारत में इस्तेमाल किया...

Recent Comments